फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने पेप्सिको और रिलायंस रिटेल जैसी कंपनियों को अपने प्रॉडक्ट्स से ‘एनर्जी ड्रिंक्स’ वाले भ्रामक दावे को हटाने के निर्देश दिए हैं। FSSAI ने इन कंपनियों को इसके लिए 90 दिनों का समय दिया है। बताते चलें कि फूड रेगुलेटर FSSAI ने 1 जुलाई को एनर्जी ड्रिंक बेचने वाली 6 बेवरेज कंपनियों को गलत ब्रांडिंग और गुमराह करने वाले दावों के लिए नोटिस जारी किए थे।
एनर्जी ड्रिंक कैटेगरी के लिए कोई स्टैंडर्ड तय नहीं
FSSAI ने कहा था कि उसने एनर्जी ड्रिंक कैटेगरी के लिए कोई स्टैंडर्ड तय नहीं किया है। जिन 6 कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें रेड बुल एनर्जी ड्रिंक, पेप्सिको का एड्रेनालाइन रश एनर्जी ड्रिंक, रिलायंस कंज्यूमर का कैम्पा एनर्जी ड्रिंक- गोल्ड बूस्ट, स्टिंग एनर्जी ड्रिंक, हैल एनर्जी और कोका-कोला समर्थित मॉन्स्टर एनर्जी के नाम शामिल हैं।
शुक्रवार को हुई थी मीटिंग
सूत्रों के मुताबिक, इंडियन बेवरेज एसोसिएशन (IBA) के तहत एनर्जी ड्रिंक बनाने वाली प्रमुख कंपनियों ने पिछले शुक्रवार को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के CEO और दूसरे अधिकारियों के साथ एक मीटिंग की। ये मीटिंग अथॉरिटी की ओर से जारी किए गए नोटिस को लेकर हुई थी। जहां गुजरात और महाराष्ट्र समेत कुछ राज्यों के फूड सेफ्टी अधिकारी भी मौजूद थे।
90 दिनों के अंदर हटाना होगा ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द
सूत्रों ने बताया कि इंडस्ट्री को FSSAI से कोई राहत नहीं मिली। उन्होंने बताया कि रेगुलेटर ने अपने आदेश का पालन करने के लिए 90 दिन का समय दिया है। इस आदेश के तहत ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द को हटाना होगा। इंडस्ट्री ने नई पैकेजिंग सामग्री का इंतजाम करने के लिए समय मांगा है। हालांकि, आदेश को लागू करने की तारीख का पता नहीं चल सका।
FSSAI ने अपनी सफाई में क्या कहा
FSSAI ने कहा, “FSS एक्ट 2006 और इसके तहत बने नियमों और रेगुलेशन के अनुसार, खाने-पीने की चीजों के लिए शरीर और मन को स्फूर्ति देना, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ाना, एनर्जी लेवल बढ़ाना, सामान्य कमजोरी में मदद करना या ऐसी ही दूसरी स्थितियों से जुड़े फंक्शनल या थेराप्यूटिक दावे करने की इजाजत नहीं है।”
रेगुलेटर ने रद्द किया वेस्टेंड एग्रो प्रोडक्ट्स का लाइसेंस
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने अभी हाल ही में वेस्टेंड एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस रद्द किया था। वेस्टेंड एग्रो अपने फूड प्रोडक्ट्स की मैन्यूफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट को बदलने के साथ ही कई अन्य गंभीर उल्लंघन कर रहा था।
PTI Inputs
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