Friday, July 24, 2026
Homeअंतर्राष्ट्रीय समाचारबांग्लादेश के राष्ट्रपति ने इस्तीफा दिया:कहा- बीमार हूं, कई बार बेहोश हो...

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने इस्तीफा दिया:कहा- बीमार हूं, कई बार बेहोश हो जाता हूं; दावा- शेख हसीना से बातचीत की जानकारी लीक हुई




बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा संसद (जातीय संसद) के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद को सौंपा। राष्ट्रपति ने इस्तीफे की वजह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को बताया है। अपने इस्तीफे में शहाबुद्दीन ने लिखा- मैं लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और किडनी की बीमारी से जूझ रहा हूं। हाल ही में डॉक्टरों ने मुझमें ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी नाम की बीमारी का पता लगाया है। इस बीमारी की वजह से कई बार अचानक कुछ समय के लिए बेहोशी आ जाती है। शारीरिक और मानसिक स्थिति को देखते हुए अब राष्ट्रपति जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद की जिम्मेदारियां निभाना संभव नहीं है। पिछले कुछ दिनों से बांग्लादेशी मीडिया में उनके इस्तीफे की अटकलें लगाई जा रही थीं। कई रिपोर्टों में दावा किया गया था कि उन्होंने पूर्व पीएम शेख हसीना से फोन पर बातचीत की कोशिश की थी। इस खबर के बाहर आने के बाद प्रधानमंत्री नाराज हो गए थे। हसीना के देश छोड़ने के बाद भी पद नहीं छोड़ा था मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अप्रैल 2023 में राष्ट्रपति पद संभाला था। जुलाई-अगस्त 2024 में हुए छात्र आंदोलन के बाद अवामी लीग सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। उस आंदोलन के कारण तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा था। इसके बाद शहाबुद्दीन ही अवामी लीग सरकार के दौर के एकमात्र संवैधानिक पदाधिकारी थे, जो 2 साल बाद भी पद पर बने हुए थे। लंदन दौरे पर शेख हसीना से बातचीत का आरोप वह 9 मई को इलाज के लिए लंदन गए थे और 18 मई को ढाका लौटे थे। बांग्लादेशी समाचार पत्रों की रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ने भारत में रह रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बातचीत की थी। जैसे ही इस बातचीत की भनक बीएनपी (BNP) के शीर्ष नेतृत्व को लगी, उन्होंने इसे बहुत गंभीरता से लिया। इसके बाद राष्ट्रपति तक यह मैसेज पहुंचाया कि शेख हसीना से संपर्क साधना या बातचीत करना मौजूदा राजनीतिक माहौल में स्वीकार्य नहीं है और उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। अखबार प्रोथोम आलो ने भी सरकार के एक सीनियर अधिकारी के हवाले से बताया कि सरकार इस बात से नाराज है कि राष्ट्रपति ने हाल ही में शेख हसीना से दोबारा संपर्क करने की कोशिश की थी। ‘शेख हसीना के ऐलान की वजह से कुर्सी गई’ शहाबुद्दीन का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कुछ दिन पहले रॉयटर्स से कहा था कि वह भारत में निर्वासन खत्म कर बांग्लादेश लौटेंगी और अदालत में चल रही कानूनी कार्रवाई का सामना करेंगी। शेख हसीना के इस ऐलान के बाद सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेताओं ने राष्ट्रपति शहाबुद्दीन पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ा दिया। द डेली स्टार ने BNP के एक सीनियर नेता के हवाले से बताया कि शेख हसीना के ऐलान के बाद देश का राजनीतिक माहौल और ज्यादा संवेदनशील हो गया। अगर शेख हसीना की वापसी के दौरान राष्ट्रपति अपने पद पर बने रहते तो वे उनके फायदे के लिए कदम उठा सकते थे और किसी फैसले को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते थे। अगर कोई संवैधानिक विवाद पैदा होता, तो वह उसे संभालने में भूमिका निभा सकते थे। यही वजह रही कि उन पर इस्तीफे का दबाव ज्यादा बढ़ गया। अब स्पीकर राष्ट्रपति की जिम्मेदारी निभाएंगे बांग्लादेश के संविधान के अनुच्छेद 54 के मुताबिक, नए राष्ट्रपति के चुने जाने तक संसद के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके बाद संसद को 90 दिनों के भीतर नया राष्ट्रपति चुनना होगा, जो मौजूदा कार्यकाल का बाकी समय पूरा करेगा। मोहम्मद शहाबुद्दीन का कार्यकाल अप्रैल 2028 तक चलना था। इलाज के लिए बैंकॉक गए थे, दो दिन पहले लौटे स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद 19 जुलाई को इलाज के लिए थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक गए थे। उनकी वापसी रविवार को तय थी, लेकिन उन्होंने अपना दौरा बीच में ही खत्म कर दो दिन पहले ढाका लौटने का फैसला किया। ढाका हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा था कि विदेश में होने के कारण उन्हें राष्ट्रपति के इस्तीफे के फैसले की जानकारी नहीं थी।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments