Friday, March 27, 2026
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Pakistan Afghanistan War Ceasefire Violence Update; PAK Army


काबुल/इस्लामाबाद13 घंटे पहले

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पाकिस्तानी एयरफोर्स ने 17 मार्च की रात काबुल में एयरस्ट्राइक की थी। - Dainik Bhaskar

पाकिस्तानी एयरफोर्स ने 17 मार्च की रात काबुल में एयरस्ट्राइक की थी।

अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर बुधवार को फिर लड़ाई शुरू हुई। अफगान तालिबान अधिकारियों के अनुसार, हमले में 2 नागरिक मारे गए और 8 घायल हुए, जबकि पाकिस्तान का भी एक नागरिक मारा गया।

अफगानिस्तान और पाकिस्तान ने ईद पर 5 दिन का अस्थायी युद्धविराम घोषित किया था, जो 25 मार्च को खत्म होते ही झड़प फिर शुरू हो गई।

न्यूज एजेंसी AP के अनुसार, युद्धविराम खत्म होते ही पाकिस्तानी सेना ने नरई और सरकानो इलाकों में दर्जनों तोप के गोले दागे।

उन्होंने कहा, जवाब में अफगान सीमा बलों ने गोलीबारी कर तीन पाकिस्तानी चौकियां तबाह कर दीं, जिसमें 1 व्यक्ति मारा गया।

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच 17 मार्च को हिंसक झड़प हुई थी। इसके बाद पाकिस्तानी एयर फोर्स ने काबुल के कई इलाकों में मिसाइल हमले किए थे।

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच 17 मार्च को हिंसक झड़प हुई थी। इसके बाद पाकिस्तानी एयर फोर्स ने काबुल के कई इलाकों में मिसाइल हमले किए थे।

पाकिस्तान के हमले में 400 लोगों की मौत हुई थी

यह हिंसा उस समझौते के करीब एक हफ्ते बाद हुई, जिसमें दोनों देशों ने लड़ाई रोकने पर सहमति जताई थी। यह समझौता सऊदी अरब, तुर्किये और कतर के कहने पर हुआ था। इससे पहले 17 मार्च की रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में हवाई हमले किए थे।

अफगान तालिबान का दावा है कि हमलों में काबुल के एक नशा मुक्ति अस्पताल को निशाना बनाया गया, जिसमें 400 से ज्यादा लोग मारे गए। हालांकि पाकिस्तान ने नागरिकों को निशाना बनाने से इनकार करते हुए कहा कि हमला गोला-बारूद के भंडार पर था।

मीडिया और संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में नशा मुक्ति केंद्र पर हमले की बात सामने आई, लेकिन पाकिस्तान सेना ने किसी नागरिक के मारे जाने से इनकार किया।

इसके बजाय पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने आरोप लगाया कि तालिबान नशे के आदी लोगों को आत्मघाती हमलों में इस्तेमाल करता है, लेकिन उन्होंने कोई सबूत नहीं दिया। TTP ने भी 3 दिन का सीजफायर तोड़ा।

अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में पाकिस्तान के हमले के बाद तालिबान के सुरक्षाकर्मी एक तबाह कार के पास से गुजरते दिखे।

अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में पाकिस्तान के हमले के बाद तालिबान के सुरक्षाकर्मी एक तबाह कार के पास से गुजरते दिखे।

TTP ने भी 3 दिनों का सीजफायर तोड़ा

इधर, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने कहा कि ईद के 3 दिन के युद्धविराम के बाद उसने पाकिस्तान में हमले फिर शुरू कर दिए।

TTP अफगान तालिबान से अलग लेकिन जुड़ा हुआ है। 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद उसने पाकिस्तान में हमले बढ़ाए। अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने TTP को आतंकवादी संगठन घोषित किया है।

पाकिस्तान का आरोप है कि काबुल TTP नेताओं और हजारों लड़ाकों को पनाह देता है, जो सीमा पार से हमले करते हैं, जबकि अफगानिस्तान इसे खारिज करता है।

पाकिस्तान ने साफ कहा है कि जब तक अफगान तालिबान सरकार यह भरोसा नहीं देती कि उसकी जमीन का इस्तेमाल आतंकी हमलों के लिए नहीं होगा, तब तक वह TTP और उसके समर्थकों को अफगानिस्तान के अंदर निशाना बनाता रहेगा।

PAK का भारत पर आतंक फैलाने का आरोप

पाकिस्तान का कहना है कि यह आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई है। उसके मुताबिक देश में आतंकी हमले बढ़े हैं और 2025 पिछले एक दशक का सबसे हिंसक साल रहा।

पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि तालिबान अपने यहां ऐसे समूहों को पनाह देता है, जो पाकिस्तान में हमले करते हैं, और भारत पर भी ऐसे संगठनों को समर्थन देने का आरोप लगाता है।

भारत और तालिबान दोनों ही इन आरोपों से इनकार करते हैं और कहते हैं कि पाकिस्तान में होने वाले हमले उसका आंतरिक मामला हैं।

इसके बावजूद पाकिस्तान में गुस्सा बढ़ा है। हमलों के बाद मंत्री अक्सर अफगानिस्तान को जिम्मेदार ठहराते हैं, जिस पर तालिबान कड़ा जवाब देता है। अब पाकिस्तान का कहना है कि बातचीत के लिए कुछ नहीं बचा।

वहीं तालिबान का आरोप है कि पाकिस्तान, अमेरिका जैसे देशों के साथ मिलकर अफगानिस्तान को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है।

पाकिस्तान ने सीमा के पास सेना से जुड़े एक स्कूल को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमले के लिए अफगान नागरिकों को जिम्मेदार ठहराया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई।

पाकिस्तान ने सीमा के पास सेना से जुड़े एक स्कूल को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमले के लिए अफगान नागरिकों को जिम्मेदार ठहराया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई।

पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच जंग जैसे हालात

पाकिस्तान और अफगानिस्तान में संघर्ष की शुरुआत 22 फरवरी को हुई थी। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी।

पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया था कि सीमावर्ती इलाकों में TTP के ठिकानों पर कार्रवाई में कम से कम 70 लड़ाके मारे गए। बाद में पाकिस्तानी अखबार डॉन ने यह संख्या 80 तक पहुंचने का दावा किया था। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने 27 फरवरी को पाकिस्तान पर हमला किया।

अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान को ‘सही समय पर कड़ा जवाब’ दिया जाएगा। मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था।

पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे।

इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहा है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है।

पाकिस्तान और TTP में लड़ाई क्यों?

2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया। इससे TTP नाराज हो गया, वह इसे इस्लाम के खिलाफ मानता था।

TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार सच्चा इस्लाम नहीं मानती है, इसलिए वो उसके खिलाफ हमला करता है।

TTP का अफगान तालिबान के साथ गहरा जुड़ाव है। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देते हैं।

2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले किए।

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