Tuesday, July 21, 2026
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चीन में डिलीवरी ब्वॉय को सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान मिला:ग्राहक की फटकार के बाद लेखक बने, खाना पहुंचाते हुए कई कविताएं लिखीं




चीन में फूड डिलीवरी का काम करने वाले 56 वर्षीय वांग जिबिंग को देश के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मानों में से एक लू शुन साहित्य पुरस्कार मिला है। उनकी कविता संग्रह ‘लो फ्लाइट’ को यह सम्मान दिया गया है। इस किताब की कई कविताएं उन्होंने फूड डिलीवरी के बीच मिले खाली समय में कागज के छोटे-छोटे टुकड़ों पर लिखी थीं। वांग 2019 के आसपास फूड डिलीवरी राइडर बने थे। उनकी कविताएं सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हुए। उनकी नई किताब ‘लो फ्लाइट’ डिलीवरी राइडर्स की रोजमर्रा की परेशानियों, संघर्ष और जीवन पर आधारित है। यह किताब उन्होंने 2024 में प्रकाशित की थी। इसके लिए उन्होंने करीब 200 डिलीवरी राइडर्स से बातचीत की और उनके अनुभवों को अपनी कविताओं में दर्ज किया। उनकी एक कविता की पंक्ति है- किसने कहा कि पंख फैलाने का मतलब सिर्फ ऊंची उड़ान भरना है? नीचे उड़ना भी उड़ान ही है। कस्टमर से मिली फटकार के बाद लिखी कविता- वायरल हुई वांग का जन्म चीन के जियांगसू प्रांत में हुआ था। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें 14 साल की उम्र में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी। इसके बाद उन्होंने निर्माण मजदूर, कबाड़ बीनने वाले और सड़क किनारे सामान बेचने जैसे कई छोटे-मोटे काम किए। बाद में वे फूड डिलीवरी राइडर बन गए। हालांकि, पढ़ने-लिखने का उनका शौक कभी खत्म नहीं हुआ। 2022 में उनकी कविता ‘मैन इन ए हरी’ सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। यह कविता 2019 की एक घटना से प्रेरित थी। उस समय वह जियांगसू के कुनशान शहर में फूड डिलीवरी का काम कर रहे थे। एक ग्राहक ने गलत पता दर्ज कर दिया था। सही घर ढूंढने के लिए वांग को तीन रिहायशी इमारतों में भटकना पड़ा और 18 मंजिल तक सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं। जब वह आखिरकार खाना लेकर पहुंचे तो ग्राहक ने देर होने पर उन्हें डांट दिया। घर लौटते समय उन्होंने अपनी नाराजगी और दर्द को शब्दों में ढाल दिया। इसी से उनकी कविता ‘मैन इन ए हरी’ जन्मी। यह कविता सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। यही से उनके साहित्यिक सफर की शुरुआत हुई। इसके बाद 2023 में उनका पहला कविता संग्रह ‘मैन इन ए हरी: पोएम्स ऑफ ए फूड डिलीवरी राइडर’ प्रकाशित हुआ। इस किताब की एक कविता की एक पंक्ति है- सड़क पर दौड़ता हर आम इंसान अपने हाथ में एक छोटी-सी रोशनी लिए चलता है। यही रोशनी पहले हमें रास्ता दिखाती है और फिर धीरे-धीरे पूरी दुनिया को रोशन कर देती है। 6 हजार से ज्यादा कविताएं लिख चुके वांग अब तक वह 6 हजार से अधिक कविताएं लिख चुके हैं। उनकी कई रचनाएं प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। वांग कहते हैं, “लोग शायद मुझे याद न रखें, लेकिन उन्हें तेज रफ्तार से गुजरता एक फूड डिलीवरी राइडर जरूर याद रहता है।” यही सोच उन्हें लाखों डिलीवरी कर्मियों की जिंदगी पर किताब लिखने की प्रेरणा बनी। वांग का कहना है, मैं चाहता हूं कि इस किताब को पढ़ने के बाद लोग डिलीवरी राइडर्स के प्रति ज्यादा समझदारी और धैर्य दिखाएं, ताकि उनके साथ होने वाले विवाद कम हों। पुरस्कार मिलने के बाद भी नौकरी नहीं छोड़ेंगे पुरस्कार जीतने के बाद वांग ने सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स से कहा कि पुरस्कार मिलने की खबर आने तक वे बेहद घबराए हुए थे। उन्होंने बताया कि मीडिया का बढ़ता ध्यान उनके लिए मानसिक दबाव भी लेकर आया। उन्होंने साफ किया कि पुरस्कार मिलने के बावजूद वे अपनी नौकरी नहीं छोड़ेंगे। उनका कहना है कि वे 60 साल की उम्र तक फूड डिलीवरी का काम जारी रखना चाहते हैं। वांग ने कहा, अब मुझे जीवनयापन के लिए इस नौकरी की जरूरत नहीं है, लेकिन मुझे यह काम पसंद है। इससे मैं सक्रिय और फिट रहता हूं। मैं जमीन से जुड़ी जिंदगी जीना चाहता हूं और यह पुरस्कार मुझे नहीं बदलेगा। चीन में बढ़ रही है मजदूर लेखकों की पहचान वांग जिबिंग उन ब्लू-कॉलर कामगारों की नई पीढ़ी का हिस्सा हैं, जिन्हें हाल के कुछ साल में उनके साहित्यिक लेखन के लिए पहचान मिली है। उनकी रचनाएं चीन की तेजी से बढ़ती गिग इकोनॉमी में काम करने वाले लाखों लोगों के संघर्ष, दबाव और जीवन की सच्चाई को सामने लाती हैं। साल 2023 में पूर्व डिलीवरी कर्मी हू आनयान की आत्मकथा ‘आई डिलीवर पार्सल्स इन बीजिंग’ प्रकाशित हुई थी। यह किताब चीन में बेस्टसेलर बनी और विदेशों में भी चर्चा का विषय रही। पिछले साल इसका अंग्रेजी अनुवाद भी प्रकाशित हुआ। इसी तरह 2017 में प्रवासी मजदूर फान यूसु का आत्मकथात्मक लेख ‘आई एम फान यूसु’ चीन में इंटरनेट पर जबरदस्त वायरल हुआ था। इसे इतनी बड़ी प्रतिक्रिया मिली कि लगातार मीडिया की भीड़ से बचने के लिए फान को कुछ समय के लिए अपना घर तक छोड़ना पड़ा। लू शुन चीन का सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान वांग जिबिंग को जिस लू शुन साहित्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, उसका नाम चीन के महान साहित्यकार लू शुन के नाम पर रखा गया है। उन्हें 20वीं सदी के चीन का सबसे प्रभावशाली लेखक माना जाता है। उन्होंने अपने व्यंग्यात्मक उपन्यासों और कहानियों के जरिए पारंपरिक चीनी समाज की कमियों और सामाजिक बुराइयों पर हमला बोला। लू शुन साहित्य पुरस्कार का आयोजन चाइना राइटर्स एसोसिएशन करता है। यह पुरस्कार हर चार साल में दिया जाता है और इसे चीन के सबसे बड़े साहित्यिक सम्मानों में गिना जाता है। इसकी शुरुआत समकालीन चीनी साहित्य की उत्कृष्ट रचनाओं को सम्मानित करने के लिए की गई थी। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, यह पुरस्कार लंबे समय से चीन के मुख्यधारा के साहित्य का सबसे बड़ा पैमाना माना जाता रहा है और साहित्य जगत में इसका खास महत्व है।



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