Saturday, November 29, 2025
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Trump cancels 92% of Biden’s executive orders | ट्रम्प ने बाइडेन के 92% एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स रद्द किए: बोले- बिना मंजूरी मशीन से साइन हुए थे; पूर्व राष्ट्रपति ने झूठ बोला तो केस करूंगा


वॉशिंगटन डीसी29 मिनट पहले

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ट्रम्प ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में जारी किए गए 92% एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स को रद्द करने का ऐलान किया है। - Dainik Bhaskar

ट्रम्प ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में जारी किए गए 92% एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स को रद्द करने का ऐलान किया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में जारी किए गए 92% एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स को रद्द कर दिया है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया ट्रुथ पर इसकी जानकारी दी।

ट्रम्प ने का दावा है कि ये सभी ऑटोपेन (मशीन से किए गए साइन) से साइन किए गए थे, जो बिना बाइडेन की मंजूरी के अवैध हैं।

इस कदम से बाइडेन के कई महत्वपूर्ण एक्जीक्यूटिव ऑर्डर प्रभावित हो सकते हैं, जिनमें स्वास्थ्य, पर्यावरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े नियम शामिल हैं।

उन्होंने बाइडेन को ‘स्लीपी (सुस्त) जो’ और ‘क्रुकड (चालाक) जो’ कहते हुए धमकी दी कि अगर बाइडेन इन दस्तावेजों पर अपनी सहमति का दावा करेंगे, तो उन पर ‘झूठे बयान’ (परजरी) के आरोप लगेंगे।

यह फैसला व्हाइट हाउस के पास हुए नेशनल गार्ड्स पर हुए हमले के बाद आया है।

बाइडेन के कई एक्जीक्यूटिव ऑर्डर रद्द होने के खतरे में

बाइडेन ने चार साल (2021-25) के कार्यकाल में कुल 162 एक्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी किए, साथ ही सैकड़ों ज्ञापन, और नोटिस भी साइन किए। इससे पहले ट्रम्प ने पद संभालने के बाद जनवरी में ही लगभग 80 बाइडेन-युग के ऑर्डर रद्द कर दिए थे, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण अभी भी लागू हैं। इनमें से कुछ अब रद्द होने के खतरे में हैं।

  • एक्जीक्यूटिव ऑर्डर 14087: अमेरिका में प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की कीमतें कम करने से जुड़ा। यह दवा कंपनियों पर नियंत्रण लगाता है ताकि आम नागरिकों को सस्ती दवाएं मिल सकें।
  • एक्जीक्यूटिव ऑर्डर 14096: पर्यावरणीय न्याय पर केंद्रित, जो गरीब और अल्पसंख्यक समुदायों को पर्यावरण प्रदूषण से बचाने के उपाय करता है।
  • एक्जीक्यूटिव ऑर्डर 14110: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विकास और उपयोग पर सख्ती, जिसमें जोखिमों को कम करने और नैतिक उपयोग सुनिश्चित करने के नियम शामिल हैं।

ट्रम्प के इस कदम से इन नीतियों पर असर पड़ सकता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सभी दस्तावेजों के हस्ताक्षरों की वैधता साबित करना मुश्किल होगा। अभी यह साफ नहीं है कि कौन इन हस्ताक्षरों की जांच करेगा।

जो बाइडेन की ऑटोपेन से साइन की गई तस्वीर।

जो बाइडेन की ऑटोपेन से साइन की गई तस्वीर।

क्या ट्रम्प बाइडेन के आदेशों को रद्द कर सकते हैं?

कार्यकारी आदेश अमेरिकी राष्ट्रपति के जारी किए गए ऑर्डर होते हैं, जो संघीय एजेंसियों को कानूनों को लागू करने या नीतियां बनाने में मदद करते हैं। अमेरिकी कानून के अनुसार, कोई भी राष्ट्रपति अपने पिछले राष्ट्रपति के कार्यकारी आदेशों को रद्द, संशोधित या अमान्य कर सकता है।

इसकी अपनी भी सीमाएं हैं। खासकर क्षमादान, माफी और सजा में कमी के मामलों में, जिन्हें एक बार दिए जाने के बाद वापस नहीं लिया जा सकता।

