
रिटायरमेंट के बाद फाइनेंशियल फ्रीडम हर व्यक्ति का सपना होता है। बढ़ती महंगाई और बदलती लाइफस्टाइल को देखते हुए आज के समय में रिटायरमेंट के लिए कम से कम 1 करोड़ रुपये का फंड होना जरूरी माना जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सैलरी पाने वाला आम निवेशक सिर्फ SIP के जरिए इतना बड़ा फंड बना सकता है? हां, बशर्ते सही प्लानिंग और अनुशासन के साथ निवेश किया जाए।
SIP का सबसे बड़ा फायदा है कंपाउंडिंग का जादू और समय के साथ बाजार के उतार-चढ़ाव को औसत करने की क्षमता। अगर कोई निवेशक इक्विटी म्यूचुअल फंड में लंबी अवधि के लिए SIP करता है, तो औसतन 12% सालाना रिटर्न मानकर 1 करोड़ रुपये का टारगेट हासिल किया जा सकता है। हालांकि, रिटर्न बाजार पर निर्भर करता है और इसमें उतार-चढ़ाव संभव है।
अब समझते हैं पूरा कैलकुलेशन
अगर आप हर महीने 10,000 रुपये की SIP शुरू करते हैं और 12% सालाना रिटर्न मिलता है, तो 1 करोड़ रुपये जुटाने में करीब 21 साल का समय लग सकता है। वहीं, अगर SIP राशि को बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति माह कर दिया जाए, तो यही टारगेट लगभग 18 साल में हासिल हो सकता है। अगर कोई निवेशक 20,000 रुपये की मंथली SIP करता है, तो 1 करोड़ रुपये का फंड करीब 16 साल में तैयार हो सकता है।
कम समय में टारगेट कैसे हासिल करें?
कम समय में लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं तो SIP अमाउंट बढ़ाना होगा। उदाहरण के लिए, 30,000 रुपये की मंथली SIP से 1 करोड़ रुपये का फंड लगभग 13 साल में बन सकता है। वहीं, 40,000 रुपये प्रति माह निवेश करने पर यह टारगेट करीब 11 साल में पूरा किया जा सकता है। यह साफ करता है कि SIP में समय और रकम दोनों का संतुलन बेहद अहम है।
स्टेप-अप SIP
एक और स्मार्ट तरीका है स्टेप-अप SIP, जिसमें हर साल SIP की राशि 5-10% तक बढ़ाई जाती है। इससे बिना ज्यादा दबाव डाले कम समय में बड़ा फंड बनाया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर, अगर आप 10,000 रुपये से शुरुआत करके हर साल 10% SIP बढ़ाते हैं, तो 1 करोड़ रुपये का टारगेट 17 साल में भी हासिल हो सकता है।


