Tuesday, January 13, 2026
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Blood Pressure: क्या बार-बार ब्लड प्रेशर चेक करने से जल्दी बीमार पड़ते हैं आप, जान लें क्या कहते हैं डॉक्टर?


Is It Bad To Check Blood Pressure Frequently: कई लोग बार-बार अपना ब्लड प्रेशर चेक करते रहते हैं, लेकिन सवाल यह है कि कितनी बार जांच करना ठीक है और कब यह आदत नुकसानदेह हो सकती है. यही सवाल हाल ही में क्वोरा पर भी सामने आया क्या बार-बार ब्लड प्रेशर चेक करना गलत है? इसको लेकर इंडियन एक्सप्रेस से जुबिटर हॉस्पिटल, ठाणे में इंटरनल मेडिसिन के डायरेक्टर डॉक्टर अमित सराफ ने बात की. उन्होंने बताया कि नियमित रूप से ब्लड प्रेशर मापना अपने आप में नुकसानदेह नहीं है, लेकिन इसे किस तरह और किस वजह से किया जा रहा है, यह ज्यादा मायने रखता है. कुछ लोगों के लिए बार-बार मापने से तसल्ली मिलती है और बीमारी को संभालने में मदद मिलती है, जबकि कुछ लोगों में यही आदत चिंता बढ़ा देती है, जिससे रीडिंग भी अस्थायी रूप से ज्यादा आ सकती है.

कब नहीं होता है यह फायदेमंद?

डॉक्टर के मुताबिक, समस्या तब शुरू होती है जब लोग बिना डॉक्टर की सलाह के दिन में कई बार ब्लड प्रेशर मापने लगते हैं. हर तनावपूर्ण स्थिति, हर खाने के बाद या हल्के-फुल्के लक्षणों पर तुरंत मशीन निकाल लेना फायदेमंद नहीं होता. ऐसा करने से मेजरमेंट एंग्जायटी हो सकती है, यानी रीडिंग को लेकर तनाव इतना बढ़ जाता है कि ब्लड प्रेशर अस्थायी रूप से बढ़ा हुआ दिखने लगता है. यह जरूरी नहीं कि व्यक्ति का असली ब्लड प्रेशर हाई हो, कई बार यह सिर्फ मानसिक तनाव का असर होता है.

होम ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग उन लोगों के लिए ज्यादा उपयोगी मानी जाती है, जिन्हें पहले से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, जो ब्लड प्रेशर की दवाइयां ले रहे हैं, खासतौर पर तब, जब हाल ही में दवा की डोज बदली गई हो या फिर जिन्हें डायबिटीज, किडनी की बीमारी या दिल से जुड़ी समस्याएं हों. वहीं, जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर नहीं है और जो सामान्य तौर पर स्वस्थ हैं, उनके लिए रोज़ाना ब्लड प्रेशर चेक करना जरूरी नहीं होता.

कब मापना चाहिए ब्लड प्रेशर?

अगर जांच की सही फ्रीक्वेंसी की बात करें, तो डॉक्टर बताते हैं कि ज्यादातर हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए कुछ दिनों तक सुबह और शाम एक-एक बार ब्लड प्रेशर मापना पर्याप्त होता है, वह भी डॉक्टर की सलाह के अनुसार. लंबे समय में हफ्ते में कुछ बार या डॉक्टर से मिलने से पहले रीडिंग लेना काफी माना जाता है. इसके अलावा, अगर लगातार सिरदर्द, चक्कर, सीने में भारीपन, असामान्य थकान या दिल की धड़कन तेज महसूस हो, तो उस समय ब्लड प्रेशर जांचना मददगार हो सकता है. इससे डॉक्टर को यह समझने में आसानी होती है कि रीडिंग का मरीज की मौजूदा स्थिति से क्या संबंध है.

किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए?

घर पर ब्लड प्रेशर मापते समय सटीकता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. मापने से पहले कम से कम पांच मिनट तक शांति से बैठना चाहिए. जांच से आधे घंटे पहले कैफीन, धूम्रपान या एक्सरसाइज से बचना बेहतर होता है. हाथ को दिल के स्तर पर सहारा देकर रखना चाहिए और भरोसेमंद डिजिटल ब्लड प्रेशर मशीन का इस्तेमाल करना चाहिए. बेहतर नतीजों के लिए दो रीडिंग लेकर उनका औसत नोट करना सही रहता है. डॉक्टर कहते हैं कि समझदारी से किया गया ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग डॉक्टरों को सही फैसले लेने में मदद करता है, लेकिन अगर यह आदत जरूरत से ज्यादा और बिना कारण की हो जाए, तो यह उलझन और तनाव ही बढ़ाती है. मकसद जागरूक रहना होना चाहिए, घबराना नहीं.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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