2 मिनट पहले
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तस्वीर न्यूयॉर्क के स्टुअर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस की है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ब्लू जैकेट में दिखाई दे रहे हैं।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को 4 जनवरी की आधी रात अमेरिका लाया गया। अमेरिकी सेना का विमान न्यूयॉर्क के स्टुअर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस पर उतरा।
मादुरो को कड़ी सुरक्षा के बीच प्लेन से उतारा गया। वे नीले रंग की जैकेट थे, उनका मुंह ढंका हुआ था। हालांकि, प्लेन से केवल मादुरो ही उतरते नजर आए। उन्हें बेस पर बने हैंगर में ले जाया गया।
अब मादुरो को अगले हफ्ते मैनहैटन की अदालत में पेश किए जाने की संभावना है। उन पर ड्रग्स और हथियार तस्करी से जुड़े गंभीर आपराधिक मुकदमे चलाए जाएंगे।
अमेरिकी सैनिकों ने 3 जनवरी की रात वेनेजुएला पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को अगवा कर लिया था।
CNN ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि उन्होंने मादुरो और उनकी पत्नी को बेडरूम से घसीटकर बाहर निकाला और अपने कब्जे में लिया था।
ट्रम्प ने कहा है कि जब तक वेनेजुएला के हालात ठीक नहीं हो जाते तब तक देश को अमेरिका ही चलाएगा। इसके लिए एक खास टीम बनाई गई है, जिसमें अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और अन्य शीर्ष अधिकारी शामिल हैं।
पकड़े जाने के बाद राष्ट्रपति मादुरो की 2 तस्वीरें

अमेरिकी कब्जे में लिए जाने के बाद मादुरो की तस्वीर। उन्हें USS इवो जीमा वॉरशिप पर रखा गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर मादुरो की एक तस्वीर पोस्ट की है। तस्वीर में मादुरो ने ग्रे रंग का नाइकी स्वेटसूट पहना हुआ है। हथकड़ी लगे हाथों में वे पानी की एक बोतल पकड़े हुए हैं। आंखों पर काली पट्टी बंधी है, जबकि कान में हेडफोन लगे हुए हैं।
किले की तरह सुरक्षित घर में थे मादुरो
ट्रम्प के मुताबिक, मादुरो राष्ट्रपति भवन में थे, जो किसी किले की तरह सुरक्षित था। वहां एक खास सेफ रूम था, जिसकी दीवारें पूरी तरह स्टील की थीं। मादुरो उस कमरे में घुसने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अमेरिकी सैनिक इतनी तेजी से अंदर पहुंचे कि वे दरवाजा बंद ही नहीं कर पाए।
जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख जनरल डैन केन ने बताया कि इस ऑपरेशन की महीनों तक रिहर्सल की गई। अमेरिकी सेना को यह तक पता था कि मादुरो क्या खाते हैं, कहां रहते हैं, उनके पालतू जानवर कौन से हैं और वे कैसे कपड़े पहनते हैं। यहां तक कि मादुरो के घर जैसा नकली भवन बनाकर अभ्यास किया गया।
ट्रम्प ने बताया कि ऑपरेशन पूरी तरह अंधेरे में किया गया। काराकस शहर की लाइटें बंद कर दी गईं, ताकि अमेरिकी सैनिकों को फायदा मिल सके। हमले के दौरान कम से कम 7 धमाके सुने गए। पूरा ऑपरेशन 30 मिनट से भी कम समय में खत्म हो गया।
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी सेना के कुछ जवान घायल हुए, लेकिन किसी की मौत नहीं हुई।एक हेलिकॉप्टर को नुकसान पहुंचा, लेकिन वह सुरक्षित वापस लौट आया।
ट्रम्प ने बताया कि खराब मौसम की वजह से ऑपरेशन चार दिन टालना पड़ा। जैसे ही बादल हटे और हालात सही हुए, ऑपरेशन को हरी झंडी दे दी गई।
हेलिकॉप्टर समुद्र के बेहद पास उड़ते हुए वेनेज़ुएला पहुंचे और ऊपर से अमेरिकी लड़ाकू विमान सुरक्षा दे रहे थे।
वेनेजुएला के तख्तापलट से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
9 मिनट पहले
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अफ्रीकी संघ ने मादुरो की ‘किडनैपिंग’ पर जताई चिंता
अफ्रीकी संघ ने वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई है। संघ ने कहा कि उसे राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की कथित ‘किडनैपिंग’ और वेनेजुएला की संस्थाओं पर हुए सैन्य हमलों की रिपोर्ट्स परेशान कर रही हैं।
अफ्रीकी संघ ने अपने बयान में युक्त राष्ट्र चार्टर में लिखे अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और जनता के आत्मनिर्णय के अधिकार के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।
34 मिनट पहले
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मादुरो की पत्नी का मेडिकल चेकअप किया गया
न्यूयॉर्क के स्टीवर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस पर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की पत्नी सिलिया फ्लोरेस मेडिकल चेकअप किया गया।
40 मिनट पहले
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फ्रांसासी राष्ट्रपति बोले- वेनेजुएला के लोग तानाशाही से आजाद हुए
आज वेनेजुएला के लोग निकोलस मादुरो की तानाशाही से मुक्त हो गए हैं। इसे लेकर खुश हैं। सत्ता पर जबरन कब्जा करके और बुनियादी आजादी को कुचलकर, मादुरो ने अपने ही देश के लोगों की गरिमा को गहरी ठेस पहुंचाई। अब जो सत्ता परिवर्तन होगा, वह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और वेनेज़ुएला के लोगों की इच्छा के मुताबिक होना चाहिए। हमारी इच्छा है कि 2024 में चुने गए राष्ट्रपति एडमुनदो गोंजालेज उरुतिया जल्द से जल्द इस बदलाव की जिम्मेदारी संभालें।
40 मिनट पहले
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ट्रम्प बोले- वेनेजुएला को चलाने के लिए खास टीम बनाई
ट्रम्प ने कहा कि वेनेजुएला को चलाने के लिए एक खास टीम बनाई गई है। इसमें अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और अन्य शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे।
यह टीम वेनेजुएला में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सरकारी संस्थानों को दोबारा कामकाजी बनाने, तेल, ऊर्जा और सुरक्षा जैसे अहम सेक्टर को स्थिर करने, और ट्रांजिशन पीरियड को संभालने में मदद करेगी।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका इसके लिए वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के साथ मिलकर काम कर रहा है।
40 मिनट पहले
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जेलेंस्की बोले- अमेरिका पुतिन पर भी कार्रवाई करे
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि अगर तानाशाहों से इस तरह निपटना संभव है, तो अमेरिका जानता है कि अगला कदम क्या होना चाहिए।
41 मिनट पहले
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ट्रम्प बोले- अमेरिकी ऑपरेशन में कई क्यूबाई नागरिक मारे गए
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा- वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के अमेरिकी अभियान के दौरान कई क्यूबाई नागरिक मारे गए।
ट्रम्प के मुताबिक- क्यूबाई नागरिक मादुरो की रक्षा कर रहे थे और यह उनकी गलत रणनीति थी। मरने वालों की सही संख्या उन्हें पता नहीं है।
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस अभियान में किसी अमेरिकी सैनिक की मौत नहीं हुई, हालांकि कुछ को हल्की चोटें आई हैं।
41 मिनट पहले
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कीर स्टारमर बोले- हम मादुरो को एक अवैध राष्ट्रपति मानते थे
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि वे लोकतंत्र की ओर संक्रमण के बारे में अमेरिका से बातचीत जारी रखेंगे। उन्होंने X पर लिखा- हम मादुरो को एक अवैध राष्ट्रपति मानते थे और उनके शासन के अंत पर हमें कोई दुख नहीं हुआ।
41 मिनट पहले
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इजराइली पीएम नेतन्याहू ने ट्रम्प को बधाई दी
इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को बधाई दी है। उन्होंने X पोस्ट में लिखा- राष्ट्रपति ट्रम्प को स्वतंत्रता और न्याय के पक्ष में उनके साहसिक और ऐतिहासिक नेतृत्व के लिए बधाई। मैं आपके निर्णायक संकल्प और आपके बहादुर सैनिकों की शानदार कार्रवाई को सलाम करता हूं।
42 मिनट पहले
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किले की तरह सुरक्षित घर में थे मादुरो
ट्रम्प के मुताबिक, मादुरो राष्ट्रपति भवन में थे, जो किसी किले की तरह सुरक्षित था। वहां एक खास सेफ रूम था, जिसकी दीवारें पूरी तरह स्टील की थीं। मादुरो उस कमरे में घुसने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अमेरिकी सैनिक इतनी तेजी से अंदर पहुंचे कि वे दरवाजा बंद ही नहीं कर पाए।
जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख जनरल डैन केन ने बताया कि इस ऑपरेशन की महीनों तक रिहर्सल की गई। अमेरिकी सेना को यह तक पता था कि मादुरो क्या खाते हैं, कहां रहते हैं, उनके पालतू जानवर कौन से हैं और वे कैसे कपड़े पहनते हैं। यहां तक कि मादुरो के घर जैसा नकली भवन बनाकर अभ्यास किया गया।
ट्रम्प ने बताया कि ऑपरेशन पूरी तरह अंधेरे में किया गया। काराकस शहर की लाइटें बंद कर दी गईं, ताकि अमेरिकी सैनिकों को फायदा मिल सके। हमले के दौरान कम से कम 7 धमाके सुने गए। पूरा ऑपरेशन 30 मिनट से भी कम समय में खत्म हो गया।
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी सेना के कुछ जवान घायल हुए, लेकिन किसी की मौत नहीं हुई।एक हेलिकॉप्टर को नुकसान पहुंचा, लेकिन वह सुरक्षित वापस लौट आया।
ट्रम्प ने बताया कि खराब मौसम की वजह से ऑपरेशन चार दिन टालना पड़ा। जैसे ही बादल हटे और हालात सही हुए, ऑपरेशन को हरी झंडी दे दी गई।
हेलिकॉप्टर समुद्र के बेहद पास उड़ते हुए वेनेज़ुएला पहुंचे और ऊपर से अमेरिकी लड़ाकू विमान सुरक्षा दे रहे थे।
42 मिनट पहले
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ट्रम्प ने वेनेज़ुएला पर हमलों की तस्वीरें साझा कीं
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। इन तस्वीरों में ट्रम्प और अन्य अमेरिकी अधिकारी वेनेजुएला पर हुए हमलों और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो व उनकी पत्नी की गिरफ्तारी को होते हुए देखते नजर आ रहे हैं।





43 मिनट पहले
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मस्क ने राष्ट्रपति ट्रम्प को बधाई दी
इलॉन मस्क ने वेनेजुएला में सफल ऑपरेशन के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प को बधाई दी है।
उन्होंने एक्स पर लिखा- बधाई हो, राष्ट्रपति ट्रम्प!
यह पूरी दुनिया के लिए एक जीत है और हर जगह मौजूद तानाशाहों के लिए साफ संदेश है कि बुराई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
43 मिनट पहले
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एब्सोल्यूट रिजॉल्व: मादुरो को अगवा करने का ऑपरेशन
अमेरिका ने मादुरो को पकड़ने वाले ऑपरेशन का नाम एब्सोल्यूट रिजॉल्व (पक्का इरादा) रखा था।
इस ऑपरेशन में 150 से ज्यादा विमान शामिल थे, जिसमें F-18, F-22, F-35 लड़ाकू विमान और B-1 बॉम्बर और ड्रोन थे।
ट्रम्प ने रात 10:46 बजे इस ऑपरेशन की मंजूरी दी। करीब सवा 2 घंटे बाद करीब 1 बजे अमेरिकी सेना मादुरो के ठिकाने पर पहुंची और महज डेढ़ घंटे बाद रात 3:29 बजे ऑपरेशन खत्म कर लौट आई।
43 मिनट पहले
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ममदानी ने वेनेजुएला पर हमला करने को गलत बताया
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए की गई अमेरिकी कार्रवाई को ‘एक्ट ऑफ वॉर’ बताया है। उनका कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी कानून दोनों का उल्लंघन है।
ममदानी ने बताया कि मेयर पद संभालने के सिर्फ तीन दिन बाद ही उन्हें इस ऑपरेशन और मादुरो को न्यूयॉर्क में हिरासत में रखने की जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा- “किसी संप्रभु देश पर अकेले हमला करना युद्ध जैसा कदम है और यह देश और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। सत्ता बदलने की यह खुली कोशिश सिर्फ विदेशों तक सीमित नहीं है, इसका सीधा असर न्यूयॉर्क पर भी पड़ता है। यहां रहने वाले हजारों वेनेजुएलावासी पर इसका असर पड़ेगा।”
43 मिनट पहले
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ट्रम्प बोले- वेनेजुएला का तेल अमेरिका के लिए जरूरी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डोनाल्ड ट्रम्प से पूछा गया कि दक्षिण अमेरिका के एक देश में दखल देना उनके ‘अमेरिका फर्स्ट’ नारे से कैसे मेल खाता है।
इस पर ट्रम्प ने कहा कि यह बिल्कुल मेल खाता है, क्योंकि अमेरिका अपने आसपास अच्छे पड़ोसी चाहता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपने आसपास स्थिर देश चाहिए।
ट्रम्प ने कहा कि वेनेजुएला में तेल और ऊर्जा के बड़े संसाधन हैं। यह ऊर्जा अमेरिका के लिए भी जरूरी है और पूरी दुनिया के लिए भी। इसलिए अमेरिका चाहता है कि इन संसाधनों को सुरक्षित रखा जाए।
44 मिनट पहले
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ट्रम्प बोले- अमेरिका अब वेनेजुएला का शासन संभालेगा

44 मिनट पहले
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ट्रम्प बोले- जरूरत पड़ती तो मादुरो को मार देते
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि अगर जरूरत पड़ती, तो अमेरिका की सेना राष्ट्रपति मादुरो को ऑपरेशन के दौरान मार भी सकती थी।
ट्रम्प ने कहा- ऐसा हो सकता था। मादुरो एक सुरक्षित जगह में जाने की कोशिश कर रहे थे। वह जगह पूरी तरह स्टील से बनी हुई थी, लेकिन वह वहां तक पहुंच ही नहीं पाए, क्योंकि हमारे सैनिक बहुत तेजी से आगे बढ़ गए।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने दोहराया कि अमेरिकी सेना ने विरोध का सामना करते हुए भी बहुत तेजी से कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरान काफी ज्यादा विरोध हुआ, लेकिन इसके बावजूद अमेरिकी सैनिक तेजी से आगे बढ़ते गए।
44 मिनट पहले
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अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए B-1 बॉम्बर प्लेन तैनात था
जनरल केन के मुताबिक, इस पूरे मिशन के दौरान अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए US मरीन, US नेवी, US एयर फोर्स और एयर नेशनल गार्ड तैनात थे। आसमान में बी-1 स्टेल्थ बॉम्बर विमान भी उड़ान भर रहे थे, ताकि किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी बल रात 1 बजकर 1 मिनट पर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के कैंपस में पहुंचे। इसके बाद मादुरो को पकड़ने वाली टीम नीचे उतरी और उन्होंने बहुत ही तेजी से कार्रवाई की।
जनरल केन ने बताया कि इस दौरान मादुरो और उनकी पत्नी ने कोई विरोध नहीं किया। दोनों ने खुद को सौंप दिया, जिसके बाद उन्हें अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की टीम ने हिरासत में ले लिया।
44 मिनट पहले
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वेनेजुएला में ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी विमान हमले का शिकार हुआ
जनरल डैन केन ने बताया कि वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए चलाए गए ऑपरेशन के दौरान अमेरिका का एक विमान हमले का शिकार हुआ था, लेकिन इसके बावजूद वह विमान पूरे मिशन के दौरान उड़ने की हालत में बना रहा।
जनरल केन ने कहा कि उस विमान को नुकसान जरूर पहुंचा, लेकिन वह खराब नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि जैसा राष्ट्रपति ट्रम्प पहले भी कह चुके हैं, ऑपरेशन में शामिल अमेरिका के सभी विमान सुरक्षित वापस लौट आए। जिस विमान पर हमला हुआ था, उसने भी मिशन के बाकी हिस्से में पूरी तरह काम किया और बाद में सुरक्षित लौट आया।
जनरल केन ने यह भी बताया कि इस पूरे ऑपरेशन में खुफिया एजेंसियों की भूमिका बेहद अहम रही। हवा और जमीन पर मौजूद अमेरिकी सीक्रेट टीमों ने हर पल की जानकारी तुरंत ऑपरेशन में मौजूद सैनिकों तक पहुंचाई। इससे सैनिकों को वहां के मुश्किल हालात को समझने में मदद मिली और वे बिना किसी बेवजह के खतरे के अपना रास्ता तय कर सके।
उन्होंने आगे कहा कि जब अमेरिकी सैनिक अपना काम पूरा कर वेनेजुएला से बाहर निकल रहे थे, उस समय उन्हें विरोध और गोलीबारी का सामना करना पड़ा। ऐसे हालात में सैनिकों को अपनी सुरक्षा के लिए कई बार जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी, ताकि वे सुरक्षित रूप से देश से बाहर निकल सकें।
जनरल केन के मुताबिक, सेना और खुफिया एजेंसियों के बीच बेहतरीन तालमेल की वजह से यह ऑपरेशन सफल रहा और सभी अमेरिकी सैनिक और विमान सुरक्षित अपने ठिकानों पर वापस लौट आए।
45 मिनट पहले
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मादुरो को पकड़ने के ऑपरेशन में 150 से ज्यादा प्लेन शामिल थे
अमेरिका के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने बताया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने का ऑपरेशन बहुत लंबी प्लानिंग बनाकर चलाया गया। इस मिशन को तैयार करने में कई महीने लगे, जबकि इसे जमीन पर पूरा करने में कुछ ही घंटे लगे।
जनरल केन ने बताया कि यह ऑपरेशन सिर्फ सेना का नहीं था, बल्कि इसमें अमेरिकी सेना की सभी सीक्रेट एजेंसियों ने मिलकर काम किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े मिशन के लिए महीनों तक तैयारी करनी पड़ती है।
जनरल केन के मुताबिक, निकोलस मादुरो की एक्टिविटी पर काफी समय से नजर रखी जा रही थी। इसका मकसद यह समझना था कि वह कहां रहते हैं, कैसे आते-जाते हैं, कहां सफर करते हैं, क्या खाते हैं और आमतौर पर क्या पहनते हैं।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार देर रात इस ऑपरेशन की शुरुआत हुई। उस समय 150 से ज्यादा विमान अमेरिका और उसके सहयोगी ठिकानों से उड़ान भरकर रवाना हुए। ये विमान जमीन और समुद्र में मौजूद करीब 20 अलग-अलग ठिकानों से भेजे गए थे।
इनमें हेलिकॉप्टर भी शामिल थे, जिनमें वह टीम सवार थी जो मादुरो को पकड़कर बाहर निकालने वाली थी। ये हेलिकॉप्टर समुद्र के ऊपर बहुत नीचे, सिर्फ 100 फीट की ऊंचाई पर उड़ते हुए वेनेजुएला पहुंचे।
जनरल केन ने बताया कि हेलिकॉप्टरों की सुरक्षा के लिए पहले आसपास सैन्य कार्रवाई की गई। इसके बाद हेलिकॉप्टर रात करीब 1 बजे मादुरो के कैंपस में पहुंचे। इस दौरान अमेरिकी सैनिकों पर गोलीबारी हुई, जिसके जवाब में उन्हें खुद की सुरक्षा के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। आखिरकार मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया गया।
करीब सुबह 3 बजकर 29 मिनट पर अमेरिकी सैनिक वेनेजुएला से बाहर निकल गए। इसके बाद मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी वॉरशिफ USS इवो जीमा पर ले जाया गया। वहां से उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है, जहां उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जनरल केन ने कहा कि यह पूरा मिशन बहुत सटीक तालमेल के साथ किया गया था। अगर इसमें किसी भी स्तर पर गलती होती, तो पूरा मिशन खतरे में पड़ सकता था। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना के लिए इस तरह के ऑपरेशन में नाकामी कोई ऑप्शन नहीं होता।

