देश की राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) से इस बार जो कहानी निकली है उसने न सिर्फ एक परिवार बल्कि पूरे यूपी का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया. उत्तर प्रदेश के उझानी की बेटी सिद्धि जैन ने ट्रेनिंग पूरी करने के साथ इतिहास रच दिया है. सिद्धि को पहली महिला राष्ट्रपति कांस्य पदक विजेता बनने का सम्मान मिला है.
पुणे के खडकवासला में रविवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में जैसे ही नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने सिद्धि को यह मेडल पहनाया, पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा. मंच पर बेटी और मंच के नीचे पिता-माता और बहनों के चेहरे पर गर्व की चमक किसी स्वर्ण पदक से कम नहीं थी.
यूपी की बेटी ने लिखी नई कहानी
सिद्धि जैन बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात अध्यापक निखिल जैन की बेटी हैं. साधारण परिवार की यह बेटी बचपन से ही पढ़ाई में तेज रही है. सिद्धि के परिवार के लोग बताते हैं कि वह हमेशा से अनुशासनप्रिय और मेहनती रही है. उसकी मां तृप्ति जैन, जो खुद प्राथमिक विद्यालय में अध्यापिका हैं.
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शुरुआत से ही होनहार रही सिद्धि
स्कूल के दिनों में ही सिद्धि ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था. 10वीं सीबीएसई बोर्ड में जिला स्तर पर द्वितीय स्थान हासिल किया. 12वीं में एपीएस इंटरनेशनल स्कूल की टॉपर बनीं. इसके बाद जेईई मेन में 99.32 परसेंटाइल लाकर एनआईटी इलाहाबाद में अपना स्थान पक्का किया. हर कदम पर सिद्धि ने यह साबित किया कि मेहनत करने वाले रास्ता खुद बना लेते हैं.
एनडीए में केवल 18 लड़कियों में चुनी गई थीं सिद्धि
जब एनडीए ने लड़कियों को प्रवेश देना शुरू किया, तब देशभर की लाखों छात्राओं ने इस प्रतिष्ठित अकादमी को अपने सपनों की लिस्ट में रखा. उसी समय सिद्धि ने भी तय कर लिया कि उसे इसी राह पर आगे बढ़ना है.
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