ट्रम्प का मुख्य दावा ऑटोपेन पर आधारित है। वे कहते हैं कि बाइडेन के 92% आदेश ऑटोपेन से हस्ताक्षरित थे, जो बिडेन की मंजूरी के बिना अवैध हैं। लेकिन कानूनी रूप से, ऑटोपेन का उपयोग पूरी तरह वैध है।

जस्टिस डिपार्टमेंट के ऑफिस ऑफ लीगल काउंसल ने 2005 में (जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के समय) कहा था कि राष्ट्रपति को बिल या आदेश साइन करने के लिए व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षर करने की जरूरत नहीं है, बशर्ते उनकी मंजूरी हो।

ट्रम्प ने बाइडेन पर झूठी गवाही का आरोप लगाने की धमकी दी

ट्रम्प ने बाइडेन पर परजरी (झूठी गवाही) का आरोप लगाने की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर बाइडेन ने कहा कि उन्होंने ऑटोपेन वाले दस्तावेदो को खुद अप्रूव किया था, तो उन पर परजरी के आरोप लगेंगे।

परजरी का मतलब है कोर्ट या किसी कानूनी कार्यवाही में शपथ लेकर झूठ बोलना। यानी जब कोई व्यक्ति शपथ (oath) लेता है कि “मैं सच बोलूंगा, पूरा सच बोलूंगा और सिर्फ सच बोलूंगा”, और उसके बाद जानबूझकर झूठ बोल देता है।

अमेरिकी कानून के तहत इसकी सजा 5 साल तक की जेल और भारी जुर्माना हो सकता है।

पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन पर परजरी का आरोप लगा था

पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन पर 1998 में ‘मोनिका लेविंस्की केस’ में परजरी का आरोप लगा था। मोनिका व्हाइट हाउस में इंटर्न थीं। बिल क्लिंटन पर मोनिका के साथ शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगा था। हालांकि, क्लिंटन ने पहले इसे पूरी तरह नकार दिया।

1998 में एक अलग मुकदमे (पॉला जोंस सेक्सुअल हैरासमेंट केस) में क्लिंटन को शपथ लेकर गवाही देनी पड़ी।

उनसे पूछा गया कि क्या उनका मोनिका लेविंस्की के साथ कभी शारीरिक संबंध रहा है? इसपर क्लिंटन ने कहा कि उनका लेविंस्की के साथ ऐसा कोई संबंध नहीं था।

बाद में सबूत मिले कि क्लिंटन झूठ बोल रहे थे। क्लिंटन पर शपथ लेकर जानबूझकर झूठ बोलने, सबूत छिपाने और गवाहों को प्रभावित करने के आरोप लगे। क्लिंटन को $90,000 का जुर्माना देना पड़ा। साथ ही उन्हें 5 साल के लिए वकालत करने से रोक दिया गया। उन्होंने टीवी पर माफी भी मांगी और कहा “मैंने गलत किया।”

पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन।

पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन।

ऑटोपेन का इस्तेमाल कई अमेरिकी राष्ट्रपति कर चुके

ऑटोपेन एक मशीनी डिवाइस है जो किसी व्यक्ति के असली हस्ताक्षर की बिल्कुल सटीक नकल कर सकती है। यह मशीन एक बार असली हस्ताक्षर को स्कैन कर लेती है, फिर हजारों-लाखों बार बिल्कुल वैसा ही हस्ताक्षर कर सकती है। कई अमेरिकी राष्ट्रपति इसका इस्तेमाल करते आए हैं।

व्हाइट हाउस में 1800 के दशक की शुरुआत से ही ऑटोपेन का इस्तेमाल होता आ रहा है, जिसकी शुरुआत राष्ट्रपति थॉमस जेफरसन से हुई थी। ट्रम्प समेत पूर्व राष्ट्रपतियों ने बड़ी संख्या में नियमित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए ऑटोपेन का इस्तेमाल किया है।

रोनाल्ड रीगन, जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश, बिल क्लिंटन, बराक ओबामा समेत कई राष्ट्रपतियों ने ऑटोपेन का इस्तेमाल किया है। ट्रम्प भी कई बार इसका इस्तेमाल कर चुके हैं। हालांकि उनका कहना है कि उनकी मंजूरी के बिना कोई इसका इस्तेमाल नहीं होगा

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