
केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को संसद में बताया कि सरकार ‘भारत टैक्सी’ मोबाइल ऐप लॉन्च करने की योजना बना रही है, जिसका उद्देश्य देश के कमर्शियल व्हीकल ड्राइवरों को प्राइवेट कंपनियों पर निर्भरता से मुक्त कराना है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि डिजिटल ऐप, ‘भारत टैक्सी’ 6 जून 2025 को एमएससीएस अधिनियम 2002 के तहत पंजीकृत एक बहु-राज्य सहकारी समिति, ‘सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड’ द्वारा संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने एक सहकारी-नेतृत्व वाले डिजिटल ऐप मोबिलिटी प्लेटफॉर्म को लॉन्च करने का प्रस्ताव किया है जो देश के कमर्शियल व्हीकल ड्राइवरों को प्राइवेट कंपनियों पर निर्भरता से मुक्त करने में मदद करेगा।’’
ड्राइवर और यात्री दोनों को होगा फायदा
भारत टैक्सी ऐप की प्रमुख विशेषताओं में यूजर के अनुकूल यात्रा के लिए मोबाइल फोन पर बुकिंग, पारदर्शी किराया, लोकेशन ट्रैकिंग, बहुभाषी ‘इंटरफेस’ और नागरिकों के लिए पहुंच, सुरक्षित और सत्यापित यात्रा, समावेशी गतिशीलता, तकनीक-सक्षम सहायता और सुरक्षा उपायों को बढ़ाने के लिए चौबीसों घंटे ग्राहक सेवाएं शामिल हैं। ‘शून्य कमीशन मॉडल’ के साथ, कैब ड्राइवरों को प्रत्येक सवारी से पूरी कमाई मिलेगी। सहकारी समिति का फायदा सीधे ड्राइवरों में बांटा जाएगा। उन्होंने कहा कि पारदर्शी मूल्य निर्धारण मॉडल चालकों और यात्रियों, दोनों के लिए फायदेमंद होगा।
दिल्ली से शुरू होगा भारत-टैक्सी का पायलट प्रोजेक्ट
इस नए प्लेटफॉर्म के आने से प्राइवेट कैब सर्विस देने वाली कंपनियों को कड़ी टक्कर मिलने की संभावना है। इसकी सबसे खास बात ये है कि इसमें ड्राइवरों को किसी भी तरह का कोई कमीशन नहीं देना होगा और यात्री से मिलने वाले सारे पैसे सीधे उनके खाते में आएंगे। भारत-टैक्सी का पायलट प्रोजेक्ट नवंबर में राजधानी दिल्ली से शुरू होगा। इसमें करीब 650 ड्राइवर और उनके वाहन शामिल होंगे। दिसंबर से इसे धीरे-धीरे पूरे देश के अन्य शहरों में लागू किया जाएगा और अनुमान है कि इस दौरान लगभग 5000 ड्राइवर इस सेवा से जुड़ जाएंगे।


