Wednesday, January 14, 2026
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Iran Protest Ali Larijani Donald Trump | ट्रम्प बोले-प्रदर्शन जारी रखें, सरकारी इमारतों पर कब्जा कर लें: मदद रास्ते में है; ईरान ने कहा- ट्रम्प-नेतन्याहू हमारे लोगों के हत्यारे; अब तक 2000 मौतें


9 मिनट पहले

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ट्रम्प ने विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई के बीच ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत की संभावना खत्म करने की बात कही है। - Dainik Bhaskar

ट्रम्प ने विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई के बीच ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत की संभावना खत्म करने की बात कही है।

ईरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शन का आज 18वां दिन है। इस बीच ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान की जनता का मुख्य हत्यारा बताया। X पर की गई एक पोस्ट में अली ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का नाम भी लिया और उन्हें दूसरा हत्यारा बताया।

उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान में प्रदर्शन कर रह लोगों को सरकारी इमारतों पर कब्जा करने की सलाह दी है। उन्होंने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान के देशभक्त प्रदर्शन करते रहें और अपनी संस्थाओं को अपने कब्जे में लें।

ट्रम्प ने लोगों से प्रदर्शन जारी रखने की अपील की और कहा कि मदद रास्ते में हैं। जो लोग प्रदर्शनकारियों की हत्या और उन पर अत्याचार कर रहे हैं, उनके नाम नोट कर लो। उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

बाद में ट्रम्प से इस बयान का मतलब पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया। ट्रम्प ने मीडिया से कहा कि आप लोगों को खुद ही इसका मतलब समझना होगा।

ट्रम्प ने यह भी कहा कि उन्होंने ईरान के अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकों को रद्द कर दिया है। जब तक प्रदर्शनकारियों की हत्याएं बंद नहीं होतीं, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी।

ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी के मुताबिक ईरान के सभी 31 प्रांतों में 600 से ज्यादा विरोध प्रदर्शन हुए हैं। इनमें मारे गए लोगों में से 1,850 प्रदर्शनकारी थे और 135 सरकार से जुड़े लोग थे। 16,700 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।

इटली के रोम में ईरान के देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में उतरी एक महिला।

इटली के रोम में ईरान के देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में उतरी एक महिला।

प्रदर्शनकारियों का फ्यूनरल आज

ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक बुधवार को विरोध प्रदर्शनों में मारे गए लोगों और सुरक्षाकर्मियों का अंतिम संस्कार तेहरान यूनिवर्सिटी में किया जाएगा। रॉयटर्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक मंगलवार तक ईरान में खूनी विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,000 हो गई है।

इरफान सुलतानी को सरेआम फांसी देगा ईरान

26 साल के इरफान सुलतानी को सुरक्षा एजेंटों ने प्रदर्शन में शामिल होने पर तेहरान के उत्तर-पश्चिम में स्थित शहर कराज से गिरफ्तार किया है। ईरान सराकर ने घोषणा की थी कि विरोध प्रदर्शनों में गिरफ्तार किए गए लोगों को फांसी दी जाएगी।

इरफान को आज फांसी दी जानी है। उसकी सजा मोहरेबेह (भगवान के खिलाफ युद्ध छेड़ना) है। कोई ट्रायल नहीं, कोई वकील नहीं, परिवार को सिर्फ 10 मिनट की आखिरी मुलाकात मिलेगी।

डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को कहा कि अगर ईरान में अधिकारी सरकार के खिलाफ पॉपुलर विद्रोह पर कार्रवाई में लोगों को फांसी देना शुरू करते हैं, तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा।

AFP की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने CBS न्यूज को एक इंटरव्यू में कहा, “अगर वे ऐसा करते हैं तो हम बहुत कड़ी कार्रवाई करेंगे।”

ट्रम्प ने कहा- जब वे हजारों लोगों को मार रहे हैं तब आप मुझे फांसी के बारे में बता रहे हैं। हम देखेंगे कि यह उनके लिए कैसा रहता है।

क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी से सीक्रेट मुलाकात

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट एक्सियोस के मुताबिक ट्रम्प के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ ने पिछले हफ्ते ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी से सीक्रेट मुलाकात की। यह बैठक चुपचाप हुई और इसके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

रेजा पहलवी ईरान के आखिरी शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे हैं। वह 1978 में अपने पिता के सत्ता से हटने से पहले ही ईरान छोड़ चुके थे। इसके बाद से वह ज्यादातर अमेरिका में ही रह रहे हैं, खासतौर पर लॉस एंजिलिस और वॉशिंगटन डीसी में।

ईरान में इंटरनेट बंद होने से पहले दिए गए अपने संदेशों में रेजा पहलवी ने कहा था कि वह देश में सत्ता परिवर्तन की प्रोसेस का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने ईरान में जनमत संग्रह कराने और बिना हिंसा के बदलाव की बात भी कही है।

निर्वासित क्राउन प्रिंस का मानना है कि ईरान एक संवैधानिक राजशाही बन सकता है, जहां शासक जनता की तरफ से चुना जाए, न कि सिर्फ वंश के आधार पर। पिछले साल जून में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा था कि शांति का एक ही रास्ता एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक ईरान है।

ईरान में हिंसा से कश्मीरी परिवारों की चिंता बढ़ी

ईरान में तनाव के बीच वहां पढ़ाई कर रहे भारत के 2 हजार कश्मीरी छात्रों के परिवारों की चिंता बढ़ गई है। मध्य कश्मीर के फारूक अहमद का बेटा तेहरान के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहा है। उन्होंने बताया, ‘चार दिन पहले बात हुई थी। वह डरा हुआ था। उसने बताया कि हिंसा के साथ अमेरिका के हमले का भी डर है।’ इसके बाद से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। घाटी के कई अन्य परिवारों ने भी ऐसी ही चिंता जताई है।

जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के नेशनल कन्वीनर नासिर खुहामी ने बताया कि 1,500 से ज्यादा कश्मीरी वहां काम के सिलसिले में मौजूद हैं।

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तेहरान के हॉस्पिटल के सामने लाशों का ढेर, लोग अपने परिवार वालों को तलाश रहे

ईरान में पिछले 17 दिन से हिंसक विरोध प्रदर्शन जारी है। CNN के मुताबिक, ईरान की राजधानी तेहरान में एक हॉस्पिटल के बाहर लोगों की लाशों का ढेर पड़ा है। इस ढेर में कुछ लोग अपने परिवार वालों की लाशें तलाश रहे हैं। ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ दो हफ्ते से जारी विद्रोह में अब तक 2 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। यह जानकारी न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने दी है। वहीं, ब्रिटिश वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने 12 हजार मौतों का दावा किया है। पढ़ें पूरी खबर…

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