Higher Tax On Cigarettes: अगर आप सिगरेट पीते हैं तो पैकेट पर लिखी चेतावनी सिर्फ स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब यह सीधे आपकी जेब पर भी असर डाल रही है. सरकार की ओर से एक फरवरी को पेश किए गए बजट में जिन उत्पादों पर सबसे बड़ा झटका दिया गया है, उनमें सिगरेट भी शामिल है. तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाए जाने के बाद सिगरेट की कीमतों में तेज इजाफा देखने को मिला है.
पॉकेट जलाएगी सिगरेट
नई दरों के बाद ज्यादातर ब्रांड्स की जो सिगरेट पहले 10 रुपये में मिल जाती थी, वह अब कम से कम 20 से 25 रुपये में बिकेगी. वहीं प्रीमियम सिगरेट की कीमतों में इससे भी ज्यादा बढ़ोतरी हुई है, जिससे धूम्रपान की आदत पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा खर्चीली हो गई है. करीब सात साल बाद सिगरेट पर इतनी बड़ी टैक्स बढ़ोतरी की गई है.
सरकार का तर्क है कि तंबाकू पर लगाए जाने वाले टैक्स को वैश्विक स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप लाना जरूरी था. इसके साथ ही सरकार का उद्देश्य लोगों को स्मोकिंग से हतोत्साहित करना भी है, ताकि इसके दुष्प्रभावों को कम किया जा सके. बजट में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों के लिए एक नया टैक्स सिस्टम पेश किया गया है, जो जीएसटी कम्पनसेशन व्यवस्था की जगह लेगा, जिसे जुलाई 2017 में लागू किया गया था.
क्यों सिगरेट पर इतना बड़ा टैक्स??
दरअसल, संसद ने दिसंबर में इस नए टैक्स सिस्टम का रास्ता साफ कर दिया था, जब सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर अधिक टैक्स लगाने को मंजूरी दी गई थी. अब बजट के जरिए इसे लागू कर दिया गया है, जिसका सीधा असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है और यह कदम सरकार की स्वास्थ्य और राजस्व दोनों से जुड़ी रणनीति को दर्शाता है.
जबकि, 76 एमएम सिगरेट की कीमत प्रति पैक 50 से 55 रुपये तक हो जाने की उम्मीद है. लेकिन यह उस ब्रांड के ऊपर निर्भर करता है. अब अंतिम कीमत कंपनियों की तरफ से सिगरेट की रिवाइज्ड कीमत के ऊपर निर्भर करेगा.
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