भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। एक तरफ जहां रुपया डॉलर के मुकाबले 96 के पार पहुंच कर अपने ऐतिहासिक निचले स्तर पर गिरा, वहीं इसका सीधा असर दलाल स्ट्रीट पर भी देखने को मिला। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और रुपये की कमजोरी ने निवेशकों के मनोबल को चोट पहुंचाई, जिससे बाजार लाल निशान पर बंद हुआ।
कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 160.73 अंक या 0.21% गिरकर 75,237.99 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 46.10 अंक या 0.19% की गिरावट के साथ 23,643.50 के स्तर पर आ गया। बाजार की चौड़ाई भी आज कमजोर रही, जहां गिरने वाले शेयरों की संख्या (2,381) बढ़ने वाले शेयरों (1,631) के मुकाबले काफी ज्यादा रही।
IT और मीडिया शेयरों ने संभाली कमान
बाजार की इस गिरावट के बावजूद कुछ सेक्टर ऐसे रहे जिन्होंने निवेशकों को राहत दी। रुपये के गिरने से आईटी (IT) कंपनियों को फायदा होता है क्योंकि उनकी ज्यादातर कमाई डॉलर में होती है। यही वजह रही कि निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.3% की मजबूती के साथ बंद हुआ। वहीं, मीडिया इंडेक्स ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए करीब 2% की बढ़त दर्ज की।
बैंक और मेटल शेयरों में भारी बिकवाली
बाजार को नीचे खींचने में सरकारी बैंकों और मेटल सेक्टर का सबसे बड़ा हाथ रहा। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 1.8% नीचे गिरा, जबकि तेल-गैस और रियल्टी इंडेक्स में भी क्रमश: 1.67% और 1.79% की गिरावट आई। वहीं, मेटल शेयरों पर आज सबसे ज्यादा दबाव रहा। हिंडाल्को, टाटा स्टील और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसे दिग्गजों में गिरावट के कारण निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.93% टूट गया।
क्या कहते हैं मार्केट एक्सपर्ट?
बाजार के जानकारों का मानना है कि डॉलर की मजबूती और रुपये की कमजोरी ने कच्चे तेल के आयात को महंगा कर दिया है, जिससे महंगाई बढ़ने का डर सता रहा है। इसी डर के कारण निवेशकों ने मुनाफावसूली की। हालांकि, आईटी सेक्टर में आई तेजी ने बाजार को और ज्यादा गिरने से बचा लिया।


