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तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी4 मिनट पहले
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अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 27वां दिन है। अमेरिका ने ईरान को साफ चेतावनी दी है कि अगर उसने हार नहीं मानी, तो उस पर पहले से भी ज्यादा जोरदार हमला किया जाएगा।
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने गुरुवार को कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प इस मामले में बिल्कुल गंभीर हैं और अगर ईरान नहीं माना, तो अमेरिका और कड़ी कार्रवाई करेगा।
वहीं, ईरान ने अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि वह ट्रम्प की शर्तों पर जंग खत्म नहीं करेगा और उसे अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर बिल्कुल भरोसा नहीं है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि फिलहाल कोई असली बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने यह भी साफ किया कि भले ही कुछ देश बीच-बचाव की कोशिश कर रहे हों, लेकिन इसे बातचीत की शुरुआत नहीं माना जा सकता। अभी शांति की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही।

ईरान ने भारत को होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी
ईरान ने भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान समेत मित्र देशों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दे दी है।
न्यूज एजेंसी ANI ने यह जानकारी मुंबई स्थित ईरानी कॉन्सुलेट के हवाले से दी है। कॉन्सुलेट ने बताया कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ‘मित्र देशों’ को होर्मुज से गुजरने की छूट है।
ईरान पहले भी कह चुका है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं है। यह रास्ता सिर्फ उन देशों के लिए बंद है जो ईरान के खिलाफ हैं। बाकी देशों को कुछ शर्तों के साथ गुजरने की अनुमति दी जा रही है।
होर्मुज स्ट्रेट खुलने से भारत को 5 बड़े फायदे…
- भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% तेल इंपोर्ट करता है, जिसमें 55-60% खाड़ी देशों से आता है। यहां होर्मुज एक अहम चोक पॉइंट है।
- भारत हर दिन लगभग 50 लाख बैरल तेल इस्तेमाल करता है। होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा तो यह सप्लाई बिना रुकावट आती रहेगी।
- जंग की वजह से तेल कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गई। रास्ता खुलने से कीमतें स्थिर रहेंगी।
- तनाव के समय जहाजों का इंश्योरेंस 2-3 गुना तक बढ़ गया था। अब रास्ता सुरक्षित होने से ट्रांसपोर्ट लागत कम होगी।
- मिडिल ईस्ट से भारत आने वाले जहाज अब लगभग 5 से 10 दिनों में पहुंच सकते हैं।

अमेरिका ने ईरान को 15 पॉइंट्स का प्लान भेजा
अमेरिका ने ईरान को युद्ध खत्म करने के लिए 15 पॉइंट्स का प्लान भेजा है। यह प्लान पाकिस्तान के जरिए तेहरान तक पहुंचाया गया।
NYT की रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रस्ताव में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और न्यूक्लियर प्रोग्राम के साथ-साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री आवाजाही जैसे अहम मुद्दों को शामिल किया गया है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ इस बातचीत में अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।
अमेरिका ने ईरान के सामने रखीं ये शर्तें रखीं हैं…
- न्यूक्लियर प्रोग्राम पर रोक और परमाणु हथियार विकसित न करने की गारंटी देना
- यूरेनियम संवर्धन को सीमित या पूरी तरह बंद करना और स्टॉक IAEA को सौंपना
- बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल प्रोग्राम पर सख्त नियंत्रण या कटौती करना
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलना और वैश्विक शिपिंग को सुरक्षित रास्ता देना
- अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को सभी न्यूक्लियर साइट्स तक पूरी और बिना शर्त पहुंच देना
- प्रमुख परमाणु ठिकानों जैसे नतांज, फोर्डो और इस्फहान को सीमित या खत्म करना
- हिजबुल्लाह और अन्य सहयोगी मिलिशिया को समर्थन कम या बंद करना
- क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और हमलों को कम करना और तनाव घटाना
- एक तय समय के लिए सीजफायर लागू करना ताकि बातचीत आगे बढ़ सके
- भविष्य में युद्ध न हो इसके लिए ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी देना
- समुद्री और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा सुनिश्चित करना
- ईरान की मिसाइल रेंज और इस्तेमाल को केवल आत्मरक्षा तक सीमित करना
- बदले में ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को पूरी तरह या चरणबद्ध तरीके से हटाना
- सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम और ऊर्जा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सहयोग देना
- मिडिल ईस्ट में स्थिरता और शांति के लिए लंबी अवधि का रोडमैप लागू करना
ईरान जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें…

