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ईरान युद्ध में दुनिया महंगे तेल और बढ़ती महंगाई से जूझती रही, लेकिन बड़ी तेल कंपनियों की कमाई रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। सऊदी अरामको, एक्सॉनमोबिल, शेवरॉन, शेल, टोटलएनर्जीज और बीपी ने अप्रैल-जून तिमाही में मिलकर 81 अरब डॉलर (करीब ₹7 लाख करोड़) का मुनाफा कमाया। यह रकम भारत के 2026-27 के रक्षा बजट (₹6.81 लाख करोड़) के लगभग बराबर है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ने से दुनिया को तेल की सप्लाई घटने का डर सताने लगा। इसका असर कीमतों पर पड़ा और अप्रैल-जून के दौरान ब्रेंट क्रूड का औसत भाव 23% बढ़कर 96.68 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। तेल महंगा होने से कई देशों में पेट्रोल-डीजल, ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा का सामान महंगा हो गया। दूसरी ओर, ऊंचे तेल भाव और रिफाइनिंग मार्जिन का फायदा उठाकर बड़ी तेल कंपनियों ने कई साल का सबसे बड़ा तिमाही मुनाफा दर्ज किया। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. यमन में भारतीय जहाज पर हमला- यमन के पास लाल सागर में भारतीय झंडे वाले कारोबारी जहाज पर हमला हुआ है। जहाज ‘एमएसवी फैजे नूर-ए-औलिया’ हमले में डूब गया। सवार सभी 13 भारतीय नागरिकों को बचा लिया गया। 2. ईरान में विदेश मंत्री अब्बास अराघची को हटाने की तैयारी- ईरान के कुछ सांसद विदेश मंत्री अब्बास अराघची के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका आरोप है कि अमेरिका से बातचीत और संभावित समझौते ने देश के हितों को नुकसान पहुंचाया है। 3. राष्ट्रपति पजशकियान की ताकत घटी- इजराइली चैनल 14 की रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा, विदेश नीति और परमाणु कार्यक्रम जैसे अहम मामलों में अब राष्ट्रपति की भूमिका सीमित कर दी गई है। इन फैसलों में IRGC कमांडर अहमद वाहिदी की राय अंतिम मानी जाएगी। 4. अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद से कच्चे तेल के दाम गिरे- होर्मुज स्ट्रेट पर समझौते की उम्मीद के बाद अमेरिकी WTI क्रूड करीब 5% गिरकर 76.32 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड भी 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे पहुंच गया। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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ईरान जंग में 6 तेल कंपनियों ने $81 अरब कमाए:यह भारत के रक्षा बजट के बराबर; इस दौरान कच्चा तेल 23% महंगा
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