
अगर आप अक्सर हवाई सफर करते हैं और डेबिट या क्रेडिट कार्ड के जरिए एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस का फायदा उठाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। जनवरी 2026 से देश के तीन बड़े कार्ड जारी करने वाले बैंक एसबीआई, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई अपने कार्ड नियमों में बड़े बदलाव करने जा रहे हैं। इन बदलावों का सीधा असर आपके लाउंज एक्सेस, खर्च की शर्तों, रिवॉर्ड पॉइंट्स और कुछ फीस पर पड़ेगा। अगर आपने समय रहते इन नए नियमों को नहीं समझा, तो एयरपोर्ट पर आपको असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
आईसीआईसीआई बैंक क्रेडिट कार्ड: 15 जनवरी से नए नियम
आईसीआईसीआई बैंक ने अपने चुनिंदा क्रेडिट कार्ड्स के लिए 15 जनवरी 2026 से नए नियम लागू करने का ऐलान किया है। इन बदलावों के तहत रिवॉर्ड स्ट्रक्चर, एंटरटेनमेंट बेनिफिट्स और विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) ट्रांजैक्शन से जुड़े चार्जेस में संशोधन किया गया है। इसके अलावा, कुछ खास प्रकार के भुगतान पर नए शुल्क भी लगाए गए हैं। बैंक का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य ट्रांजैक्शन को ज्यादा पारदर्शी बनाना है, लेकिन कार्डधारकों को अब पहले से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होगी।
एसबीआई कार्ड: लाउंज नेटवर्क का विस्तार
एसबीआई कार्ड ने 10 जनवरी 2026 से अपने डोमेस्टिक एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस प्रोग्राम में बदलाव किया है। अब एसबीआई क्रेडिट कार्ड यूजर्स को कार्ड के प्रकार के आधार पर सेट-A और सेट-B कैटेगरी के तहत देशभर के कई एयरपोर्ट लाउंज की सुविधा मिलेगी। हालांकि, लाउंज में प्रवेश से पहले कार्ड को POS मशीन पर वैलिडेट करना अनिवार्य होगा। यह सुविधा खासतौर पर उन कार्ड्स पर लागू है जिनकी सालाना फीस 1499 रुपये या 2999 रुपये है।
एचडीएफसी बैंक: डेबिट कार्ड यूजर्स के लिए नई शर्तें
एचडीएफसी बैंक ने अपने डेबिट कार्ड ग्राहकों के लिए एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस से जुड़ी खर्च सीमा में बदलाव किया है। 10 जनवरी 2026 से लागू नए नियमों के तहत अब बैंक ने वाउचर-बेस्ड सिस्टम शुरू किया है। इसका मतलब है कि मुफ्त लाउंज एक्सेस पाने के लिए ग्राहकों को तय अवधि में न्यूनतम खर्च करना होगा, जो पहले की तुलना में लगभग दोगुना किया गया है।
क्यों जरूरी है ये अपडेट जानना?
हवाई यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ एयरपोर्ट लाउंज की डिमांड भी तेजी से बढ़ी है। इसी को देखते हुए बैंक अब फ्री सुविधाओं को खर्च से जोड़ रहे हैं। ऐसे में अगर आप पुराने नियमों के भरोसे एयरपोर्ट पहुंचेंगे, तो निराशा हाथ लग सकती है।


