Friday, March 6, 2026
Homeअर्थव्यवस्थाNo Cost EMI क्या होती है? समझिए इसका मतलब, कैसे काम करती...

No Cost EMI क्या होती है? समझिए इसका मतलब, कैसे काम करती है और इसके फायदे-नुकसान


No Cost EMI पर बड़ा सामान बिना तुरंत बड़ा खर्च किए खरीद सकते हैं।- India TV Paisa

Photo:FREEPIK No Cost EMI पर बड़ा सामान बिना तुरंत बड़ा खर्च किए खरीद सकते हैं।

ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान No Cost EMI का विकल्प अक्सर नजर आता है, खासकर जब आप स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी, फ्रिज जैसा महंगा सामान खरीदना चाहते हैं लेकिन एक साथ पूरा पैसा खर्च नहीं करना चाहते। यह सुविधा बड़े खर्च को छोटी-छोटी मासिक किस्तों में बांटने का आसान तरीका लगती है, और सबसे खास बात यह कि इसमें अतिरिक्त ब्याज नहीं देना पड़ता है। लेकिन क्या यह वाकई पूरी तरह “नो कॉस्ट” है? आइए विस्तार से समझते हैं कि No Cost EMI क्या है, यह कैसे काम करती है, इसके फायदे क्या हैं और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है। 

No Cost EMI क्या है?

No Cost EMI एक प्रमोशनल पेमेंट प्लान है, जिसमें प्रोडक्ट की कीमत को बराबर मासिक किस्तों (EMI) में विभाजित कर चुकाया जाता है, और ग्राहक को प्रोडक्ट की मूल कीमत से ज्यादा कुछ नहीं देना पड़ता। यानी कोई अतिरिक्त ब्याज या फाइनेंस चार्ज नहीं दिखता। यह उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है जो कैश में पूरा भुगतान नहीं कर सकते, लेकिन बजट में फिट होने वाली मासिक किस्तों से सामान लेना चाहते हैं।

No Cost EMI कैसे काम करती है?

सामान्य EMI में ब्याज शामिल होता है, जिससे कुल भुगतान राशि बढ़ जाती है। लेकिन No Cost EMI में ब्याज ग्राहक से सीधे नहीं लिया जाता। असल में यह ब्याज ब्रांड, सेलर या रिटेलर द्वारा सब्सिडी या डिस्काउंट के रूप में कवर किया जाता है।


उदाहरण से समझें:

मान लीजिए एक स्मार्टफोन की कीमत ₹30,000 है।

कैश में खरीदने पर ₹2,000 का डिस्काउंट मिल सकता है (₹28,000 में मिल जाए)।

No Cost EMI चुनने पर आपको ₹30,000 ही चुकाना पड़ता है (12 महीने में ₹2,500 x 12), लेकिन डिस्काउंट नहीं मिलता।

बैंक ब्याज लेता है, लेकिन वह राशि सेलर द्वारा दी गई छूट से एडजस्ट हो जाती है।

कोटक महिंद्रा बैंक के मुताबिक, इस तरह ग्राहक को “नो कॉस्ट” लगता है, लेकिन असल में ब्याज छिपा हुआ होता है (डिस्काउंट के रूप में)। कभी-कभी प्रोडक्ट की MRP थोड़ी ज्यादा दिखाई जाती है।

No Cost EMI के फायदे

लचीलापन: बड़ा सामान बिना तुरंत बड़ा खर्च किए खरीद सकते हैं।

बजट मैनेजमेंट: मासिक किस्तें छोटी होती हैं, आसानी से चुकाई जा सकती हैं।

क्रेडिट स्कोर में सुधार: समय पर EMI चुकाने से क्रेडिट हिस्ट्री मजबूत होती है।

फेस्टिव सेल्स में आकर्षक: अमेजन, फ्लिपकार्ट, रिलायंस डिजिटल आदि पर अक्सर उपलब्ध।

No Cost EMI चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान

शर्तें अच्छे से पढ़ें: ऑफर की पूरी डिटेल्स, टेन्योर (3-24 महीने), प्रोसेसिंग फीस, फोरक्लोजर चार्ज आदि चेक करें।

डिस्काउंट की तुलना करें: No Cost EMI चुनने पर कैश डिस्काउंट, कैशबैक या अन्य ऑफर छूट सकते हैं। कुल लागत कैलकुलेट करें।

हिडन चार्जेस: प्रोसेसिंग फीस (1-3%), GST (ब्याज पर 18%), कैंसिलेशन पेनल्टी आदि लग सकते हैं।

प्रोडक्ट पात्रता: हर प्रोडक्ट पर यह ऑफर नहीं मिलता; न्यूनतम अमाउंट या स्पेसिफिक ब्रांड्स पर ही लागू होता है।

बजट चेक: किस्त आपके मासिक बजट में फिट होनी चाहिए, वरना डिफॉल्ट से क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है।

RBI गाइडलाइंस: RBI ने “जीरो इंटरेस्ट” को भ्रामक माना है, इसलिए अब ट्रांसपेरेंसी बेहतर है, लेकिन फिर भी सावधानी बरतें।

Latest Business News





Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments