पूरे असम के साथ-साथ जोरहाट भी 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है. जिला प्रशासन ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं. अंतिम चरण की तैयारियों के तहत, मतदान और प्रेसीडिंग अधिकारियों को जोरहाट गवर्नमेंट बॉयज़ स्कूल से उनके निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया गया. ये अधिकारी आवश्यक चुनाव सामग्री के साथ विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेंगे.
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जोरहाट जिले में कुल 886 मतदान केंद्र हैं, जो जोरहाट, तिताबोर, मरियानी और तेओक विधानसभा क्षेत्रों में फैले हुए हैं. जिले में कुल 7,11,747 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.
जिला कमिश्नर ने क्या दी जानकारी?
जिला आयुक्त जय शिवानी ने बताया कि मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. उन्होंने जानकारी दी कि 9 अप्रैल को सुबह 5:30 बजे मॉक पोल शुरू होगा और सुबह 7:00 बजे से मतदान प्रक्रिया प्रारंभ होगी.
उन्होंने यह भी बताया कि भारत के चुनाव आयोग के द्वारा पिछले कुछ वर्षों से दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए घर से मतदान की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. जोरहाट में लगभग 400 मतदाता पहले ही इस सुविधा के तहत अपना वोट डाल चुके हैं.
प्रमुख राजनीतिक हस्तियों में पवित्र मार्गरिटा और गौरव गोगोई जोरहाट में मतदान करेंगे. इसके अलावा लगभग 15 से 20 पूर्व सांसद, विधायक और अन्य विशिष्ट व्यक्ति भी यहां अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.
सुरक्षा व्यवस्था के तहत सभी मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनाती की गई है. जिले के 22 मतदान केंद्रों को ‘क्रिटिकल’ श्रेणी में रखा गया है, जहां अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में कोई भी ‘वulnerable’ मतदान केंद्र नहीं है.
मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए जिला प्राशसन ने चलाया जागरूकता अभियान
मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन के SVEEP (सिस्टेमेटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्ट्रोरल पार्टिसिपेशन) सेल ने व्यापक जागरूकता अभियान चलाया है. इसमें मैस्कॉट लॉन्च, कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, सिनेमा हॉल में विशेष संदेशों का प्रसारण, रेडियो पर प्रचार, मतदाता प्रतियोगिताएं और गांवों में रैलियां शामिल हैं. साथ ही, विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत घर-घर जाकर मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जिससे मतदान प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है.
इस बीच, चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारी भी उत्साहित हैं. पहली बार चुनाव ड्यूटी कर रही प्रियंका बोरा ने कहा, “यह मेरी पहली चुनाव ड्यूटी है. मुझे उम्मीद है कि सब कुछ अच्छे से होगा और मैं अपनी जिम्मेदारियां निभाने को लेकर आत्मविश्वास से भरी हूं.”
पूरे असम में 126 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 2,49,58,139 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. प्रशासन ने राज्यभर में शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. सभी तैयारियों के साथ जोरहाट 9 अप्रैल को होने वाले लोकतांत्रिक महापर्व के लिए पूरी तरह तैयार है.
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