
अगर आप नई कार खरीदने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो थोड़ा इंतजार फायदेमंद साबित हो सकता है। साल 2026 भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए ऐतिहासिक बनने जा रहा है। मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी देश की दिग्गज कार कंपनियां अगले साल 30 से ज्यादा नए वाहन लॉन्च करने की तैयारी में हैं। यह पिछले पांच सालों में सबसे बड़ा लॉन्च प्लान माना जा रहा है, जिससे बाजार में एक बार फिर जबरदस्त हलचल देखने को मिल सकती है।
ऑटो सेक्टर में यह तेजी ऐसे समय देखने को मिल रही है, जब टैक्स कटौती और जीएसटी दरों में कमी के बाद कारों की मांग में उछाल आया है। 2025 में कुल 19 नए मॉडल लॉन्च हुए थे, जबकि 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 31 तक पहुंचने वाला है। साल 2021 से अब तक हर साल औसतन 10-11 नई कारें ही बाजार में आई थीं, ऐसे में आने वाला साल रिकॉर्ड तोड़ साबित हो सकता है।
इलेक्ट्रिक वाहनों का रहेगा दबदबा
2026 के लॉन्च पोर्टफोलियो में इलेक्ट्रिक कारों का खास दबदबा देखने को मिलेगा। मारुति सुजुकी जल्द ही अपनी पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी e-Vitara को बाजार में उतारने वाली है। वहीं टाटा मोटर्स भी दो नई इलेक्ट्रिक गाड़ियां लॉन्च करने की तैयारी कर रही है, जिनमें काफी समय से चर्चा में रही Sierra EV भी शामिल होगी। इसके अलावा टोयोटा किर्लोस्कर मोटर भी एक नई इलेक्ट्रिक एसयूवी लॉन्च करेगी।
विदेशी कंपनियां भी दिखाएंगी दम
भारतीय बाजार में विदेशी ईवी कंपनियां भी आक्रामक रणनीति के साथ उतर रही हैं। वियतनाम की इलेक्ट्रिक कार निर्माता VinFast तीन नए मॉडल लॉन्च करेगी, जिनमें एक प्रीमियम 7-सीटर इलेक्ट्रिक एमपीवी शामिल है। वहीं चीन की Leapmotor, फ्रांस की सिट्रोएन के साथ मिलकर भारत में एंट्री करने जा रही है और दो नए इलेक्ट्रिक मॉडल पेश करेगी।
SUV सेगमेंट रहेगा सबसे आगे
ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 में भी एसयूवी सेगमेंट ही बिक्री का मुख्य आधार रहेगा। खासतौर पर मिड-साइज और प्रीमियम एसयूवी में कड़ा कॉम्पिटिशन देखने को मिलेगी। हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि ज्यादातर लॉन्च फेसलिफ्ट या अपडेटेड मॉडल होंगे, जिससे कुल बिक्री में बहुत बड़ा उछाल आने की संभावना कम है। छोटे कार सेगमेंट में मांग फिलहाल कमजोर बनी रह सकती है।
EV की हिस्सेदारी अभी सीमित
भले ही नई लॉन्चिंग में इलेक्ट्रिक कारों की संख्या तेजी से बढ़ रही हो, लेकिन कुल बिक्री में इनकी हिस्सेदारी अभी भी लो सिंगल डिजिट में रहने की उम्मीद है। ईवी की मांग फिलहाल शहरी और प्रीमियम ग्राहकों तक ही सीमित रहेगी।


