क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने आईपीएल 2026 के फाइनल से पहले इम्पैक्ट प्लेयर नियम को हटाने की मांग की है. इसके साथ ही सचिन तेंदुलकर ने आईपीएल को लेकर और भी कई सुझाव दिए हैं, जो चर्चा में हैं. सचिन का कहना है कि किसी एक गेंदबाज को पांच ओवर करने की अनुमित होनी चाहिए.
सचिन तेंदुलकर ने की इम्पैक्ट प्लेयर खत्म करने की मांग
पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने ESPNcricinfo पुरस्कार समारोह में कहा, “मेरी निजी राय है कि ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ का नियम खत्म कर देना चाहिए. मुझे लगता है कि टी20 फॉर्मेट में आपको सिर्फ 20 ओवर खेलने होते हैं. फिर आप उस लाइन-अप में एक और बल्लेबाज जोड़ देते हैं, जहां गेंदबाजों को पहले से ही चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, वहां मुझे असंतुलन नजर आता है.”
आईपीएल में पिछले कुछ सीजन में खेल का पलड़ा काफी हद तक बल्लेबाजों की पक्ष में झुक गया है और तेंदुलकर का मानना है कि इस नियम ने बल्ले और गेंद के बीच पहले से ही मौजूद असमानता को और भी बिगाड़ दिया है. इस नियम की आलोचना कई प्रमुख खिलाड़ियों ने भी की है, जिनमें भारतीय कप्तान शुभमन गिल और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा भी शामिल हैं. उनका तर्क है कि यह नियम खेल से स्किल्स को खत्म कर देता है और ऑलराउंडर के महत्व को कम करता है.
गेंदबाजों के लिए दो ओवर का पावरप्ले
सचिन तेंदुलकर ने मौजूदा बल्लेबाजी पावरप्ले के साथ-साथ गेंदबाजी पावरप्ले को भी शुरू करने की वकालत की. उन्होंने कहा, “पहले छह ओवर में पावरप्ले लागू रहता है जिसमें केवल दो फील्डर ही 30 गज के दायरे से बाहर रहते हैं. मेरा मानना है कि पहले चार ओवर बल्लेबाजों के पावरप्ले हों, उनमें यही फील्डिंग प्रतिबंध लागू हों. इसके बाद पावरप्ले के शेष दो ओवर फील्डिंग कप्तान अपनी इच्छानुसार ले सकते हैं. इन लगातार दो ओवरों में खेल के किसी भी चरण में रिंग के बाहर एक अतिरिक्त फील्डर तैनात किया जा सकता है.”
एक बॉलर फेंके 5 ओवर- सचिन तेंदुलकर
सचिन ने एक गेंदबाज के गेंदबाजी कोटा को चार ओवर से बढ़ाकर पांच करने का भी प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा, “एक गेंदबाज को पांच ओवर फेंकने की अनुमति दी जानी चाहिए, क्योंकि आमतौर पर टीम का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज ही पांचवां ओवर फेंकेगा. क्या आप नहीं चाहेंगे कि सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज और अधिक गेंदबाजी करे. शीर्ष बल्लेबाज कभी-कभी 20 ओवर तक बल्लेबाजी करते हैं, तो फिर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज को पांच ओवर गेंदबाजी क्यों नहीं करनी चाहिए.”
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