तेल सिर्फ एक कमोडिटी नहीं, बल्कि भारत की ग्रोथ का असली एक्सीलरेटर है। Black Gold यूं ही नहीं कहा जाता, क्योंकि यही अर्थव्यवस्था का इंजन चलाता है। चुनौती यह है कि भारत अपनी 85% से ज़्यादा कच्चे तेल की ज़रूरत इम्पोर्ट से पूरी करता है, जिससे कीमतों में हल्का उछाल भी महंगाई और ग्रोथ पर असर डालता है। इसी बीच बड़ा डेवलपमेंट सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुकेश अंबानी की Reliance Industries अमेरिका सरकार से Venezuelan oil इम्पोर्ट की मंज़ूरी लेने की कोशिश कर रही है। Reliance, US State और Treasury Departments से बातचीत में है। यह कदम ऐसे समय पर है जब रूसी तेल की हिस्सेदारी घट रही है। मंज़ूरी मिली तो वेनेजुएला भारत के crude basket में मजबूत विकल्प बनेगा। यह दिखाता है कि भारत तेल के मामले में dependent नहीं, बल्कि prepared है।