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बुधवार रात को ईरान पर मिसाइल हमले का वीडियो जारी किया।

ईरान ने बुधवार को इजराइल के हदेरा में पावर प्लांट को निशाना बनाया।

ईरान ने बुधवार को कुवैत में इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला किया।
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
4 मिनट पहले
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ईरान के इस्फहान में धमाके, यहां कई सैन्य ठिकाने
ईरान के इस्फहान शहर में गुरुवार सुबह हमलों की खबर सामने आई है। एक्टिविस्ट्स और लोकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहर और उसके आसपास के इलाकों में जोरदार धमाके सुने गए।
इस्फहान राजधानी तेहरान से करीब 330 किलोमीटर दूर है। यहां कई अहम सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। इसी इलाके में ईरान का एक बड़ा एयरबेस और न्यूक्लियर साइट भी है, जिसे पहले भी हमलों में निशाना बनाया जा चुका है।
ईरान के अखबार ‘हम मिहान’ ने भी इन हमलों की पुष्टि की है। वहीं, फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, हमले दो रिहायशी इलाकों पर भी किए गए, हालांकि ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है।
40 मिनट पहले
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ईरान का दावा- अमेरिका का F-18 जेट गिराया
ईरान ने बुधवार रात दावा किया कि उसने अमेरिकी F/A-18 फाइटर जेट को मार गिराया, जो हिंद महासागर में क्रैश हो गया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, यह कार्रवाई देश के दक्षिणी तटीय इलाके के पास की गई।
हालांकि, अमेरिका ने इस दावे को खारिज कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि ईरान ने किसी भी अमेरिकी फाइटर जेट को नहीं गिराया।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि ईरान ने अमेरिका का F-18 विमान गिरा दिया।
50 मिनट पहले
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ईरान के शिराज पर हमला, दो लड़कों की मौत
ईरान के शिराज इलाके में अमेरिका और इजराइल के हमले में दो लड़कों की मौत हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला शिराज काउंटी के काफरी गांव के एक रिहायशी इलाके में बुधवार शाम को हुआ।
05:00 AM26 मार्च 2026
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एक्सपर्ट बोले- चीन का ऑयल रिजर्व मार्केट में आया तभी कीमतें कम होंगी
ईरान जंग के चलते दुनिया भर में तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं और एक्सपर्ट्स का मानना है कि अभी इसमें जल्दी राहत मिलना मुश्किल है।
इकोनॉमिस्ट विलियम ली का कहना है कि अमेरिका ने अपने स्ट्रैटेजिक ऑयल रिजर्व से तेल निकालकर बाजार में डालना शुरू किया है, लेकिन इसका असर बहुत ज्यादा नहीं होगा।
उनका कहना है कि यह कदम ज्यादा मनोवैज्ञानिक असर डालता है, यानी बाजार को थोड़ा शांत करता है, लेकिन असल में सप्लाई ज्यादा नहीं बढ़ती।
उन्होंने बताया कि अमेरिका के पास करीब 415 मिलियन (41.5 करोड़) बैरल तेल का भंडार है, लेकिन इसे दुनिया के उन हिस्सों तक पहुंचाने में समय लगेगा, जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।
इस समय सबसे ज्यादा मांग एशिया में है, खासकर चीन को छोड़कर बाकी देशों में। ऐसे में अमेरिका से तेल भेजना आसान नहीं है और इसमें समय भी लगता है।
विलियम ली का कहना है कि तेल की कीमतों में असली राहत तभी मिल सकती है, जब चीन भी अपने भंडार से तेल बाजार में उतारे। माना जाता है कि चीन के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है, लेकिन वह इसके आंकड़े सार्वजनिक नहीं करता और अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं है कि वह अपने स्टॉक का इस्तेमाल करेगा।
04:50 AM26 मार्च 2026
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ट्रम्प के लिए होर्मुज स्ट्रेट खुलवाना मुश्किल क्यों
ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच चल रहा युद्ध अब इतना बढ़ गया है कि होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद हो गया है। इस वजह से सैकड़ों तेल टैंकर दोनों तरफ खड़े हैं और आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
इससे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर चुकी हैं। इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि वह इस समुद्री रास्ते को ‘किसी भी तरह’ फिर से खोलेंगे। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह काम इतना आसान नहीं है।
अगर ईरान से कोई समझौता नहीं होता या अमेरिका कोई बड़ा मिलिट्री एक्शन नहीं लेता, तो इस रास्ते पर पूरी तरह से आवाजाही बहाल करना मुश्किल होगा। पढ़ें पूरी खबर…

04:36 AM26 मार्च 2026
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ईरान को ट्रम्प के दामाद पर भरोसा नहीं, शांतिवार्ता के लिए उपराष्ट्रपति वेंस पहली पसंद
ईरान ने ट्रम्प सरकार को संकेत दिया है कि वह राष्ट्रपति की चुनी हुई टीम के बजाए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ बातचीत करना ज्यादा पसंद करेगा। CNN के मुताबिक सूत्रों का कहना है कि ईरान वेंस को युद्ध विरोधी मानता है।
ईरान ट्रम्प के दामाद और सलाहकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ के साथ बातचीत नहीं करना चाहता। ईरान का कहना है उनके साथ बातचीत चल रही थी तभी अमेरिका-ईजराइल ने हमला कर दिया था।
एक राजनयिक सूत्र ने CNN के हवाले से कहा कि पुरानी टीम के साथ बातचीत की कोई संभावना नहीं है। ईरान को लगता है कि बातचीत का प्रस्ताव सिर्फ अमेरिका-इजराइल के लिए एक और चाल है, ताकि वे फिर से हमले के लिए कुछ और समय ले सकें। पढ़ें पूरी खबर…

04:20 AM26 मार्च 2026
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ईरान होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नया कानून बना सकता है
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी संसद ऐसा कानून लाने की सोच रही है, जिसके तहत होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल टैक्स वसूला जाएगा।
ईरान की सरकारी एजेंसियों के हवाले से कहा गया है कि इस कानून का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और इसे जल्द ही अंतिम रूप दिया जा सकता है। संसद की सिविल अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन ने कहा कि यह कदम जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है।
उनका कहना है कि जैसे किसी देश से गुजरने वाले माल पर टैक्स लिया जाता है, उसी तरह होर्मुज स्ट्रेट भी एक अहम रास्ता है, इसलिए यहां से गुजरने वाले जहाजों और टैंकरों से टैक्स लेना लीगल है।

