Friday, January 23, 2026
Homeअर्थव्यवस्थाFY2026 में भारत की जीडीपी ग्रोथ पर IMF का बड़ा अनुमान, जानें...

FY2026 में भारत की जीडीपी ग्रोथ पर IMF का बड़ा अनुमान, जानें ग्लोबल रैंकिंग में प्रमुख देशों की स्थिति


 अनुमान है कि दुनिया भर में महंगाई दर में गिरावट आएगी।- India TV Paisa

Photo:FREEPIK अनुमान है कि दुनिया भर में महंगाई दर में गिरावट आएगी।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ ने शुक्रवार को दुनिया के देशों की जीडीपी की ग्रोथ रेट का अनुमान किया है। इसमें आईएफएफ ने भारत की आर्थिक वृद्धि 2026 में 6.3% और 2027 में 6.5% रहने का अनुमान लगाया है। हालांकि आईएमएफ की तरफ से जारी यह अनुमान कैलेंडर वर्ष के आधार पर लगाया गया है। यह अनुमान देश की मजबूत घरेलू मांग, निवेश गतिविधियों में निरंतरता और संरचनात्मक सुधारों के चलते लगाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था तुलनात्मक रूप से बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने की स्थिति में है और आने वाले वर्षों में यह दुनिया की तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बनी रह सकती है।

वैश्विक आर्थिक वृद्धि 2026 में 3.3% रहने का अनुमान

आईएमएफ को वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिर गति से वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है। वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (अक्टूबर 2025) के बाद जारी ताज़ा संशोधन के अनुसार, वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर 2026 में 3.3 प्रतिशत और 2027 में 3.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पहले के अनुमानों से थोड़ा अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक, तकनीकी निवेश में तेजी, राजकोषीय और मौद्रिक नीतियों से मिला समर्थन, अनुकूल वित्तीय हालात और निजी क्षेत्र की अनुकूलन क्षमता ने व्यापार नीतियों में बदलाव के प्रभाव को काफी हद तक संतुलित किया है।

दुनिया भर में महंगाई दर में गिरावट आएगी

महंगाई के मोर्चे पर वैश्विक स्तर पर राहत की उम्मीद जताई गई है। अनुमान है कि दुनिया भर में महंगाई दर में गिरावट आएगी, हालांकि अमेरिका में महंगाई अपने लक्ष्य स्तर तक अपेक्षाकृत धीमी गति से लौटेगी। रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि आर्थिक परिदृश्य के लिए कई नकारात्मक जोखिम बने हुए हैं। इनमें तकनीक से जुड़ी उम्मीदों का दोबारा आकलन और भू-राजनीतिक तनावों में संभावित बढ़ोतरी प्रमुख जोखिम कारक हैं। नीतिनिर्माताओं को सलाह दी गई है कि वे राजकोषीय बफर को बहाल करें, मूल्य और वित्तीय स्थिरता बनाए रखें, नीति से जुड़ी अनिश्चितताओं को कम करें और दीर्घकालिक विकास के लिए संरचनात्मक सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करें।

Latest Business News





Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments