Thursday, January 15, 2026
HomeBreaking Newsड्राइविंग लाइसेंस नियम बदलने की तैयारी, अब गलती पर कटेंगे प्वाइंट और...

ड्राइविंग लाइसेंस नियम बदलने की तैयारी, अब गलती पर कटेंगे प्वाइंट और बढ़ेगा पेनल्टी स्कोर


देश में ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन से जुड़े नियमों को आसान, डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े कई नियमों में संशोधन पर विचार कर रहा है.इसका मकसद लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने से बचाना, प्रक्रिया को सरल बनाना और सड़क सुरक्षा को बेहतर करना है.

सरकार का कहना है कि यह बदलाव ईज ऑफ लिविंग यानी आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने के लिए किया जा रहा है. इसके साथ ही ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती भी बढ़ेगी, ताकि सड़क पर जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा मिल सके. सरकार का फोकस अब सिर्फ चालान काटने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ड्राइविंग व्यवहार को सुधारने पर होगा. इसके लिए पेनल्टी प्वाइंट सिस्टम, डिजिटल सेवाओं का विस्तार, और प्रक्रियात्मक झंझटों को कम करने जैसे कदम उठाने की योजना बनाई जा रही है. 

40 से 60 साल वालों को बड़ी राहत

प्रस्तावित नियमों के अनुसार, अब 40 से 60 वर्ष की उम्र के लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या रिन्यू कराने के लिए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट जमा करने की जरूरत नहीं होगी. अभी तक इस उम्र वर्ग के लोगों को डॉक्टर से प्रमाण पत्र लेना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की परेशानी होती थी. सरकार मानती है कि यह प्रक्रिया अनावश्यक देरी का कारण बनती है. 

गलती करने पर कटेंगे पेनल्टी प्वाइंट

नए सिस्टम में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि ड्राइविंग लाइसेंस पर पेनल्टी प्वाइंट भी जुड़ेंगे. ये प्वाइंट्स ई-चालान सिस्टम के जरिए सीधे लाइसेंस से लिंक किए जाएंगे. अगर किसी ड्राइवर के प्वाइंट तय सीमा से ज्यादा हो जाते हैं, तो ड्राइविंग लाइसेंस कुछ समय के लिए सस्पेंड किया जा सकता है. ड्राइविंग पर अस्थायी प्रतिबंध लग सकता है. इसका मकसद लोगों को बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने से रोकना है. 

बीमा प्रीमियम भी हो सकता है महंगा

सरकार इस बात पर भी विचार कर रही है कि पेनल्टी प्वाइंट्स को वाहन बीमा से जोड़ा जाए यानी अगर कोई ड्राइवर बार-बार नियम तोड़ता है, तो उसका बीमा प्रीमियम बढ़ सकता है. इससे सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा मिलेगा और लापरवाह चालकों पर आर्थिक दबाव पड़ेगा. वाहन खरीदने और बेचने की प्रक्रिया को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए आधार आधारित ऑथेंटिकेशन लागू किया जा सकता है. इससे आरटीओ दफ्तरों में भीड़ कम होगी, कागजी काम घटेगा, फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी पर रोक लगेगी. 

ड्राइविंग टेस्ट और लाइसेंस प्रक्रिया होगी तेज

सरकार का लक्ष्य ड्राइविंग टेस्ट, लाइसेंस अप्रूवल और अन्य सेवाओं में होने वाली देरी को कम करना है. इसके लिए डिजिटल सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा. लाइसेंस धारक खुद जानकारी अपडेट कर सकेंगे.अब लाइसेंस धारक अपना मोबाइल नंबर, पता और अन्य विवरण डिजिटल रूप से अपडेट कर सकेंगे, जिसके लिए आरटीओ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. 

यह भी पढ़ें : क्रेडिट कार्ड होल्डर की मौत के बाद बकाये बिल का क्या होता है? बैंक किससे करेंगे वसूली?जचत



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments