राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने पिछले महीने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में शामिल न्यायिक अधिकारियों को कथित तौर पर अवैध रूप से बंधक बनाने और सड़क जाम करने के मामले में 15 लोगों को गिरफ्तार किया है. यह जानकारी मंगलवार को अधिकारियों ने दी.
आपको बता दें कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने सोमवार को मालदा में व्यापक तलाशी अभियान चलाया: उच्चतम न्यायालय ने घटना पर अपने स्तर पर कार्रवाई किया. उसके बाद भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जांच का जिम्मा संभालने वाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने सोमवार को मालदा जिले में व्यापक तलाशी अभियान चलाया.
जांच के बाद एजेंसी ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि दो अलग-अलग मामलों में सड़क जाम करने और न्यायिक अधिकारियों को अवैध रूप से बंधक बनाने के आरोप में कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. सूत्रों के अनुसार, एक मामले में मुख्य आरोपी जोशम एसके और अस्माउल एसके सहित 12 लोगों को हैबटोला-अमलीटोला सड़क पर एक महिला न्यायिक अधिकारी को लगभग आठ घंटे तक बंधक बनाकर रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
बता दे कि आतंकवाद निरोधक एजेंसी ने बताया कि मोथाबारी ब्लॉक में बागमारा पुल को जाम करने के संबंध में तीन अन्य लोगों- आलमगीर एसके, नूरुल इस्लाम और हबीबुर रहमान को गिरफ्तार किया गया है. अधिकारियों के अनुसार, यह भी कहा जा रहा है कि एक अप्रैल को मतदाता सूचियों से नाम हटाने के विरोध में उमड़ी एक बड़ी भीड़ हिंसक हो गई और सड़कों को जाम की, वाहनों में तोड़फोड़ की और पुलिसकर्मियों पर हमला किया.
खबर यह भी है कि बीडीओ कार्यालय में 7 न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाया गया था. एक अन्य अधिकारी को वाहन में बंद कर दिया गया था. इतने के बाद अधिकारियों बचाने के लिए सुरक्षा बल आधी रात को मौके पर पहुंची. घटना के बाद विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में राजनीतिक विवाद तेज हो गया. एनआईए अन्य आरोपियों और बड़ी साजिश की जांच कर रही है.


