बंगाल में चुनावी सुगबुगाहट अब जाहिर होने लगी है. गुरुवार को कथित कोयला तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने I-PAC के ऑफिस में छापेमार कार्रवाई की. कार्रवाई के बाद से ही पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी इसके खिलाफ नजर आईं.
बीजेपी पर जमकर हमलावर नजर आईं ममता बनर्जी
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने की कोशिश कर रही है. उन्होंने महाराष्ट्र और हरियाणा में ऐसा किया था. उन्होंने कहा कि मैं कभी प्रतिक्रिया नहीं देती. अगर मुझे कोई चोट पहुंचाता है, तो उन्हें नहीं छोड़ती हूं. वे एसआईआर के नाम पर स्थानीय लोगों को निशाना बना रहे हैं. उन्होंने बूढ़े लोगों और गर्भवती महिलाओं को परेशान किया. यह लोग टीएमसी को गाली देते हैं. टीएमसी कार्यकर्ता बहुत समर्पित हैं. एसआईआर के नाम पर स्थानीय लोगों को परेशान किया जा रहा है. उनके डॉक्यूमेंट लिए जा रहे हैं. उन्हें रसीद नहीं दी जा रही है. वह एक-एक BLO के साथ जनगणना प्रक्रिया में घर-घर गए हैं.
‘BJP जैसी पार्टी पहले कभी नहीं देखी..’
उन्होंने कहा कि बीजेपी जैसी पार्टी पहले कभी नहीं देखी. अगर बंगाली में बात करते हैं, तो आपको बांग्लादेशी घोषित कर दिया जाता है. बंगाल में रोहिंग्या मौजूद हैं. रोहिंग्या कहा हैं? अगर रोहिंग्या हैं, तो असम में एसआईआर क्यों शुरू नहीं किया गया. म्यांमार में सबसे ज्यादा रोहिंग्या आते हैं. पहले उन्हें मणिपुर, नागालैंड और असम से होकर गुजरना पड़ता है. यह सब इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि वे बंगाल में सत्ता में आने की कोशिश कर रहे हैं.
ममता बनर्जी ने कहा, ‘वह ईसीआई के जरिए वोट चोरी करते हैं. ईसी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता. पिछले चार सालों से बांग्लार आवास योजना बंद है. मिड डे मिल का पैसा और सर्व शिक्षा अभियान का पैसा रोक दिया गया. आपको पता है कि चुनाव आयोग में कौन बैठा हुआ है. चुनाव आयुक्त गृहमंत्री के सहकारिता विभाग के सचिव थे. अगर ज्ञानेश कुमार वोट गायब कर रहे हैं, तो मैं चुप क्यों रहूंगी. अगर वोटर के अधिकार छीने जाएंगे, तो मैं तुम्हारे अधिकार छीन लूंगी.’
‘हमारे सांसदों को बेहरमी से घसीटा’
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि टीएमसी सांसदों को बेरहमी से घसीटा गया. सभी एजेंसियों पर कब्जा कर लिया गया. बीजेपी शासित राज्यों में बंगाली बोलने वाले नागरिकों पर हमला किया जा रहा. ओडिशा, मध्यप्रदेश, यूपी, दिल्ली और राजस्थान में बंगालियों पर हमला किया जा रहा. यहां हिंदी बोलने वाले नागरिकों पर कभी हमला नहीं हुआ.
दरअसल, शुक्रवार को ईडी की रेड के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने को लेकर टीएमसी कांग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया. ईडी ने ममता बनर्जी पर कोलकाता में चल रहे, सर्च ऑपरेशन के दौरान टॉप पॉलिटिकल कंसल्टेंसी ग्रुप I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर में घुसने और फिजिकल डॉक्यूमेंट्स समेत अहम इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लेने का आरोप लगाया.