04:08 AM26 मार्च 2026
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दक्षिण लेबनान में इजराइली सेना से भिड़े हिजबुल्लाह के लड़ाके
लेबनान के संगठन हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसके लड़ाके दक्षिण लेबनान में इजराइली सेना के साथ सीधे भिड़ रहे हैं।
हिजबुल्लाह के मुताबिक, उसने कंतारा इलाके में इजराइल के एक मेरकावा टैंक पर मिसाइल से हमला किया। कि उसके लड़ाके दक्षिण के शहर की ओर जाने वाली सड़क पर इजराइली सैनिकों से भिड़े।
संगठन ने यह भी दावा किया है कि तायबेह-कंतारा रोड पर एक और मेरकावा टैंक को निशाना बनाया गया और देइर सिरयान इलाके में भी इजराइली सेना के साथ झड़प हुई।
इस बीच इजराइल ने दक्षिण लेबनान में ग्राउंड ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनका मकसद वहां एक बफर जोन बनाना है, ताकि सीमा क्षेत्र को सुरक्षित रखा जा सके।
03:55 AM26 मार्च 2026
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ईरान बोला- शांति की कोई उम्मीद नहीं
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान ने साफ संकेत दे दिए हैं कि उसे अब शांति की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही। ईरान का कहना है कि उसे अमेरिका की तरफ से दिए जा रहे शांति प्रस्ताव पर बिल्कुल भरोसा नहीं है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अभी तक कोई असली बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने साफ किया कि भले ही कुछ देश बीच-बचाव की कोशिश कर रहे हों और मैसेज भेज रहे हों, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बातचीत शुरू हो गई है।
ईरान का मानना है कि अमेरिका एक तरफ शांति की बात करता है, लेकिन दूसरी तरफ युद्ध भी जारी रखता है। इसी वजह से तेहरान को यह ‘शांति का प्रस्ताव’ भरोसेमंद नहीं लग रहा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने जो 15 पॉइंट का प्लान भेजा है, उसे भी ईरान गंभीरता से नहीं ले रहा है। इसके बजाय ईरान अब अपनी ‘सेल्फ डिफेंस’ की रणनीति पर जोर दे रहा है।
03:46 AM26 मार्च 2026
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अमेरिका मिडिल ईस्ट में 2,500 सैनिक तैनात करेगा
अमेरिका मिडिल ईस्ट में करीब 2,500 अतिरिक्त सैनिक तैनात करने जा रहा है। अमेरिकी रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी मीडिया को दी है।
अधिकारी के मुताबिक, इन सैनिकों में 82वीं एयरबोर्न डिवीजन की पहली कॉम्बैट ब्रिगेड के कमांडर और लॉजिस्टिक सपोर्ट यूनिट भी शामिल होंगी।
03:36 AM26 मार्च 2026
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अमेरिका का दावा- अब तक ईरान के 9 हजार ठिकानों पर हमले किए
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि अमेरिका ईरान की सैन्य क्षमता को लगातार कमजोर कर रहा है।
उन्होंने दावा किया कि अब तक 9,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए जा चुके हैं। ऑपरेशन शुरू होने के बाद ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले करीब 90% तक घट गए हैं।
लेविट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान के 140 से ज्यादा नौसैनिक जहाज भी नष्ट किए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में माइन बिछाने वाले पोत शामिल हैं। उन्होंने इसे दूसरे विश्व युद्ध के बाद इतने कम समय में नौसेना को हुआ सबसे बड़ा नुकसान बताया।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट की तस्वीर।
03:25 AM26 मार्च 2026
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अमेरिका बोला- अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर सुरक्षित
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने साफ कहा है कि उसका एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन अभी भी पूरी तरह एक्टिव है और ईरान के खिलाफ ऑपरेशन जारी रखे हुए है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह युद्धपोत क्षेत्रीय समुद्र में रहकर लगातार हवाई ऑपरेशन चला रहा है और ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है।
इससे पहले ईरान की तरफ से दावा किया गया था कि उसने इस एयरक्राफ्ट कैरियर पर क्रूज मिसाइलें दागी थीं और उसे अपनी पोजिशन बदलनी पड़ी।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने USS अब्राहम लिंकन की 4 तस्वीरें जारी की




