Friday, April 24, 2026
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सोने-चांदी के दाम में फिर आई गिरावट, प्रति 10 ग्राम Gold के लिए इतना करना होगा खर्च


राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। मजबूत अमेरिकी डॉलर और वैश्विक अनिश्चितता के दबाव में सोना 200 रुपये और चांदी 3,000 रुपये तक गिर गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के आंकड़ों के मुताबिक, 99.9% शुद्धता वाला सोना 200 रुपये घटकर 1,55,900 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी कर सहित) पर आ गया, जबकि पिछले सत्र में यह 1,56,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इसी तरह चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट देखी गई और यह 3,000 रुपये टूटकर 2,47,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) पर पहुंच गई, जबकि पिछली क्लोजिंग 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम थी।

सोना दो सप्ताह के निचले स्तर के करीब

HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि सोना लगातार दबाव में है और दो सप्ताह के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों की धारणा सतर्क बनी हुई है। गांधी के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के चलते ऊर्जा कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिससे महंगाई की आशंका बढ़ी है और सोने की तेजी सीमित हो रही है। इसके अलावा मजबूत डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में स्थिरता ने भी सोने पर दबाव डाला है। डॉलर इंडेक्स के तीन सप्ताह की गिरावट के बाद अब साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ने से बिना रिटर्न वाली संपत्तियों जैसे सोने की मांग प्रभावित हुई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,708.17 डॉलर प्रति औंस पर रहा, जबकि चांदी करीब 1% बढ़कर 75.96 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। LKP सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष (कमोडिटी एवं करेंसी रिसर्च) जतिन त्रिवेदी ने कहा कि बाजार पर मुख्य असर पश्चिम एशिया की घटनाओं का है, खासकर ईरान, इजराइल और अमेरिका से जुड़े तनावों का, जिससे अनिश्चितता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जब तक कोई स्पष्ट समाधान सामने नहीं आता, तब तक सोने में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा और कीमतें मुख्य रूप से खबरों के प्रवाह पर निर्भर रहेंगी।

आने वाले दिनों में भाव किस पर निर्भर होंगे 

कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी (कमोडिटी रिसर्च) कायनात चेनवाला ने बताया कि यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार अप्रैल की मुद्रास्फीति अपेक्षाएं बढ़कर 4.8% हो गई हैं, जो अप्रैल 2025 के बाद सबसे तेज मासिक वृद्धि है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में यह डेटा का अंतिम आंकड़ा और 28-29 अप्रैल को होने वाली अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) बैठक के संकेत सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।





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