संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 को लेकर ऐसे बदलाव किए हैं, जो आने वाले समय में प्रशासनिक सेवाओं की पूरी प्रक्रिया को और ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और अनुशासित बनाने वाले हैं. हर साल लाखों युवा UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करते हैं और IAS, IPS, IFS जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं में जाने का सपना देखते हैं. हालांकि, अब यह रास्ता पहले से थोड़ा अलग और ज्यादा स्पष्ट नियमों के साथ तय किया गया है.
4 फरवरी 2026 को जारी किए गए आधिकारिक नोटिफिकेशन में UPSC ने सेवा आवंटन (Service Allocation), दोबारा परीक्षा देने के नियम और डिजिटल सुरक्षा को लेकर कई बड़े और सख्त फैसले लिए हैं. खासतौर पर IPS से जुड़ी व्यवस्था को लेकर आयोग ने साफ कर दिया है कि अब बार-बार ऑप्शन बदलने की गुंजाइश नहीं होगी. इन नए नियमों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जो उम्मीदवार किसी सेवा में चुने जा चुके हैं, वो गलत तरीके से सिस्टम का दुरुपयोग न करें और योग्य उम्मीदवारों को सही अवसर मिल सके.
अब IPS दोबारा चुनने की अनुमति नहीं
UPSC के नए नियमों के अनुसार, अगर किसी उम्मीदवार का चयन पहले ही IPS (Indian Police Service) में हो चुका है, तो वह CSE 2026 के जरिए दोबारा IPS का विकल्प नहीं चुन सकेगा, यानी अब IPS में चयन होने के बाद उसी सेवा के लिए फिर से प्रयास करना संभव नहीं होगा. यह नियम खास तौर पर उन उम्मीदवारों के लिए जरूरी है, जो रैंक सुधारने के लिए बार-बार परीक्षा देते थे.
IAS और IFS अधिकारियों पर भी सख्ती
आयोग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जो उम्मीदवार पहले से ही IAS (Indian Administrative Service) या IFS (Indian Foreign Service) में कार्यरत हैं, वे अब सिविल सेवा परीक्षा में दोबारा शामिल नहीं हो सकते हैं. इसके अलावा, अगर कोई उम्मीदवार मेन्स परीक्षा से पहले IAS या IFS में नियुक्त हो जाता है, तो उसे मुख्य परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिलेगी.
पुराने चयनित उम्मीदवारों को एक आखिरी मौका
UPSC ने उन उम्मीदवारों को राहत दी है, जो CSE 2025 या उससे पहले किसी सेवा में चयनित हो चुके हैं. ऐसे उम्मीदवारों को अपने बचे हुए अटेम्पट्स यूज करने के लिए 2026 या 2027 में एक अंतिम अवसर दिया जाएगा. इस दौरान उन्हें इस्तीफा देने की जरूरत नहीं होगी. यह मौका सिर्फ एक बार के लिए होगा.
ग्रुप A सेवा वालों के लिए नए नियम
जो उम्मीदवार 2026 में ग्रुप A सेवा में चयनित हो जाते हैं, लेकिन फिर से UPSC परीक्षा देना चाहते हैं, उनके लिए भी नियम बदले गए हैं. अब ऐसे उम्मीदवारों को अपने विभाग से यह अनुमति लेनी होगी कि वे ट्रेनिंग में शामिल नहीं हो रहे हैं. अगर कोई उम्मीदवार न ट्रेनिंग जॉइन करता है और न ही छूट लेता है, तो उसका 2026 का आवेदन रद्द कर दिया जाएगा. अगर वही उम्मीदवार 2027 में फिर से सफल होता है, तो उसे दोनों में से सिर्फ एक सेवा चुननी होगी, दूसरी सेवा अपने आप रद्द मानी जाएगी.
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए हाईटेक सिस्टम
UPSC ने परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए अब AI आधारित फेसियल रिकग्निशन और आधार वेरिफिकेशन को जरूरी कर दिया है. अब उम्मीदवारों को एक नए चार-चरणों वाले ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा. यह पूरा सिस्टम आधार से पूरी तरह जुड़ा होगा. इससे फर्जी पहचान, डुप्लीकेट आवेदन और परीक्षा में धोखाधड़ी पर रोक लगेगी.
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