उत्तर प्रदेश के झांसी में पुलिस की लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है. यहां रविवार रात कोतवाली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मध्य प्रदेश के दतिया निवासी शातिर चोर नदीम को गिरफ्तार किया था. लेकिन सोमवार को जिला अस्पताल से बदमाश नदीम फरार हो गया. इस घटना से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. फिलहाल एसएसपी ने लापरवाही के चलते दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया है.
हैरानी इस बात की है कि जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था, तो नदीम लंगड़ाकर चल रहा था. जबकि वो पुलिस हिरासत में इस हालत में कैसे भाग गया, ये बड़ा सवाल है. फिलहाल स्थानीय पुलिस उसकी तलाश में जुटी है. उसके सतह ग्वालियर निवासी दीपक उर्फ़ संजय जाटव को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था.
कैसे हुआ फरार ?
जानकारी के मुताबिक पुलिस सोमवार को नदीम और संजय को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल लेकर आयी थी. इस बीच नदीम ने पुलिसकर्मियों को चकमा दिया और फरार हो गया. पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले, जिसमें नदीम टैक्सी से भागते हुए दिख रहा है, जिसके बाद टैक्सी ड्राईवर अमित को हिरासत में लिया. ड्राईवर के मुताबिक नदीम ने हांफते हुए आया और बोला कि मां की तबियत खराब है और दतिया गेट तक छोड़ने की बात कही. इस बीच बाजार में जाम लगने पर वह टैक्सी से उतर गया और 50 रुपए देकर चला गया.
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
एसपी ने इस मामले में पुलिस कर्मियों की लापरवाही मानी है और फरार नदीम की तलाश तेज करने के निर्देश दिए हैं. जबकि सिपाही महेंद्र गुप्ता और ज्ञानेंद्र को निलंबित कर दिया है. इसके अलावा सीसीटीवी और सूत्रों के जरिए उसे गिरफ्तार करने के प्रयास तेज कर दिए हैं.
रविवार रात हुई थी मुठभेड़
यहां बता दें कि कोतवाली पुलिस ने रविवार रात नगरिया कुआं गांव में मुठभेड़ के बाद मध्य प्रदेश के दतिया निवासी नदीम और ग्वालियर निवासी दीपक उर्फ़ संजय जाटव को गिरफ्तार किया था. दोनों के पास से दो अवैध तमंचे, कारतूस, एक बाइक और लगभग 6 लाख रुपये मूल्य के चोरी के जेवरात बरामद हुए थे.
Input By : पुष्पेन्द्र सिंह यादव


