Union Budget 2026: यूनियन बजट 2026 को आने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. ऐसे में आम लोगों से लेकर राज्यों तक को आगामी बजट से कई उम्मीदें हैं. केंद्र सरकार की ओर से भी इसकी तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं, ताकि सभी वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखा जा सके.
इसी कड़ी में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार, 10 जनवरी को नई दिल्ली में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों के साथ प्री-बजट परामर्श बैठक की है. जिसमें बजट 2026 से जुड़ी प्राथमिकताओं और सुझावों पर चर्चा की गई. आइए जानते हैं, बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा की गई….
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान कई राज्यों की ओर से पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना को जारी रखने की बात कही गई. साथ ही योजना के लिए अधिक आवंटन की जरूरतों पर भी जोर दिया गया. राज्य के प्रतिनिधियों ने कहा कि, यह योजना राज्यों और विधानमंडल वाले केंद्रशासित प्रदेशों में विकास कार्यों को तेज करने में मदद कर रही है.
इसके जरिए नई परिसंपत्तियां तैयार हो रही हैं और पूंजीगत निवेश को भी मजबूत समर्थन मिल रहा है. आंकड़ों की बात करें तो, वित्त वर्ष 2020–21 से अब तक केंद्र सरकार इस योजना के लिए 4.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक जारी कर चुकी है.
इन राज्यों ने लिया हिस्सा
इस बैठक में दिल्ली, गोवा, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, मेघालय और सिक्किम के मुख्यमंत्री मौजूद रहे. वहीं अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना के उपमुख्यमंत्रियों के साथ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्री और अन्य प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए. बैठक में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और मणिपुर के राज्यपाल ने हिस्सा लिया.
केंद्र सरकार की तरफ से वित्त मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक का हिस्सा बने. इनमें आर्थिक कार्य विभाग, व्यय विभाग और राजस्व विभाग के सचिवों के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकारों के अन्य अधिकारी शामिल थे.
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