जनरल डैन ने कहा कि अगर इस ऑपरेशन में किसी भी स्तर पर गलती होती, तो पूरा मिशन खतरे में पड़ सकता था।
45 मिनट पहले
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रक्षा मंत्री बोले- वेनेजुएला को ईरान की तरह मौका दिया था
वेनेजुएला पर हमले को लेकर अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि हमने ईरान की तरह उन्हें भी मौका दिया था लेकिन उन्होने लापरवाही की। आखिरकार मादुरो को भी इसका नतीजा भुगतना पड़ा।
45 मिनट पहले
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भारत ने नागरिकों को वेनेजुएला जाने से बचने की सलाह दी
भारतीय विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला के हालात देखते हुए भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। वेनेजुएला में हाल ही में हुए घटनाक्रम को देखते हुए भारतीय नागरिकों को वहां गैर-जरूरी यात्रा से बचना चाहिए।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि जो भारतीय नागरिक किसी भी वजह से इस समय वेनेजुएला में मौजूद हैं, वे सतर्क रहें। बिना जरूरत बाहर निकलने से बचें, अपनी आवाजाही सीमित रखें और सुरक्षित जगहों पर रहें।
मंत्रालय ने यह भी कहा है कि वेनेजुएला में मौजूद सभी भारतीय नागरिक लगातार काराकस स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।
45 मिनट पहले
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ट्रम्प की प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी की बड़ी बातें…

ट्रम्प के संबोधन के दौरान विदेश मंत्री मार्को रुबियो (बाएं से तीसरे) और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ (दाएं से दूसरे) भी मौजूद थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों ने वेनेजुएला में शानदार मिलिट्री ऑपरेशन को अंजाम दिया है। यह अमेरिकी ताकत का शानदार नजारा था। यह बहुत ही प्लानिंग के साथ की गई थी। कोई भी देश ऐसा नहीं कर सकता।
इस ऑपरेशन में अमेरिका की पूरी सैन्य ताकत का इस्तेमाल किया गया। हमले के लिए हवा, जमीन और समुद्र तीनों रास्तों से सेना को लगाया गया। यह हमला इतना प्रभावशाली था कि ऐसा नजारा सेकेंड वर्ल्ड वॉर के बाद कभी किसी ने नहीं देखा।
उन्होंने कहा कि पहले सैन्य हमले के बाद अमेरिका दूसरा हमला करने के लिए भी पूरी तरह तैयार था। लेकिन पहले हमले की सफलता इतनी ज्यादा थी कि दूसरी कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ी। अगर भविष्य में जरूरत पड़ी, तो अमेरिका दोबारा हमला करने के लिए तैयार रहेगा।
ट्रम्प ने कहा है कि फिलहाल यह साफ नहीं है कि वेनेजुएला का अगला नेता कौन होगा। जब तक वहां हालात पूरी तरह ठीक नहीं हो जाते और सत्ता का सही तरीके से बदलाव नहीं हो जाता, तब तक वेनेजुएला की जिम्मेदारी अमेरिका अपने हाथ में रखेगा।
ट्रम्प ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका अभी वेनेजुएला को चलाएगा। उनका कहना था कि वे नहीं चाहते कि मादुरो सरकार किसी दूसरे नेता के जरिए दोबारा सत्ता में बनी रहे। उन्होंने कहा कि पुरानी व्यवस्था को नए चेहरे के साथ जारी रखने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि वेनेजुएला की सेना को पहले से पता था कि अमेरिका हमला करने वाला है। इसके बावजूद वहां की सेना ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई और बहुत जल्दी कमजोर पड़ गई। अमेरिकी सेना ने हालात पर तेजी से कंट्रोल कर लिया।
47 मिनट पहले
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मादुरो को पकड़ने वाली डेल्टा फोर्स को जानिए…

47 मिनट पहले
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वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को जानिए

47 मिनट पहले
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ट्रम्प के इंटरव्यू की 6 अहम बातें…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को इंटरव्यू दिया है।
1. अमेरिका अब प्लानिंग कर रहा है कि वेनेजुएला के साथ आगे क्या करना है। हम देखेंगे कि क्या विपक्ष का कोई नेता देश की कमान संभाल सकता है।
2. मैंने मादुरो को पकड़ने की पूरी कार्रवाई ऐसे देखी जैसे कोई टीवी पर शो देख रहा हो। यह ऑपरेशन बहुत स्पेशल था। इसमें जबरदस्त ताकत का इस्तेमाल हुआ। यह दुनिया को यह दिखाने के लिए था कि अमेरिका को कोई दबा नहीं सकता।
3. मादुरो के घर में मोटे स्टील के दरवाज़े थे और चारों तरफ मजबूत स्टील से बना एक सुरक्षित कमरा भी था। वह उसमें घुसने की कोशिश कर रहा था, लेकिन हमला इतनी तेज था कि उसे मौका ही नहीं मिला। हमारे सैनिकों ने स्टील काटने के लिए ब्लोटॉर्च लेकर पूरी तरह तैयार थी, लेकिन इसका इस्तेमाल करने की जरूरत ही नहीं पड़ी।
4. अमेरिका के पास दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे ताकतवर तेल कंपनियां हैं और अब वे वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में भी एक्टिव रोल निभाएंगी।
5. मादुरो को एक बहुत ही हाई सिक्योरिटी वाली जगह से पकड़ा गया। ऑपरेशन के दौरान कुछ लोग घायल जरूर हुए, लेकिन वे अब ठीक हैं। कुछ हेलिकॉप्टर को भी नुकसान पहुंचा है।
6. अमेरिका ऐसा नहीं होने देगा कि मादुरो के जाने के बाद कोई और उसी तरह सत्ता संभाल ले। वेनेजुएला में अब पुराना सिस्टम दोबारा नहीं चलने दिया जाएगा।
47 मिनट पहले
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अमेरिकी हमले के बाद वेनेजुएला की 5 तस्वीरें

वेनेजुएला के सबसे बड़े सैन्य परिसर फुएर्ते तियुना में नेशनल गार्ड का एक जवान पहरा देते हुए खड़ा है।

काराकास में राष्ट्रपति भवन की ओर जाने वाली एक सड़क को नेशनल गार्ड के बख्तरबंद वाहन घेरकर खड़े हैं।

राजधानी काराकास में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का एक समर्थक उनकी तस्वीर हाथ में पकड़े हुए।

वेनेजुएला में ला कार्लेटा एयरबेस पर अमेरिकी हमले में तबाह बख्तरबंद गाड़ी।

लोग राजधानी काराकस में खरीदारी करते हुए।
51 मिनट पहले
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वेनेजुएला ने UNSC में इमरजेंसी बैठक बुलाने की मांग की
वेनेजुएला ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से इमरजेंसी बैठक बुलाने की मांग की है। विदेश मंत्री इवान गिल ने कहा कि अमेरिका की तरफ से किए गए सैन्य हमले गंभीर हैं और इस पर तुरंत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होनी चाहिए।
वेनेजुएला ने सुरक्षा परिषद से यह भी अपील की है कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की जाए। सरकार का कहना है कि ये हमले देश की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं।
53 मिनट पहले
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ट्रम्प ने 1 सप्ताह पहले हमले का आदेश दिया था
अमेरिका के दो सीनियर अधिकारियों ने मीडिया से बताया है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने वेनेजुएला में मिलिट्री ऑपरेशन के लिए एक हफ्ते पहले ही मंजूरी दे दी थी। यह फैसला अचानक नहीं लिया गया था, बल्कि काफी पहले से इसकी तैयारी चल रही थी।
अधिकारियों के मुताबिक, इस प्लान को क्रिसमस से पहले ही राष्ट्रपति की सहमति मिल गई थी। इसके बाद से यह लगातार चर्चा होती रही कि यह मिशन कब और कैसे शुरू किया जाए। हालात बहुत संवेदनशील थे, इसलिए ऑपरेशन के समय को लेकर लगभग हर घंटे हालात की समीक्षा की जाती रही।
मंजूरी मिलने के बाद अमेरिकी प्रशासन ने वेनेजुएला के हालात पर लगातार नजर रखी। वहां के राजनीतिक हालात, सुरक्षा से जुड़े जोखिम और सैन्य तैयारियों को ध्यान में रखते हुए यह तय किया जा रहा था कि कार्रवाई के लिए सबसे सही समय कौन सा होगा।
यह पूरा ऑपरेशन बेहद सीक्रेट रखा गया था। इसमें सिर्फ सेना ही नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियां भी शामिल थीं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचा गया और हर कदम बहुत सोच-समझकर उठाया गया।
53 मिनट पहले
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नोबेल विजेता मचाडो बोलीं- सत्ता संभालने को तैयार हैं

एडमुनदो गोंजालेज (बाएं) के साथ मारिया मचाडो (दाएं)। तस्वीर राष्ट्रपति चुनाव के दौरान की है।
वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर राष्ट्रीय एकता की अपील की है।
उन्होंने लिखा,“मादुरो ने बातचीत के जरिए सत्ता छोड़ने से इनकार कर दिया था, इसलिए अमेरिका सरकार ने कानून लागू करने का अपना वादा पूरा किया है। हम सालों से संघर्ष कर रहे थे, हमने अपनी पूरी ताकत झोंक दी, और यह संघर्ष बेकार नहीं गया। जो होना था, वही अब हो रहा है।”
मचाडो ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव जीतने वाले एडमुनदो गोंजालेज को तुरंत पद संभालना चाहिए और उन्हें देश की सेना का कमांडर भी मान्यता दी जानी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा,“आज हम अपना जनादेश लागू करने और सत्ता संभालने के लिए तैयार हैं। हम देश में व्यवस्था बहाल करेंगे, राजनीतिक कैदियों को रिहा करेंगे, एक बेहतरीन देश बनाएंगे और अपने बच्चों को वापस घर लाएंगे।”
53 मिनट पहले
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चीन ने अमेरिकी एक्शन की निंदा की
चीन ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। चीन ने कहा कि किसी देश और उसके राष्ट्रपति के खिलाफ ताकत का इस्तेमाल करना पूरी तरह गलत है।
चीन के मुताबिक, अमेरिका की यह दादागिरी भरी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और वेनेजुएला की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन है। इससे लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र की शांति और सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है।
चीन ने अमेरिका से अपील की है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का पालन करे और अन्य देशों की संप्रभुता का उल्लंघन करना बंद करे।
54 मिनट पहले
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ट्रम्प की चेतावनी- मादुरो के वफादार समय रहते पाला बदल लें
ट्रम्प ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मादुरो के वफादार उनके साथ बने रहते हैं तो उनका भविष्य बहुत खराब होगा। अगर वे अपना पाला बदलते हैं तो उनके लिए एक रास्ता है।
ट्रम्प ने कहा-
मेरा मानना है कि ज्यादातर लोग अब पाला बदल चुके हैं। मादुरो को अब बहुत कम समर्थन मिल रहा है।

54 मिनट पहले
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CIA के सीक्रेट सोर्स ने मादुरो का लोकेशन ट्रैक किया
अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA का एक सीक्रेट आदमी वेनेजुएला की सरकार के अंदर ही मौजूद था। वही व्यक्ति चुपचाप अमेरिका को यह जानकारी देता रहा कि निकोलस मादुरो क्या कर रहे हैं, कब कहां जा रहे हैं।
CIA की मदद से मादुरो की लगातार ट्रैकिंग की गई, ताकि ऑपरेशन में कोई गलती न हो। एजेंसी ने स्टेल्थ ड्रोन के पूरे बेड़े का इस्तेमाल किया, जो वेनेज़ुएला के ऊपर लगभग लगातार निगरानी कर रहा था।
यह साफ नहीं है कि CIA ने वेनेज़ुएला के उस सूत्र को कैसे भर्ती किया, जिसने मादुरो की लोकेशन की जानकारी दी। लेकिन पूर्व अधिकारियों का कहना है कि इसमें अमेरिका सरकार द्वारा घोषित 50 मिलियन डॉलर (करीब 400 करोड़ रुपये) के इनाम ने बड़ी भूमिका निभाई, जो मादुरो की गिरफ्तारी की सूचना देने पर रखा गया था।

54 मिनट पहले
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ट्रम्प ने मादुरो को पकड़ने का ऑपरेशन लाइव देखा
ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को फोन इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने मादुरो को पकड़ने की पूरी कार्रवाई लाइव देखी। यह सब उन्होंने सैन्य जनरलों के साथ एक कमरे में बैठकर देखा।
ट्रम्प ने कहा कि यह ऑपरेशन बिल्कुल टीवी शो देखने जैसा था। दुनिया में कोई और देश ऐसे मिशन को अंजाम नहीं दे सकता।
ट्रम्प ने कहा कि सेना ने कुछ ही सेकेंड में मजबूत स्टील के दरवाजे तोड़कर अंदर घुसकर मादुरो को पकड़ लिया।
उन्होंने यह भी कहा कि पूरा ऑपरेशन बेहद मुश्किल था और हर पल की जानकारी जनरलों को थी। सब कुछ तय प्लान के मुताबिक हुआ।
ट्रम्प के मुताबिक इस मिशन में बड़ी संख्या में अमेरिकी विमान शामिल थे। इसमें हेलिकॉप्टर और फाइटर जेट्स का भी इस्तेमाल किया गया था।
55 मिनट पहले
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ट्रम्प बोले- वेनेजुएला का अगला नेता अमेरिका तय करेगा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प नेफॉक्स न्यूज को दिए फोन इंटरव्यू में कहा कि वेनेजुएला का अगला नेता चुने जाने में अमेरिका शामिल रहेगा। उन्होंने कहा कि किसी और को सत्ता संभालने देकर वेनेजुएला में मादुरो की नीतियां जारी नहीं रहने दे सकते।
ट्रम्प ने कहा, हम इस फैसले में पूरी तरह शामिल रहेंगे और हमारा मकसद वेनेजुएला के लोगों के लिए आजादी सुनिश्चित करना है।
55 मिनट पहले
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राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को बेडरूम से घसीटकर बाहर निकाला
CNN ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अमेरिकी सेना ने उनके बेडरूम से घसीटकर बाहर निकाला और उन्हें अपने कब्जे में लिया।
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी सेना के स्पेशल डेल्टा फोर्स ने इस मिशन को अंजाम दिया। इसमें किसी भी अमेरिकी सैनिकों को कोई नुकसान नहीं हुआ।

राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस। तस्वीर 2024 में राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान की है।
55 मिनट पहले
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स्टार्मर बोले- हम वेनेजुएला पर हमले में शामिल नहीं
ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने कहा है कि वह वेनेजुएला में हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर राष्ट्रपति ट्रम्प से बात करेंगे। स्टार्मर ने कहा कि मैं हमेशा मानता हूं कि सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए। उन्होंने यह भी साफ किया कि ब्रिटेन इस हमले में किसी भी तरह से शामिल नहीं था।
56 मिनट पहले
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अमेरिका ने तीसरी बार किसी राष्ट्रपति या तानाशाह को पकड़ा
ये पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने किसी देश पर सैन्य कार्रवाई करके वहां के राष्ट्रपति या तानाशाह को पकड़ा, इसके पहले 2003 में इराक और 1989 में पनामा में भी कुछ ऐसे ही ऑपरेशन चलाए गए थे।
पनामा, 1989: अमेरिका ने लैटिन अमेरिकी देश पनामा पर हमला किया था। अमेरिका ने पनामा के तानाशाह मैनुअल नोरिएगा को सत्ता से हटाया था, जिन पर ड्रग तस्करी और अमेरीकी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था।
इस हमले में अमेरिकी सेना ने पनामा सिटी समेत कई इलाकों पर बमबारी की थी, जिसमें करीब 2 हजार लोगों की मौत हुई थी और नोरिएगा को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया था।

