आज के समय में अगर किसी युवा से पूछा जाए कि उसकी ड्रीम जॉब क्या है, तो ज्यादातर लोग बिना सोचे Google का नाम ले लेते हैं. शानदार सैलरी, फ्री फैसिलिटीज़, वर्ल्ड-क्लास वर्क एनवायरनमेंट और नई-नई टेक्नोलॉजी पर काम करने का मौका, यही वजह है कि गूगल में काम करना लाखों युवाओं का सपना होता है. हर साल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया से 30 लाख से ज्यादा लोग Google में नौकरी के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 1 प्रतिशत से भी कम लोगों का सिलेक्शन होता है.
इसका मतलब साफ है. गूगल में नौकरी पाना आसान नहीं है, लेकिन नामुमकिन भी नहीं. कई स्टूडेंट्स यह सोचकर घबरा जाते हैं कि हम गूगल तक कैसे पहुंचेंगे. कौन-सी पढ़ाई करनी जरूरी है, क्या सिर्फ टॉप कॉलेज वाले ही सिलेक्ट होते हैं. अगर आपके मन में भी ऐसे सवाल हैं, तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि गूगल में कैसे नौकरी लगती है, कौन सी पढ़ाई करनी होती है और शुरुआती सैलरी कितनी मिलती है.
गूगल में नौकरी के लिए कौन-सी पढ़ाई जरूरी है?
गूगल में नौकरी पाने के लिए डिग्री से ज्यादा स्किल्स मायने रखती हैं, लेकिन फिर भी टेक्निकल रोल्स के लिए ये पढ़ाई फायदेमंद होती है. गूगल में नौकरी के लिए जरूरी डिग्री (Preferred Education) B.E. / B.Tech (Computer Science / IT), MCA (Master of Computer Applications) और कुछ मामलों में B.Sc / M.Sc (Computer Science) भी मान्य होती है. लेकिन गूगल सिर्फ डिग्री नहीं देखता, बल्कि आपकी सोचने की क्षमता और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल ज्यादा जरूरी होती है.
गूगल में नौकरी कैसे लगती है?
1. ऑनलाइन आवेदन (Apply Online) – सबसे पहले आपको Google Careers वेबसाइट पर जाकर अपनी पसंद की जॉब के लिए अप्लाई करना होता है. रिज्यूमे में अपने प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप और स्किल्स को साफ-साफ लिखें. अगर किसी गूगल एम्प्लॉई से रेफरल मिल जाए, तो सिलेक्शन के चांस बढ़ जाते हैं.
2. रिक्रूटर कॉल – अगर आपका रिज्यूमे शॉर्टलिस्ट होता है, तो HR या रिक्रूटर की कॉल आती है. इसमें सवाल पूछे जाते हैं जैसे:आपने अब तक क्या काम किया है, गूगल में ही क्यों काम करना चाहते हैं, आपका सबसे अच्छा प्रोजेक्ट कौन-सा था.
3. टेक-होम असेसमेंट / प्रोजेक्ट – कुछ रोल्स के लिए आपको घर पर बैठकर कोडिंग टेस्ट, केस स्टडी या छोटा प्रोजेक्ट दिया जाता है. इसमें आपकी सोचने की क्षमता और काम करने का तरीका देखा जाता है.
4. टेक्निकल इंटरव्यू – यह सबसे अहम स्टेप होता है. इसमें 3 से 5 इंटरव्यू राउंड होते हैं. हर राउंड करीब 45–60 मिनट का होता है.
5. गूगलनेस (Behavioral Interview) – इस राउंड में आपकी पर्सनालिटी देखी जाती है:आप टीम में कैसे काम करते हैं, किसी विवाद को कैसे सुलझाते हैं, मुश्किल समय में आपने क्या किया.
6. फाइनल अप्रूवल और ऑफर – सभी इंटरव्यू के बाद हायरिंग कमेटी फैसला लेती है.
पूरा प्रोसेस आमतौर पर 4 से 8 हफ्तों में पूरा हो जाता है.
गूगल में शुरुआती सैलरी कितनी मिलती है?
गूगल में फ्रेशर्स के लिए सैलरी Software Engineer (Freshers) 15 लाख से 40 लाख सालाना होती है. साथ ही सैलरी रोल और लोकेशन पर निर्भर करती है. इसके अलावा इंटर्नशिप सैलरी 50,000 से 1 लाख प्रति माह होती है.
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