इंस्टीट्यूट ऑफ पर्सनल बैंकिंग (IBPS) ने क्लर्क मेन्स परीक्षा का परिणाम आज, 2 मार्च 2026 को जारी कर दिया है. जिन उम्मीदवारों ने यह परीक्षा दी थी, वे अब अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट ibps.in पर जाकर देख सकते हैं. अभ्यर्थी सीधे वेबसाइट के लिंक के जरिए भी अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं.
जो उम्मीदवार इस परीक्षा में सफल हुए हैं, उन्हें अब डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल जांच के लिए बुलाया जाएगा. इन दोनों चरणों को पूरा करने के बाद ही नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. इसलिए चयनित उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अपने सभी जरूरी कागज तैयार रखें.
कब हुई थी परीक्षा?
आईबीपीएस क्लर्क मेन्स परीक्षा का आयोजन 29 नवंबर और 2 दिसंबर 2026 को किया गया था. यह परीक्षा कुल 15,701 पदों को भरने के लिए आयोजित की गई थी. इन पदों पर कस्टमर सर्विस एसोसिएट (CSA) की भर्ती की जानी है. देश भर से लाखों उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में भाग लिया था.
स्कोरकार्ड में क्या-क्या जानकारी होगी?
ऐसे होगा सिलेक्शन
आईबीपीएस क्लर्क भर्ती की चयन प्रक्रिया साफ और सीधी है. उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षाओं और भाषा जांच के आधार पर किया जाता है. पूरी प्रक्रिया तीन मुख्य चरणों में पूरी होती है. प्रीलिम्स परीक्षा को पास करना जरूरी है, लेकिन इसके अंक अंतिम मेरिट लिस्ट में नहीं जोड़े जाते. यानी यह परीक्षा केवल क्वालीफाइंग होती है. जो उम्मीदवार इस चरण को पास करते हैं, उन्हें मुख्य परीक्षा में बैठने का मौका मिलता है.
अंतिम चयन पूरी तरह से मुख्य परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर किया जाता है. मेरिट लिस्ट इसी परीक्षा के नंबर से तैयार होती है. इसलिए उम्मीदवारों के लिए इस परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करना बहुत जरूरी होता है. मुख्य परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवारों को उस राज्य की स्थानीय भाषा का टेस्ट देना होता है, जहां से उन्होंने आवेदन किया है.
उम्मीदवार का नाम
- पिता का नाम
- श्रेणी और उप श्रेणी
- जिस राज्य के लिए आवेदन किया
- मेन्स परीक्षा की तारीख
- पास या फेल
ऐसे करें IBPS Clerk Mains Result डाउनलोड
सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट ibps.in पर जाएं.
होमपेज पर “CRP Clerical Cadre” के लिंक पर क्लिक करें.
इसके बाद “Result of Online Main Examination” पर क्लिक करें.
अब अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज करें.
आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा.
इसे डाउनलोड करें और भविष्य के लिए रख लें.
नेगेटिव मार्किंग
परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग का भी नियम लागू था. हर गलत उत्तर पर एक चौथाई अंक काटे जाते थे. इसलिए जिन उम्मीदवारों ने सोच-समझकर सवाल हल किए, उन्हें इसका फायदा मिला होगा. सही जवाब देने के साथ-साथ गलतियों से बचना भी जरूरी था.
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