भारतीय स्टेट बैंक यानी SBI, भारत का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है। एसबीआई अपने ग्राहकों को एफडी पर शानदार ब्याज ऑफर कर रहा है। ये सरकारी बैंक, 60 साल से ज्यादा उम्र के ग्राहकों को एफडी खातों पर एक्स्ट्रा ब्याज भी दे रहा है। यहां हम जानेंगे कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में 12 महीने की एफडी पर कितना ब्याज मिल रहा है?
12 महीने की एफडी पर कितना ब्याज दे रहा है SBI
देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक- SBI अपने ग्राहकों को 12 महीने की एफडी पर 6.25 प्रतिशत से लेकर 6.85 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है। भारतीय स्टेट बैंक, 12 महीने यानी 1 साल की अवधि वाले एफडी खातों पर 59 साल तक के सभी ग्राहकों को 6.25 प्रतिशत का ब्याज दे रहा है। जिन ग्राहकों की उम्र 60 साल या इससे ज्यादा है, उन्हें 12 महीने की एफडी स्कीम पर 6.75 प्रतिशत का ब्याज दिया जा रहा है। इनके अलावा, जिन ग्राहकों की उम्र 80 साल या इससे ज्यादा है, उन्हें 12 महीने के एफडी खाते पर 6.85 प्रतिशत का ब्याज दिया जा रहा है। ध्यान रखें कि ये ब्याज दरें 3 करोड़ रुपये से कम के डिपॉजिट के लिए ही मान्य हैं।
SBI FD Rates
वरिष्ठ नागरिकों को क्या मिल रहे हैं फायदे
भारतीय स्टेट बैंक, वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य नागरिकों की तुलना में एफडी खातों पर 0.50 प्रतिशत ज्यादा ब्याज देता है। इसके अलावा, अति वरिष्ठ नागरिक यानी जिनकी उम्र 80 साल या इससे भी ज्यादा हैं, उन्हें वरिष्ठ नागरिकों की तुलना में 0.10 प्रतिशत ज्यादा ब्याज दे रहा है।
SBI ने दिसंबर 2025 में आखिरी बार ब्याज दरों में किया था संशोधन
बताते चलें कि भारतीय स्टेट बैंक ने आखिरी बार दिसंबर, 2025 में अपनी एफडी स्कीम की ब्याज दरों में संशोधन किया था। उसके बाद से ही एसबीआई द्वारा एफडी खातों पर दिए जाने वाले ब्याज दरों में किसी भी तरह का कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।
RBI ने लगातार चौथी बार रेपो रेट को स्थिर रखने का किया फैसला
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आज लगातार चौथी बार रेपो रेट को स्थिर रखने की घोषणा की। आरबीआई ने आखिरी बार दिसंबर 2025 में रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत की कटौती के साथ 5.25 प्रतिशत किया था। उसके बाद से ही रेपो रेट में अभी तक किसी तरह का कोई बदलाव नहीं हुआ है। बताते चलें कि रेपो रेट घटाए जाने पर लोन की ब्याज दरों के साथ-साथ फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरें भी कम हो जाती हैं। इसी तरह, रेपो रेट बढ़ाए जाने पर लोन की ब्याज दरों के साथ-साथ फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरें भी बढ़ जाती हैं।
ये भी पढ़ें


