Sunday, June 7, 2026
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पीएम मोदी ने EAC-PM के साथ की अहम मीटिंग, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर हुई चर्चा


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ‘प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद’ (EAC-PM) के सदस्यों के साथ एक अहम मीटिंग की। इस मीटिंग में वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की आर्थिक वृद्धि को और तेज करने के उपायों पर चर्चा हुई। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि इस मीटिंग में ‘जीवन की सुगमता’ और ‘कारोबारी सुगमता’ को और बेहतर बनाने से जुड़े अलग-अलग सुधारों पर भी विचार-विमर्श किया गया। 

मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर हुई चर्चा

प्रधानमंत्री और उनकी सलाहकार परिषद के सदस्यों ने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच आर्थिक वृद्धि को मजबूत करने के लिए कई विचारों और नीतिगत उपायों पर चर्चा की। सूत्रों ने बताया कि मीटिंग में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के भारत और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभावों का भी आकलन किया गया। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्यों ने इस दौरान मौजूदा आर्थिक स्थिति और भविष्य की चुनौतियों को लेकर अपना विश्लेषण भी प्रस्तुत किया। 

पी.के. मिश्रा और शक्तिकांत दास हैं प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव

इस बैठक में सलाहकार परिषद के सदस्यों के अलावा प्रधानमंत्री के प्रधान सचिवों पी.के. मिश्रा और शक्तिकांत दास भी शामिल हुए। वर्तमान में ईएसी में एक चेयरमैन, तीन पूर्णकालिक सदस्य और 11 अंशकालिक सदस्य हैं। इसके प्रमुख एस. महेंद्र देव हैं।

वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7 प्रतिशत की दर से बढ़ी भारतीय अर्थव्यवस्था

शुक्रवार को जारी हुए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में देश की आर्थिक वृद्धि दर बढ़कर 7.7 प्रतिशत रही, जो 2024-25 में 7.1 प्रतिशत रही थी। वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत घरेलू मांग और सरकारी खर्च के कारण अनुमान से ज्यादा 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। हालांकि, इस अवधि के अंत में ही कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति शृंखला में बाधाओं ने आर्थिक परिदृश्य पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। 

वैश्विक उथल-पुथल के बीच खुद को संभालने में पूरी तरह सक्षम है भारत 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन आंकड़ों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि जीडीपी की 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर ये दर्शाती है कि भारत की अर्थव्यवस्था की नींव बेहद मजबूत है। इसके साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि देश अपने 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयासों के दम पर मौजूदा वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी खुद को संभालने में पूरी तरह सक्षम है।





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