Friday, January 2, 2026
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Thailand Cambodia Airstrikes Update; Military Bases | Trump Peace Agreement | थाईलैंड ने कंबोडिया पर एयरस्ट्राइक की: ट्रम्प ने दो महीने पहले ही सीजफायर कराया था; दोनों देशों में शिव मंदिर को लेकर लड़ाई


बैंकॉक/नोम पेन्ह1 घंटे पहले

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4 महीने पहले भी दोनों देशों ने एक दूसरे पर कई हवाई हमले किए थे। (फाइल फुटेज) - Dainik Bhaskar

4 महीने पहले भी दोनों देशों ने एक दूसरे पर कई हवाई हमले किए थे। (फाइल फुटेज)

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच एक बार फिर हिंसा भड़क गई है। सोमवार सुबह थाईलैंड ने कंबोडिया के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। थाईलैंड का कहना है कि उसने सिर्फ उन सैन्य ठिकानों एयरस्ट्राइक की है।

यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब कुछ महीने पहले ही दोनों देशों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मौजूदगी में शांति समझौता हुआ था। उस वक्त पांच दिन चली लड़ाई में 30 से ज्यादा लोग मारे गए थे, जबकि हजारों लोगों को घर छोड़ना पड़ा था।

थाईलैंड के मुताबिक कंबोडिया कई दिनों से सीमा पर भारी हथियार जमा कर रहा था और अपनी सेना को नई जगहों पर तैनात कर रहा था। इसी वजह से उन्हें हवाई हमला करना पड़ा।

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच लंबे समय से बॉर्डर पर मौजूद एक प्राचीन शिव मंदिर प्रीह विहियर (प्रिय विहार) और ता मुएन थॉम को लेकर विवाद है। यह मंदिर कंबोडिया की बॉर्डर में है, लेकिन आसपास की जमीन पर दोनों देश अपना अधिकार बताते हैं।

कुछ महीने पहले भी दोनों के बीच पांच दिन तक लड़ाई चली थी, जिसमें कई लोग मारे गए थे और लाखों लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे।

कंबोडिया बोला- थाई सेना उकसावे वाली हरकत कर रही

कंबोडिया ने थाईलैंड के आरोपों को झूठा बताया है। उसका कहना है कि उसने कोई हमला नहीं किया और वह सभी मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहता है। लेकिन थाई सेना कई दिनों से उकसाने वाली हरकतें कर रही है।

इस लड़ाई की वजह से बॉर्डर के पास रहने वाले थाईलैंड के बहुत से लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। थाई सरकार का कहना है कि उसने लगभग 70% नागरिकों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया है।

इस दौरान एक नागरिक की मौत भी हुई, लेकिन सरकार का कहना है कि उसकी मौत बीमारी की वजह से हुई है।

थाई सैनिक अपने घायल साथी को हॉस्पिटल लेकर जाते हुए।

थाई सैनिक अपने घायल साथी को हॉस्पिटल लेकर जाते हुए।

जानिए थाईलैंड-कंबोडिया के बीच जंग क्यों छिड़ी थी

दोनों देशों की सेनाओं के बीच 28 मई को एमरॉल्ड ट्राइंगल पर भिड़ंत हुई थी, जिसमें एक कंबोडियाई सैनिक की मौत हो गई थी। यह वो जगह है जहां थाईलैंड, कंबोडिया और लाओस की सीमाएं मिलती हैं। थाईलैंड और कंबोडिया दोनों ही इस इलाके पर दावा करते हैं।

कंबोडियाई सेना के मुताबिक थाई सैनिक ने बॉर्डर इलाके के पास ता मुएन थॉम मंदिर को घेरकर उसके चारों ओर कंटीले तार लगा दिए थे। इसके बाद थाई सैनिकों ने ड्रोन छोड़ा और हवाई फायरिंग की।

वहीं, थाई सेना के मुताबिक पहले कंबोडियाई सैनिकों ने संघर्ष शुरू किया। थाईलैंड ने बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो गोलीबारी शुरू हो गई।

प्रीह विहियर मंदिर पर थाईलैंड का दावा

प्रीह विहियर मंदिर को लेकर दोनों देशों में लंबे समय से विवाद है। थाईलैंड इस मंदिर पर कंट्रोल करने की कोशिश में लगातार लगा रहा, जिसके बाद 1959 में कंबोडिया यह मामला अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में लेकर गया।

साल 1962 में अदालत ने फैसला दिया कि मंदिर कंबोडिया का है। कोर्ट ने थाईलैंड को अपने सैनिक हटाने का आदेश दिया। तब थाईलैंड ने इसे स्वीकार किया, लेकिन आसपास की जमीन को लेकर विवाद जारी रखा।

2008 में यह विवाद तब और बढ़ गया जब इस मंदिर को यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल कर लिया। मंदिर को मान्यता मिलने के बाद दोनों देशों की सेनाओं में फिर झड़पें शुरू हो गईं और 2011 में तो हालात इतने बिगड़ गए कि हजारों लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हो गए।

साल 2013 में कोर्ट ने अपने पुराने फैसले को साफ करते हुए कहा कि मंदिर ही नहीं, उसके आसपास का क्षेत्र भी कंबोडिया का है। साथ ही थाईलैंड को अपनी सेना वहां से पूरी तरह हटाने को कहा गया। हालांकि सीमा का मुद्दा अब तक पूरी तरह हल नहीं हो पाया है।

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सैकड़ों साल से विवाद

थाईलैंड और कंबोडिया का इतिहास लंबे समय तक खमेर साम्राज्य (कंबोडिया) और सियाम साम्राज्य (थाईलैंड) के बीच टकरावों से जुड़ा रहा है।

फ्रांस और ब्रिटिश शासन के दौरान भी दोनों देशों की सीमाओं को तनाव था, जिसकी वजह से प्रीह विहियर (प्रिय विहार) और ता मुएन थॉम मंदिरों के आसपास की जमीन पर अधिकार को लेकर कानूनी और राजनीतिक विवाद लगातार चलता रहा था।

1907 में जब कंबोडिया फ्रांस के अधीन था तब दोनों देशों के बीच 817 किमी की लंबी सीमा खींची गई थी।

थाईलैंड ने इसका विरोध किया, क्योंकि नक्शे में प्रीह विहियर (प्रिय विहार) मंदिर कंबोडिया के हिस्से में दिखाया गया था। वहीं, ता मुएन थॉम मंदिर को थाईलैंड में दिखाया गया, जबकि कंबोडिया इसे अपना मानता है।

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