Tuesday, June 30, 2026
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फर्जी कॉल से लेकर OTP फ्रॉड तक, तेजी से बदला स्कैम करने का तरीका, जानें कैसे रहें सतर्क


पिछले कुछ समय में ऑनलाइन स्कैम की घटनाएं भारत में तेजी से बढ़ी हैं। मोबाइल और इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोग सबसे पहले साइबर क्रिमिनल्स के निशाने पर रहते हैं। साइबर अपराधी फोन फर्जी फोन कॉल्स और मैसेज के साथ-साथ मैसेजिंग ऐप्स, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ई-मेल का इस्तेमाल करके लोगों के साथ ठगी को अंजाम देते हैं। आम तौर पर वे बैंक, सरकारी एजेंसी, कस्टमर सपोर्ट बनकर लोगों को अपनी जाल में फंसाते हैं। ऐसे में आपको तेजी से बदल रहे साइबर क्राइम के तौर तरीकों से कैसे बचकर रहना चाहिए, आइए जानते हैं…

साइबर क्रिमिनल्स के सबसे कॉमन तरीकों में फर्जी KYC अपडेट, अकाउंट या कार्ड ब्लॉक की चेतावनी आदि शामिल हैं। क्रिमिनल्स लोगों को फर्जी वेबसाइट्स पर रिडायरेक्ट करके बैंकिंग डिटेल्स जैसे कि अकाउंट नंबर, कार्ड नंबर आदि की चोरी करते हैं। फिर OTP या पासवर्ड पता लगाने के तरीके अपनाए जाते हैं। एक बार ये जानकारियां मिल जाती हैं, तो फ्रॉड को अंजाम दे दिया जाता है।

कैसे रूकेगा यह सिलसिला?

साइबर क्राइम की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार, बैंक, रेगुलेटर्स और टेलीकॉम ऑपरेटर्स साथ मिलकर काम कर रही हैं। इन सब के बावजूद साइबर क्राइम की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लोगों को भी सतर्कता बरतने की जरूरत है। एक्सपर्ट्स की मानें तो साइबर क्राइम को रोकने के सबसे बढ़िया तरीका सतर्कता है। लोग जितना अलर्ट रहेंगे, उतना ही साइबर क्राइम से बचकर रह सकते हैं।

क्या कर रही हैं ऑथोरिटीज?

पिछले दिनों दूरसंचार विभाग ने संचार साथी ऐप लॉन्च किया है, जिसमें फर्जी कॉल्स और मैसेज को रिपोर्ट किया जा सकता है। यह ऐप उन कॉल्स और मैसेज को रिपोर्ट करने की सहूलियत देता है, जिसका इस्तेमाल साइबर अपराधी लोगों को अपनी जाल में फंसाने के लिए करते हैं। यही नहीं, रिजर्व बैंक और बैंकिंग ऑथोरिटीज लोगों को OTP, पासवर्ड, अकाउंट डिटेल्स जैसी जानकारियां किसी के साथ शेयर नहीं करने की सलाह देते हैं।

सरकारी ऑथोरिटीज के अलावा टेलीकॉम ऑपरेटर्स का भी साइबर क्राइम रोकने में अहम रोल है। एयरटेल, जियो, वोडाफोन-आइडिया और बीएसएनएल का मुख्य फोकस साइबर क्राइम की तेजी से बढ़ रही घटनाओं को रोकना है। टेलीकॉम ऑपरेटर्स अलग-अलग तरीकों जैसे स्पैम फिल्टरिंग, स्कैम डिटेक्शन और कस्टमर अवेयरनेस जैसे इनिशिएटिव्स का सहारा ले रहे हैं, ताकि फ्रॉड की घटनाओं पर लगाम लगाया जा सके।

क्या है OTP फ्रॉड अलर्ट फीचर?

एयरटेल ने हाल ही में अपने यूजर्स के लिए OTP फ्रॉड अलर्ट फीचर रोल आउट किया है, जो इस तरह से डिजाइन किया गया है कि जैसे ही कॉल के दौरान उन्हें कोई OTP रिसीव होता है तो स्क्रीन पर अलर्ट मिल जाता है। यह फीचर फर्जी कॉल की पहचान करके लोगों को अलर्ट कर देता है। कंपनी ने इस फीचर के लिए AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल का इस्तेमाल किया है। वहीं, वोडाफोन-आइडिया ने भी नेटवर्क लेवल पर संदिग्ध कॉल्स और मैसेज को ब्लॉक करने के लिए टूल उतारा है। अन्य टेलीकॉम ऑपरेटर्स भी ऐसे फीचर्स ला रहे हैं।

साइबर फ्रॉड से कैसे बचें?

तेजी से बढ़ रहे डिजिटल इंफ्रॉस्ट्रक्चर और बदलती टेक्नोलॉजी की वजह से साइबर फ्रॉड से खुद को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती है। लोगों को कुछ बेसिक बातों का ध्यान रखने की जरूरत है।

  • किसी भी अनजान नंबर से आने वाले कॉल्स, मैसेज आदि को इग्नोर करें।
  • अनजान नंबर से आए मैसेज में दिए गए लिंक को भूलकर भी न क्लिक करें।
  • सरकारी अधिकारी या कस्टमर केयर के नाम पर आने वाले कॉल्स को रिपोर्ट करें।
  • कभी भी गूगल पर कस्टमर केयर का नंबर सर्च न करें।
  • बैंक की वेबसाइट्स को हमेशा सिक्योर्ड नेटवर्क पर ही ओपन करें।
  • वेबसाइट ओपन करने के लिए हमेशा URL को टाइप करें।
  • किसी भी ईनाम, लॉटरी और निवेश पर बढ़िया रिटर्न आदि की लालच में न फंसे।
  • अगर, आपके साथ कोई फ्रॉड हुआ है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट करें।
  • नेशनल साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके भी रिपोर्ट कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें – IRCTC की नकली वेबसाइट से हो रही ठगी, सरकार ने जारी की चेतावनी





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