Sunday, February 22, 2026
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EU-India फ्री ट्रे़ड एग्रीमेंट से कारोबार, AI और मजबूत सप्लाई चेन के खुलेंगे दरवाजे, जानें और क्या कहा?


ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलरी में स्टेट सेक्रेटरी एलेक्जेंडर प्रोल।- India TV Paisa

Photo:PTI ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलरी में स्टेट सेक्रेटरी एलेक्जेंडर प्रोल।

यूरोपीय संघ और भारत के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA को ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलरी में स्टेट सेक्रेटरी एलेक्जेंडर प्रोल ने “सभी डील्स की मां” बताया है। उन्होंने इसे व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मजबूत सप्लाई चेन के क्षेत्र में एक बड़ा अवसर करार दिया है। प्रोल ने कहा कि यह समझौता लगभग 200 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाएगा और इसे लागू  होने पर दुनिया के सबसे बड़े फ्री ट्रेड जोन में से एक का निर्माण होगा।

प्रधानमंत्री मोदी का ऑस्ट्रिया दौरा और FTA

प्रोल ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2024 में ऑस्ट्रिया के दौरे पर आए थे, जो दोनों देशों के 75 साल लंबे कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक था। इस दौरे के बाद ईयू-इंडिया फ्री ट्रे़ड एग्रीमेंट पर सहमति बनी, जिसे उन्होंने यूरोपीय संघ और भारत दोनों के लिए “विन-विन स्थिति” बताया।

FTA के प्रमुख लाभ

इस समझौते के लागू होने पर EU से भारत को जाने वाले 96.6% उत्पादों और भारत से EU को जाने वाले 99.5% उत्पादों पर शुल्क या तो समाप्त हो जाएगा या कम कर दिया जाएगा। यह व्यापार के क्षेत्र में दोनों देशों के लिए नए अवसर खोलेगा और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल सहयोग

प्रोल ने AI को भविष्य के सहयोग का मुख्य क्षेत्र बताया और कहा, AI को मानव-केंद्रित होना चाहिए। हमें ऐसा AI विकसित करना चाहिए जो लोगों के लिए काम करे, लोकतंत्र की सुरक्षा करे और नवाचार को बढ़ावा दे। इससे दोनों देशों को एक-दूसरे से सीखने का अवसर मिलेगा।

ग्लोबल सप्लाई चेन और साझेदारी

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का उद्देश्य देशों के बीच अलगाव नहीं, बल्कि परस्पर निर्भरता बढ़ाना है। प्रोल ने कहा कि यह अलगाव की नीति नहीं है, बल्कि दोनों पक्षों में निर्भरताओं को बढ़ाने और देशों को करीब लाने का प्रयास है। यह समझौता इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। EU-India FTA अभी अंतिम कानूनी समीक्षा और यूरोपीय संसद की मंजूरी के अधीन है, साथ ही इसे भारत की प्रक्रियाओं से भी अनुमोदन प्राप्त करना है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसे अगले कुछ महीनों से लेकर एक साल के भीतर लागू किया जा सकता है।

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