
भारतीय शेयर बाजार और निवेश जगत के लिए साल का अंत एक बेहद दुखद खबर के साथ हुआ। देश के जाने-माने पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस (PMS) फंड मैनेजर और मल्टीबैगर स्टॉक्स की पहचान के लिए मशहूर सिद्धार्थ भैया का कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। 47 वर्षीय सिद्धार्थ भैया न्यूज़ीलैंड में अपने परिवार के साथ छुट्टियां मना रहे थे, तभी 31 दिसंबर को उन्हें दिल का दौरा पड़ा। उनकी कंपनी Aequitas Investment Consultancy ने इस खबर की पुष्टि की है। उनके अचानक चले जाने से निवेश जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
सिद्धार्थ भैया को भारतीय शेयर बाजार के सबसे तेज-तर्रार और बेबाक इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट्स में गिना जाता था। वे Aequitas के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर थे और उन्होंने इस फर्म को एक बुटीक एसेट मैनेजमेंट कंपनी के रूप में स्थापित किया, जो अल्ट्रा-हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (Ultra-HNIs) के लिए निवेश सेवाएं देती है। जनवरी 2026 तक Aequitas का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) करीब 7,700 करोड़ रुपये था।
शेयर बाजार को लेकर दी तीखी चेतावनी
हाल ही में सिद्धार्थ भैया ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर एक तीखी चेतावनी दी थी। उन्होंने मौजूदा बाजार को “हेल्दी बुल रन” नहीं बल्कि “एपिक प्रोपोर्शंस का बबल” बताया था। उनका कहना था कि निफ्टी का लगभग 20 गुना पीई (P/E) आकर्षक जरूर लगता है, लेकिन यह तस्वीर का सिर्फ एक हिस्सा है। उन्होंने तर्क दिया कि निफ्टी का कम वैल्यूएशन मुख्य रूप से SBI, ONGC, NTPC, Coal India और Power Grid जैसे बड़े PSU शेयरों की वजह से है, जिन्हें ज्यादातर रिटेल निवेशक अपने पोर्टफोलियो में नहीं रखते। इन शेयरों को हटाने पर असली पोर्टफोलियो का पीई 40 से ऊपर और मिडकैप-स्मॉलकैप में 50 से भी ज्यादा है।
SIP पर दिया था बयान
SIP को लेकर भी उनका बयान काफी चर्चा में रहा था। उन्होंने कहा था कि मौजूदा दौर SIP नहीं बल्कि SWT – Systematic Wealth Transfer है, जहां मिडिल क्लास की नियमित निवेश राशि प्रमोटर्स की शेयर बिक्री से मेल खा रही है। Aequitas ने अपने बयान में कहा कि सिद्धार्थ भैया सिर्फ एक निवेशक नहीं बल्कि एक संस्थान निर्माता थे, जो बौद्धिक ईमानदारी, अनुशासन और दीर्घकालिक सोच में विश्वास रखते थे। Helios Capital के फाउंडर समीर अरोड़ा सहित कई दिग्गजों ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया।