1992 में अमेरिकी अदालत ने नोरिएगा को 40 साल की सजा सुनाई।
इराक, 2003: अमेरिका ने इराक पर हमला किया। इसका मकसद इराक के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाना था, जिन पर अमेरिका ने इराक के कई समुदायों पर हिंसा करने अल-कायदा का समर्थन करने और परमाणु हथियार रखने के आरोप लगाए थे।
अमेरिकी सेना ने बगदाद समेत कई शहरों पर बमबारी की और सद्दाम की सरकार गिरा दी गई। कुछ महीनों बाद सद्दाम हुसैन को पकड़ लिया गया।
इसके बाद सद्दाम पर इराक की अदालत में मुकदमा चलाया गया। इस दौरान इराक पर अमेरिकी सेना का कंट्रोल था।

2006 में इराकी अदालत ने सद्दाम हुसैन को दोषी ठहराया और फांसी की सजा सुनाई।
56 मिनट पहले
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चीन ने नागरिकों को वेनेजुएला न जाने की सलाह दी
चीन ने वेनेजुएला की यात्रा को लेकर एडवाइजरी जारी की है। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि जो चीनी नागरिक, कर्मचारी या संगठन पहले से वेनेजुएला में हैं, उन्हें अपनी सुरक्षा पर ध्यान रखना चाहिए। अगर कोई इमरजेंसी आती है, तो चीनी नागरिक तुरंत लोकल पुलिस या चीनी दूतावास से संपर्क करें।
56 मिनट पहले
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4 देशों ने अमेरिकी हमले की निंदा की

57 मिनट पहले
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क्यूबा बोला- अमेरिका को दूसरे देश पर हमले का अधिकार नहीं
क्यूबा ने वेनेजुएला पर किए गए अमेरिकी हमले की निंदा की है। क्यूबा का कहना है कि अमेरिका वेनेजुएला की जनता के खिलाफ स्टेट टेररिज्म कर रहा है।
क्यूबा के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से शनिवार को जारी बयान में कहा गया कि लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र को लंबे समय से शांति का क्षेत्र माना जाता रहा है, लेकिन अब इस शांति को बेरहमी से तोड़ा जा रहा है।
क्यूबा ने आरोप लगाया कि अमेरिका का यह कदम न सिर्फ वेनेजुएला की संप्रभुता पर हमला है, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए भी खतरा है। क्यूबा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह इस मामले पर चुप न रहे और अमेरिका के इस आपराधिक हमले का खुलकर विरोध करे।
क्यूबा का कहना है कि किसी भी देश को दूसरे देश पर इस तरह सैन्य कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है, खासकर तब जब उससे आम जनता को नुकसान पहुंचे।
58 मिनट पहले
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रूस ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले की निंदा की
रूस के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। रूस ने इसे ‘सशस्त्र हमला’ बताया और कहा कि इससे हालात और बिगड़ सकते हैं। रूस ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की।
रूस के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, “इन कार्रवाइयों को सही ठहराने के लिए जो वजहें दी जा रही हैं, वे सही नहीं हैं। विचारधाराओं से प्रेरित दुश्मनी हावी हो गई है।”
वेनेजुएला का सहयोगी देश होने के नाते रूस ने बातचीत का रास्ता अपनाने पर जोर दिया और कहा कि वह कूटनीतिक कोशिशों में मदद करने को तैयार है।
रूस के दूतावास ने बताया कि काराकस में दूतावास सामान्य रूप से काम कर रहा है और वह वेनेजुएला सरकार व वहां रह रहे रूसी नागरिकों के लगातार संपर्क में है। दूतावास ने यह भी कहा कि हमलों में किसी रूसी नागरिक के घायल होने की सूचना नहीं है।
59 मिनट पहले
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जानिए मादुरो के पकड़े जाने से वेनेजुएला में आगे क्या होगा
मादुरो के पकड़े जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल अब यह है कि अब वेनेजुएला में आगे क्या होगा। CNN के मुताबिक ट्रम्प समर्थक यह मान रहे हैं कि विपक्ष के सत्ता में आने का रास्ता साफ हो जाएगा।
नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरीना माचाडो या 2024 के विपक्षी उम्मीदवार एडमुनडो गोंजालेज उनकी जगह ले सकते हैं। हालांकि कई एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि मामला इतना आसान नहीं है।
वेनेजुएला की सेना और पारामिलिट्री फोर्स अब तक मादुरो के प्रति वफादार रहे हैं और खुद मादुरो के कुछ आलोचक भी मानते हैं कि अमेरिका की सीधी दखलअंदाजी से देश में और ज्यादा अस्थिरता फैल सकती है। मादुरो के करीबी सहयोगी भी अब अपने भविष्य को लेकर डरे हुए होंगे।
59 मिनट पहले
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ट्रम्प बोले- यह शानदार ऑपरेशन था
द टाइम्स को दिए फोन इंटरव्यू में ट्रम्प ने मादुरो को पकड़ने की सफलता का जश्न मनाया।
ट्रम्प ने कहा, “शानदार योजना और बेहतरीन सैनिकों और लोगों का कमाल था। यह वास्तव में एक शानदार ऑपरेशन था।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने इस ऑपरेशन के लिए संसद से अनुमति मांगी थी। इसपर ट्रम्प ने कहा कि वह सुबह मार-ए-लागो में अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इन मामलों पर बात करेंगे।
59 मिनट पहले
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वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले से जुड़ी 6 तस्वीरें देखें

वेनेजुएला की राजधानी काराकस में शनिवार को धमाके हुए।

हमले के बाद राजधानी काराकस में करीब 10 विमान कम ऊंचाई पर उड़ते नजर आए।

धमाके के बाद आसमान में धुएं का गुबार छा गया।

धमाके की आवाज सुनने के बाद राजधानी काराकस में लोग सड़कों पर भागते नजर आए।

वेनेजुएला की राजधानी काराकस में ला कार्लोटा एयरपोर्ट के पास भी बमबारी हुई।

वेनेजुएला के मीडिया आउटलेट्स ने बताया कि काराकस के ला गुआइरा राज्य और मिरांडा राज्य के तटीय शहर में भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
10:55 PM3 जनवरी 2026
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मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका में सड़कों पर जश्न

अमेरिकी राज्य फ्लोरिडा में मादुरो के विरोधी जश्न मनाते हुए। एक महिला ने वेनेजुएला का झंडा लपेट रखा है।

अमेरिकी राज्य फ्लोरिडा में लोग जश्न मनाते गुए। उनके हाथों में वेनेजुएला और अमेरिका के झंडे हैं।
10:55 PM3 जनवरी 2026
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मादुरो के पकड़े जाने की तस्वीर वायरल

मादुरो के पकड़े जाने यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें DEA (ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन) के अधिकारी मादुरो को पकड़कर कहीं ले जा रहे हैं।
DEA अमेरिका की सरकारी एजेंसी है। इसका काम ड्रग्स से जुड़े अपराधों को रोकना है। यह अवैध ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करती है। यह अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट के अंडर काम करती है।
10:54 PM3 जनवरी 2026
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वेनेजुएला को जानिए

10:48 PM3 जनवरी 2026
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अमेरिका का वेनेजुएला के 4 ठिकानों पर हमला
- फुएर्ते टियुना: राजधानी काराकस का मुख्य सैन्य अड्डा, देश का सबसे बड़ा मिलिट्री बेस
- ला कार्लोटा- काराकस का मुख्य एयरबेस, सैन्य और नागरिक दोनों उड़ानों के लिए इस्तेमाल
- एल वोलकान- काराकस की पहाड़ियों में स्थित कम्युनिकेशन सेंटर
- ला ग्वाइरा पोर्ट- काराकस के नजदीक, कैरिबियन तट पर स्थित देश का प्रमुख बंदरगाह
10:48 PM3 जनवरी 2026
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वेनेजुएला के राष्ट्रपति बोले- हमलों का जवाब देंगे
हमले के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने बयान जारी कर कहा कि वह सैन्य कार्रवाई के लिए अमेरिकी सरकार की कड़ी निंदा करते हैं।
वेनेजुएला के अनुसार, हमलों में काराकास शहर के साथ-साथ मिरांडा, अरागुआ और ला ग्वायरा राज्यों में नागरिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
सरकार ने कहा कि वह इन हमलों का डटकर जवाब देगी। वेनेजुएला ने अमेरिका पर तख्तापलट की कोशिश का आरोप भी लगाया। साथ ही वेनेजुएला ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तत्काल बैठक बुलाने की मांग की है।
10:47 PM3 जनवरी 2026
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तेल कंपनियों को लेकर अमेरिका-वेनेजुएला के बीच विवाद
ट्रम्प का दावा है कि वेनेजुएला ने अमेरिकी कंपनियों के तेल अधिकार अवैध रूप से छीन लिए थे। दरअसल, 1976 में वेनेजुएला की सरकार ने (राष्ट्रपति कार्लोस आंद्रेस पेरेज के समय) पूरे तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण कर दिया।
इसका मतलब था कि विदेशी तेल कंपनियां (ज्यादातर अमेरिकी, जैसे एक्सॉन, गल्फ ऑयल, मोबिल आदि) जो दशकों से वहां तेल निकाल रही थीं, उनके सभी ऑपरेशंस और संपत्तियां वेनेजुएला की नई सरकारी कंपनी पेट्रोलियोस डे वेनेजुएला (PDVSA) के पास चली गईं।
यह राष्ट्रीयकरण कानूनी तरीके से हुआ और कंपनियों को मुआवजा भी दिया गया, हालांकि कुछ कंपनियां इससे खुश नहीं थीं। उस समय अमेरिकी कंपनियों ने वेनेजुएला में तेल उद्योग को विकसित करने में बड़ी भूमिका निभाई थी, इसलिए कुछ लोग इसे अभी भी अमेरिकी संपत्ति कहते हैं।
अमेरिका ने 10 दिसंबर को वेनेजुएला के एक बहुत बड़े क्रूड ऑयल टैंकर को स्पेशल ऑपरेशन के बाद जब्त कर लिया था।
10:47 PM3 जनवरी 2026
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अमेरिका ने मादुरो का तख्तापलट कराने की धमकी दी थी
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में वेनेजुएला के खिलाफ ऑपरेशन शुरू हो सकता है।
ट्रम्प प्रशासन वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का तख्तापलट भी करवा सकता है। कुछ दिन पहले यह जानकारी न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दी थी।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक शुरुआत सीक्रेट ऑपरेशन से हो सकती है। हाल के हफ्तों में अमेरिकी सेना ने कैरेबियाई इलाके में बड़ी संख्या में जहाज, विमान और सैनिक तैनात किए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच टकराव की आशंका बढ़ गई।
10:47 PM3 जनवरी 2026
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अमेरिका मादुरो पर ड्रग तस्करी का आरोप लगा चुका
अमेरिका लंबे समय से मादुरो पर आरोप लगाता रहा है कि वह ड्रग तस्करी में शामिल हैं, हालांकि मादुरो इन आरोपों को झूठा बताते हैं। दूसरी तरफ मादुरो का कहना है कि अमेरिका उन्हें सत्ता से निकालना चाहता है, लेकिन देश और सेना किसी भी बाहरी दखल का विरोध करेगी। अमेरिकी सेना सितंबर से अब तक दर्जनों ड्रग बोट्स पर हमले कर चुकी है। जिसमें अब तक 105 लोगों की मौत हो चुकी है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि अमेरिका बिना सबूत के लोगों को मार रहा है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
10:46 PM3 जनवरी 2026
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अमेरिका ने वेनेजुएला के पास वॅारशिप तैनात किए
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, USS ग्रेवली, USS जेसन डनहम और USS सैम्पसन नाम के तीन एजिस गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर वॅारशिप वेनेजुएला के तट पर तैनात हैं।
तीनों वॅारशिप हवा, समुद्र, और पनडुब्बी हमलों से रक्षा करने में माहिर है। इनके साथ 4,000 सैनिक, P-8A पोसाइडन विमान और एक हमलावर पनडुब्बी भी शामिल है।

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