
स्टॉक मार्केट के निवेशकों के पोर्टफोलियो में गुरुवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। तीन दिनों से लगातार गिरावट के बाद गुरुवार, 22 जनवरी को शेयर बाजार में तेजी दर्ज की गई। निवेशकों के पोर्टफोलियो में आज एक दिन में रपीब 4.50 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हो गई। आंकड़ों के मुताबिक, बीते सत्र यानी बुधवार को बीएसई मार्केट कैप 454 लाख करोड़ रुपये था, यह को बाजार बंद होते ही बढ़कर 458 करोड़ रुपये हो गया। कारोबारी सत्र के आखिर में बीएसई सेंसेक्स 397.74 अंक यानी 0.49 प्रतिशत की तेजी के साथ 82,307.37 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 132.40 अंक या 0.53 प्रतिशत चढ़कर 25,289.90 पर बंद हुआ।
इन शेयरों में दिखी जोरदार तेजी
बीएसई सेंसेक्स में शामिल 30 प्रमुख कंपनियों में से आज 24 उछाल के साथ बंद हुए। डॉ रेड्डीज लैब्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अडानी पोर्ट्स, अडानी एंटरप्राइजेज, टाटा स्टील निफ्टी पर टॉप गेनर्स में शामिल थे। सेक्टोरल लेवल पर देखें तो आज रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर, बाकी सभी इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए, जिसमें FMCG, पावर, मेटल, मीडिया, PSU बैंक, फार्मा में 1-2% की बढ़त देखने को मिली। बाजार में जारी कमजोरी के बीच 260 से अधिक शेयरों ने अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर को छू लिया।
हालांकि, कई बड़े और मिड-कैप शेयरों में तेज दबाव देखने को मिला। 52-हफ्ते के लो पर पहुंचने वाले प्रमुख शेयरों में आदित्य बिड़ला लाइफस्टाइल ब्रांड्स, सफायर फूड्स, देवयानी इंटरनेशनल, कल्याण ज्वैलर्स, सीमेंस एनर्जी, लोढ़ा डेवलपर्स, गोदरेज प्रॉपर्टीज, जुबिलेंट फूडवर्क्स, तेजस नेटवर्क्स, चिल्ड्रन्स मेडिकेयर, सिंजेन इंटरनेशनल, आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज और कॉनकॉर्ड बायोटेक शामिल रहे।
शुक्रवार को कैसी रहेगी बाजार की चाल?
जानकारों का कहना है कि शुक्रवार को ग्लोबल मार्केट से घरेलू बाजार को सपोर्ट मिलने की संभावना है। यूरोपीय बाजारों, विशेषकर जर्मनी के DAX और STOXX 50 में आई जोरदार तेजी ने वैश्विक सेंटिमेंट को सुधारा है। इससे निवेशकों में जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है, जिसका असर भारतीय ओपनिंग पर दिख सकता है। इसके अलावा, शुक्रवार को बैंकिंग और फ्रंटलाइन स्टॉक्स (दिग्गज शेयरों) में खरीदारी की उम्मीद है, जो इंडेक्स को सहारा दे सकते हैं। विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली का दबाव बाजार के लिए एक चुनौती बना हुआ है। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की लगातार खरीदारी बाजार को निचले स्तरों पर गिरने से बचा रही है। इंडिया VIX’ (India VIX) में आई हालिया गिरावट एक राहत भरा संकेत है। यह दर्शाता है कि बाजार में घबराहट कम हो रही है और कारोबार एक सीमित दायरे में रह सकता है।


