Saturday, January 10, 2026
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Post Office में ₹7,00,000 निवेश करने पर ₹3,14,964 का मिलेगा फिक्स ब्याज, ये स्कीम है बेजोड़


5-साल की टाइम डिपॉज़िट स्कीम सेक्शन 80C के तहत टैक्स कटौती की छूट मिलती है।- India TV Paisa

Photo:INDIA TV 5-साल की टाइम डिपॉज़िट स्कीम सेक्शन 80C के तहत टैक्स कटौती की छूट मिलती है।

फिक्स्ड डिपोजिट (एफडी) की तर्ज पर पोस्ट ऑफिस में टाइम डिपॉज़िट स्कीम है जो भारतीय डाक द्वारा पेश की गई एक फिक्स्ड-इनकम स्मॉल सेविंग स्कीम है। इस योजना में निवेशक एकमुश्त राशि तय अवधि के लिए निवेश कर गारंटीड ब्याज आय हासिल कर सकते हैं। यह स्कीम वित्त मंत्रालय द्वारा समर्थित है, जिससे इसमें निवेश पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है। स्थिर रिटर्न, लचीले निवेश विकल्प और प्रतिस्पर्धी ब्याज दरें इस योजना को निवेशकों के बीच लोकप्रिय बनाती हैं। वर्तमान में पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉज़िट स्कीम पर 6.90% से 7.50% तक ब्याज दिया जा रहा है।


यह ब्याज दरें 1 साल से 5 साल की अलग-अलग अवधियों के लिए लागू हैं।

योजना की मुख्य विशेषताएं

इसमें आपको गारंटीड और सुरक्षित रिटर्न मिलता है। बैंक एफडी जैसा निवेश विकल्प मिलता है। केंद्र सरकार द्वारा समर्थित है। इसमें 1, 2, 3 और 5 साल की अवधि में निवेश की सुविधा उपलब्ध है। यह मध्यम और दीर्घकालीन निवेशकों के लिए उपयुक्त है। आप कम से कम 1000 रुपये जमा करके टाइम डिपॉज़िट अकाउंट खोल सकते हैं। अतिरिक्त डिपॉज़िट 1000 रुपये के मल्टीपल में किए जा सकते हैं, इसकी कोई ऊपरी लिमिट नहीं है। साथ ही 6 महीने के बाद समय से पहले पैसे निकालने की अनुमति है, जिससे फाइनेंशियल इमरजेंसी की स्थिति में जमाकर्ताओं को लिक्विडिटी मिलती है।

₹7,00,000 निवेश पर रिटर्न का कैलकुलेशन

7.5 प्रतिशत ब्याज दर वाली इस पोस्ट ऑफिस की 5 साल वाली इस स्कीम में जब आप ₹7,00,000 एकमुश्त जमा करते हैं तो मेच्योरिटी पर यानी 60 महीने बाद आपको कैलकुलेशन के मुताबिक,  ₹3,14,964 सिर्फ ब्याज के तौर पर मिलेगा, वह भी गारंटीड। इस तरह, कैलकुलेशन के मुताबिक, पांच साल बाद आपके पास कुल ₹10,14,964 का फंड तैयार हो जाएगा। यानी बाजार से बिना कोई जोखिम उठाए आपको पक्का रिटर्न मिल जाएगा। 

टैक्स छूट के भी फायदे

5-साल की टाइम डिपॉज़िट स्कीम सेक्शन 80C के तहत टैक्स कटौती की छूट मिलती है, जिसकी लिमिट हर साल ₹1.5 लाख है। हालांकि, कमाए गए इंटरेस्ट पर पूरी तरह से टैक्स लगता है, और अगर इंटरेस्ट सालाना छूट की लिमिट से ज्यादा होता है, तो TDS लागू होगा। पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉज़िट स्कीम में ब्याज की गणना तिमाही आधार पर कंपाउंडिंग के साथ की जाती है, जबकि ब्याज का भुगतान सालाना किया जाता है। यह व्यवस्था उन निवेशकों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है, जो लंबी अवधि में कंपाउंडिंग के ज़रिये बेहतर रिटर्न चाहते हैं और साथ ही हर साल नियमित ब्याज आय भी प्राप्त करना चाहते हैं।

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