बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कथित IRCTC घोटाले में निचली अदालत की ओर से तय किए गए आरोपों को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. लालू यादव की यह याचिका सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट में जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा की बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गई है.
रॉउज एवन्यू कोर्ट ने लालू यादव समेत अन्य के खिलाफ तय किए थे आरोप
दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट की स्पेशल कोर्ट ने पिछले साल अक्टूबर में लालू प्रसाद यादव सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए थे. इस मामले में लालू यादव की पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके बेटे और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत अन्य लोगों के खिलाफ भी आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं.
स्पेशल जज विशाल गोगने की कोर्ट ने आरोप तय करते हुए कहा था कि जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे, तब उन्होंने अपने पद का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया. अदालत के मुताबिक, IRCTC के होटल टेंडर से जुड़ी पात्रता शर्तों में हेरफेर किया गया, ताकि पसंदीदा कंपनियों को लाभ पहुंचाया जा सके.
कोर्ट ने माना प्रथम दृष्टया साजिश की जानकारी लालू यादव को थी
रॉउज एवन्यू कोर्ट ने यह भी माना कि प्रथम दृष्टया इस कथित साजिश की जानकारी लालू यादव को थी और वे फैसले प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल थे. इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा. यह मामला साल 2017 में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर से शुरू हुआ था.
सीबीआई के मुताबिक, साल 2004 से 2009 के बीच जब लालू यादव रेल मंत्री थे. तब पटना और पुरी में स्थित IRCTC के होटलों के टेंडर कुछ खास निजी पार्टियों को देने के लिए साजिश रची गई. इसके बदले में आरोपियों को जमीन और शेयर के रूप में कथित तौर पर रिश्वत दी गई. जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव और 11 अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था. अब दिल्ली हाईकोर्ट में यह तय होगा कि निचली अदालत द्वारा लगाए गए आरोपों पर आगे की कार्रवाई जारी रहेगी या नहीं.
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