Friday, January 9, 2026
Homeव्यापारतीन गुणा बढ़ी चांदी की कीमत, फिर भी 2025 में सबसे बड़ा...

तीन गुणा बढ़ी चांदी की कीमत, फिर भी 2025 में सबसे बड़ा आयातक रहा भारत, अब चीन ने बढ़ाई टेंशन


India Leads Silver Imports: देश में साल 2025 के दौरान चांदी की कीमतों में करीब तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है. ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, औद्योगिक मांग में तेज उछाल, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति से जुड़ी अनिश्चितताओं ने चांदी को एक रणनीतिक धातु के रूप में और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है.

भारत वर्तमान में रिफाइंड सिल्वर का दुनिया का सबसे बड़ा आयातक बन चुका है. वर्ष 2025 में देश ने करीब 9.2 अरब डॉलर मूल्य की चांदी का आयात किया. दिलचस्प बात यह है कि कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बावजूद, भारत का चांदी आयात एक साल पहले की तुलना में 44 प्रतिशत अधिक रहा.

कीमतों में ऐतिहासिक तेजी

आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2025 में चांदी की कीमत करीब 80,000 से 85,000 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जबकि जनवरी 2026 में यह बढ़कर लगभग 2.43 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई.

जीटीआरआई के अनुसार, इस तेज उछाल के पीछे केवल भू-राजनीतिक तनाव या वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले जैसे घटनाक्रम ही नहीं हैं, बल्कि वैश्विक मांग के ढांचे में तेज बदलाव भी एक बड़ा कारण है.

औद्योगिक उपयोग बना मुख्य ड्राइवर

आज दुनिया की 50 प्रतिशत से अधिक चांदी की खपत औद्योगिक क्षेत्रों में हो रही है. इसमें प्रमुख रूप से—

  • इलेक्ट्रॉनिक्स,
  • सौर ऊर्जा,
  • इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी),
  • रक्षा एवं हथियार प्रणालियां,
  • और मेडिकल टेक्नोलॉजी शामिल हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, केवल सौर ऊर्जा क्षेत्र में ही वैश्विक चांदी की मांग का करीब 15 प्रतिशत हिस्सा खप रहा है, जो इसके बढ़ते औद्योगिक महत्व को दर्शाता है.

रिफाइंड सिल्वर की मांग बनाम आपूर्ति

साल 2000 के बाद से रिफाइंड सिल्वर की वैश्विक मांग करीब आठ गुना बढ़ चुकी है. यह साफ संकेत है कि चांदी अब केवल पारंपरिक कीमती धातु नहीं रही, बल्कि आधुनिक औद्योगिक अर्थव्यवस्था का एक अहम इनपुट बन चुकी है.

हालांकि, आपूर्ति इस बढ़ती मांग के अनुरूप नहीं बढ़ पाई है. इस मोर्चे पर चीन का दबदबा बना हुआ है. चीन जहां दुनिया का सबसे बड़ा चांदी निर्यातक है, वहीं भारत इसका सबसे बड़ा आयातक बना हुआ है.

चीन के फैसले से बढ़ी वैश्विक चिंता

भारत की चिंता उस समय और बढ़ गई जब चीन ने चांदी के निर्यात के लिए लाइसेंस को अनिवार्य कर दिया. यह नया नियम 1 जनवरी से लागू हो चुका है, जिसके तहत अब हर एक्सपोर्ट शिपमेंट के लिए चीनी सरकार की मंजूरी आवश्यक होगी.

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से वैश्विक चांदी आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे आने वाले समय में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

ये भी पढ़ें: अमेरिका ने किया कब्जा, राष्ट्रपति भी बनाए गए बंदी; फिर भी 50 परसेंट तक उछल गया वेनेजुएला का शेयर बाजार



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments