Middle East War Impact: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर न सिर्फ लोगों के कारोबार पर पड़ रहा है, बल्कि हमारी आपकी जेब पर भी सीधे तौर पर पड़ना शुरू हो गया है. युद्ध की वजह से कच्चे तेल का आयात काफी कम हो गया है, लिहाजा इससे तैयार होने वाले लुब्रिकेंट्स यानी वाहनों और इंडस्ट्रीज समेत दूसरी मशीनों में इस्तेमाल होने वाले तमाम तरह के आयल और ग्रीस का उत्पादन घट गया है.
इसका सीधा प्रभाव ल्यूब्रिकेंट्स आइटम्स की कीमतों पर पड़ने लगा है. जयपुर समेत में कई दुकानदारों ने युद्ध की वजह से कीमतें बढ़ने के पोस्टर भी अपनी दुकानों पर लगा दिए हैं. एक दुकान पर तो पोस्टर पर बेहद भावुक संदेश लिखा गया हैं.
कीमतों में भारी बढ़ोतरी
पिंक सिटी जयपुर की बात की जाए तो यहां ल्युब्रिकेंट्स आइटम्स के दाम 35 से 40 फीसदी तक बढ़ गए हैं. इंजन, मोबिल और गियर आयल के साथ ही ग्रीस व दूसरे आइटम्स के दाम बढ़ने से अब दो पहिया और चार पहिया वाहनों की सर्विसिंग भी महंगी हो गई है. वाहनों की सर्विसिंग महंगी होने का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ना शुरू हो गया है.
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
दरअसल वाहनों, इंडस्ट्रियल फैक्टरीज और दूसरी मशीनों में घर्षण और हीटिंग को कम करने के लिए कई तरह के आयल, ग्रीस और दूसरे ल्यूब्रिकेंट्स आइटम्स का इस्तेमाल किया जाता है. यह सभी कच्चे तेल से तैयार किए जाते हैं. ज्यादातर कच्चा तेल मिडल ईस्ट और खाड़ी के देशों से आता है. युद्ध की वजह से कच्चे तेल का आयात कम हुआ तो भारत में इसका उत्पादन घटने लगा. कुछ जगहों पर कालाबाजारी के लिए स्टॉक को डंप किए जाने की भी आशंका है.
इसका यह नतीजा यह हुआ कि महीने भर में ही ल्यूब्रिकेंट्स आइटम्स के दाम 35 से 40 फ़ीसदी तक बढ़ गए हैं. दाम बढ़ने की वजह से इनकी बिक्री भी प्रभावित हुई है. करीब 40 फ़ीसदी तक बिक्री कम हो गई है. सबसे खराब असर वाहनों में इस्तेमाल होने वाले लुब्रिकेंट्स पर पड़ा है.
दुकानदारों की मजबूती और ग्राहकों की परेशानी
जयपुर शहर के 22 गोदाम इलाके में दुकान चलाने वाले राजेंद्र लखानी ने अपनी दुकान पर पोस्टर लगा रखे हैं. हाथ से ही तैयार किए गए इस पोस्टर में साफ़ तौर पर कहा गया है कि ईरान इजरायल और अमेरिका में छेड़ युद्ध की वजह से कीमतें बढ़ गई है. इस वजह से उन्हें मजबूरी में ज्यादा दाम पर सामान बेचना पड़ रहा है.
पोस्टर में भावुक संदेश लिखा गया है कि वह ग्राहक को अपना भगवान मानते हैं. उसे कतई नाराज नहीं करना चाहते हैं, लेकिन युद्ध की वजह से ज्यादा दाम पर सामान बेचना उनकी मजबूरी है. पोस्टर पर लिखा भावुक संदेश मन को छू लेने वाला है. वाहनों की सर्विसिंग के लिए आयल और दूसरे आइटम्स खरीदने के लिए आने वाले लोगों का कहना है कि अगर सर्विसिंग में इस्तेमाल होने वाले सामान ही महंगे मिलेंगे तो सर्विसिंग का कुल खर्च बढ़ना स्वाभाविक है.


