देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान Indian Institute of Management Nagpur (IIM नागपुर) में एक असामान्य विरोध प्रदर्शन सामने आया है जहाँ कई छात्रों ने मिड-टर्म परीक्षाओं का बहिष्कार कर दिया. यह कदम उन 40 फर्स्ट-ईयर छात्रों का समर्थन करने के लिए उठाया गया, जिन्हें बिना अनुमति रात में कैंपस से बाहर रहने के आरोप में मिड-टर्म परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया था.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 21 फरवरी की रात करीब 75 छात्रों ने कैंपस से डिनर के लिए बाहर जाने के बाद देर रात वापस लौटने की वजह से प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन किया था. छात्रों के मुताबिक, कॉर्प्स क्लबों ने अधिकारियों को पहले ही देर लौटने की सूचना दी थी, लेकिन जब समूह सुबह लौटकर कैंपस गेट पर पहुँचा तो उन्हें रोक दिया गया.
इसके बाद छात्रों को ई-मेल के जरिए बताया गया कि वे 24 और 25 फरवरी को होने वाली मिड-टर्म परीक्षाओं में शामिल नहीं हो पाएँगे. कुछ छात्रों का कहना है कि यह एक सामान्य विदाई कार्यक्रम था और उन्होंने नियमों के अनुसार पहले सूचित भी किया था, लेकिन फिर भी सख्त कदम उठाया गया. छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ महिला छात्रों के माता-पिता से अपमानजनक ढंग से बात की गई.
फैसले के विरोध में शांतिपूर्ण विरोध- स्टूडेंट्स
प्रशासन ने कहा कि नियमों के तहत छात्रो को बाहर निकलने से पहले अनुमति लेनी थी और इससे उनके सुरक्षा और कैंपस अनुशासन को सुनिश्चित किया जाता है. संस्थान ने यह भी बताया कि जिन छात्रों को रोक दिया गया है, उन्हें बाद में परीक्षा में बैठने का मौका दिया जाएगा.
छात्रों ने इस कार्रवाई को अनुचित बताया और कहा कि मध्य-अवधि परीक्षा का परिणाम उनके समग्र प्रदर्शन में महत्वपूर्ण होता है. इस कारण लगभग 60 छात्रों ने अपनी परीक्षा में बैठने से इनकार कर दिया और प्रशासन के फैसले के विरोध में शांतिपूर्ण विरोध किया.


