Sunday, July 12, 2026
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कितनी है IndiGo के सीईओ की सैलरी? रकम जान नहीं होगा यकीन


इंडिगो एयरलाइंस इन दिनों लगातार मुश्किलों से घिरी हुई है. पिछले सात दिनों में कंपनी की 1800 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जिससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है. इसी अव्यवस्था को देखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को नोटिस भेजा है. DGCA ने उनसे पूछा है कि इतने बड़े पैमाने पर उड़ानें क्यों रद्द हुईं और यात्रियों को सही जानकारी क्यों नहीं दी गई. 

पीटर एल्बर्स सितंबर 2022 से इंडिगो के सीईओ हैं और उनके पास एविएशन सेक्टर का 33 साल का अनुभव है. उनका जन्म 11 मई 1970 को नीदरलैंड्स के शीडम शहर में हुआ था. शुरुआती पढ़ाई उन्होंने अपने शहर के डी सिंगेल-प्रिमो शीडम स्कूल से की. इंजीनियरिंग की समझ और बिजनेस की समझदारी ने उन्हें एविएशन सेक्टर में एक मजबूत पहचान दिलाई. उन्हें दुनिया की टॉप एयरलाइनों में गिने जाने वाले KLM में काम करते हुए बड़ा अनुभव मिला, जिसकी वजह से इंडिगो ने उन्हें सीईओ बनाया.

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सैलरी कितनी?

रिपोर्ट्स के मुताबिक KLM छोड़ने के बाद उन्हें करीब 11.9 करोड़ रुपये मिले थे. इंडिगो जॉइन करने के बाद 2023 में उन्हें 67,150 परफॉरमेंस स्टॉक यूनिट्स मिले, जिनकी कीमत लगभग 12.52 करोड़ रुपये थी. कंपनी में उनका सालाना वेतन लगभग 5 करोड़ रुपये है. वेतन, बोनस और PSUs को मिलाकर इंडिगो में उनकी कुल कमाई करीब 17 करोड़ रुपये सालाना होती है. वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पीटर एल्बर्स की कुल नेटवर्थ लगभग 5 मिलियन डॉलर यानी करीब 45 करोड़ रुपये बताई जाती है.

एल्बर्स ने अपना करियर 1 जनवरी 1992 को KLM एयरलाइन से शुरू किया था, जहां उन्होंने एयरक्राफ्ट लोडिंग सुपरवाइजर के रूप में काम किया. अगले कुछ सालों में वे तेजी से आगे बढ़े और जापान, ग्रीस और इटली में जनरल मैनेजर के रूप में नियुक्त हुए. साल 2014 में वे KLM के प्रेसिडेंट और सीईओ बने. KLM में काम करते समय उन्हें हर साल करीब 1.4 मिलियन यूरो का मुआवजा मिलता था.

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मंत्रालय ने क्या कहा?

उड्डयन मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि इंडिगो के कुछ रूट्स में कटौती करना जरूरी है ताकि एयरलाइन के संचालन को स्थिर किया जा सके और उड़ान रद्द होने की स्थिति कम हो. इसी वजह से 10% रूट्स कम करने का आदेश दिया गया है. निर्देशों का पालन करते हुए इंडिगो सभी अपने पहले वाले डेस्टिनेशन्स को कवर करती रहेगी. साथ ही एयरलाइन को बिना किसी छूट के मंत्रालय के सभी नियमों का पालन करने को कहा गया है जिसमें किराया तय करना और यात्रियों की सुविधा से जुड़े कदम शामिल हैं.

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