तेलंगाना में नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक तापमान चरम पर है, जहां सत्ता के गलियारों से लेकर सड़कों तक चुनावी शोर सुनाई दे रहा है. राज्य की 7 नगर निगमों और 116 नगर पालिकाओं में होने वाले इस चुनावी महाकुंभ में कुल 12,993 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, 2,996 वार्ड्स में होने वाले इस चुनाव के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जहां प्रति वार्ड औसतन चार उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी. मतदान 11 तारीख को सुबह से शुरू होगा और 13 को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे.
चुनावी रणनीतिकारों के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के मैदान में उतरने का मतलब है कि कोई भी सीट आसान नहीं है और हर वार्ड में मुकाबला दिलचस्प होने वाला है. राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार को अपने चरम पर पहुंचा दिया है और 9 तारीख को प्रचार अवधि समाप्त होने से पहले वे वोटरों को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. निर्वाचन आयोग ने आदर्श आचार संहिता के सख्त पालन के निर्देश दिए हैं, ताकि मतदान प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण संपन्न हो सके.
राजनीतिक पार्टियों के लिए अहम परीक्षा
ये चुनाव केवल स्थानीय निकायों के लिए नहीं, बल्कि राज्य की बड़ी राजनीतिक पार्टियों के लिए भी एक अहम परीक्षा की तरह है. बुनियादी सुविधाओं से लेकर शहरी विकास तक, कई मुद्दे इस बार चुनावी चर्चाओं में शामिल हैं. भले ही ये चुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़ा जाता है, लेकिन इसके परिणामों का असर राज्य की राजनीति पर भी देखने को मिलता है. अब सभी निगाहें 11 तारीख को मतदान प्रतिशत पर टिकी हैं, क्योंकि जितना ज्यादा वोटिंग होगी, लोकतंत्र को उतना ही मजबूत माना जाएगा.
सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया
चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया है और लोगों से डर या प्रलोभन के बिना अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की है. 13 तारीख को आने वाले नतीजे यह तय करेंगे कि आम जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है और राज्य के शहरी क्षेत्रों का विकास किस दिशा में अग्रसर होगा.
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