03:19 AM26 मार्च 2026
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ईरानी नागरिकों पर बैन को लेकर ऑस्ट्रेलिया सरकार की निंदा
ऑस्ट्रेलिया सरकार के ईरानी नागरिकों पर लगाए गए बैन को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। एक मानवाधिकार संगठन ने इस फैसले को ‘शर्मनाक’ बताते हुए कड़ी आलोचना की है।
सिडनी स्थित असाइलम सीकर्स सेंटर ने कहा कि यह बैन एक नए कानून का नतीजा है, जिसे इसी महीने जल्दबाजी में पास किया गया। संगठन का कहना है कि यह कदम ऑस्ट्रेलिया की शरण देने वाली व्यवस्था की बुनियाद को कमजोर कर सकता है।
संगठन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि सालों से नेता लोगों से कहते रहे हैं कि वे कानूनी तरीके से सुरक्षा पाने के लिए आवेदन करें। लेकिन अब जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवीय संकट बढ़ रहा है, तो सरकार खुद ही लोगों के लिए रास्ता बंद कर रही है।
उनका कहना है कि इस फैसले से उन लोगों को सबसे ज्यादा नुकसान होगा, जो अपने देश में खतरे में हैं और सुरक्षित जगह की तलाश में हैं। गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया ने ईरान के नागरिकों के लिए टूरिस्ट वीजा पर एंट्री अस्थायी रूप से रोक दी है।
03:08 AM26 मार्च 2026
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इजराइल में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 5,100 लोग घायल
इजराइल के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद अब तक 5,165 लोग घायल हुए है। मंत्रालय ने बताया कि इनमें से 106 लोग अभी भी इलाज करा रहे हैं। घायलों में 13 की हालत गंभीर है।
03:07 AM26 मार्च 2026
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हिजबुल्लाह का दावा- इजराइल की राजधानी तेल अवीव में हमला किया
लेबनान के उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने इजराइल की राजधानी तेल अवीव में सेना के मुख्यालय को निशाना बनाया है।
हिजबुल्लाह के मुताबिक, उसने सेंट्रल तेल अवीव में स्थित “किर्या” नाम के इलाके पर कई खास मिसाइलों से हमला किया। यह वही जगह है जहां इजराइली सेना का मुख्यालय मौजूद है और कई अहम सरकारी दफ्तर भी यहीं से चलते हैं।
हालांकि, इस पूरे हमले को लेकर अभी तक इजराइल की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
02:23 AM26 मार्च 2026
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UN ने मिडिल ईस्ट के लिए खास दूत नियुक्त किया
UN प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने अनुभवी डिप्लोमेट जीन अर्नो को अपना विशेष प्रतिनिधि बनाकर इस मिडिल ईस्ट में भेजने का फैसला किया है।
UN का कहना है कि जीन अर्नो अब सीधे जमीन पर जाकर काम करेंगे। वे अलग-अलग देशों और इस युद्ध में शामिल पक्षों से बात करेंगे और कोशिश करेंगे कि किसी तरह बातचीत के जरिए हालात शांत किए जा सकें। उनका काम सिर्फ नेताओं से बात करना ही नहीं होगा, बल्कि यह भी देखना होगा कि इस युद्ध का आम लोगों पर क्या असर पड़ रहा है।
एंटोनियो गुटेरेस ने साफ कहा है कि यह संघर्ष अब धीरे-धीरे काबू से बाहर होता जा रहा है। उन्होंने खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट का जिक्र किया, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस सप्लाई होता है। अगर यह रास्ता लंबे समय तक प्रभावित रहता है, तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
जीन अर्नो को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 30 साल से ज्यादा का अनुभव है और उन्होंने अफ्रीका, एशिया, यूरोप और लैटिन अमेरिका जैसे कई हिस्सों में शांति मिशनों पर काम किया है। उन्हें मुश्किल हालात में बातचीत कराकर समाधान निकालने के लिए जाना जाता है।

जीन अर्नो को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में 30 साल काम करने का अनुभव है।
01:56 AM26 मार्च 2026
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अमेरिका की धमकी- ईरान हार माने, नहीं तो बड़ा हमला करेंगे
अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने हार नहीं मानी, तो उस पर पहले से भी ज्यादा जोरदार हमला किया जाएगा। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प मजाक नहीं कर रहे हैं। अगर ईरान नहीं माना, तो उस पर पहले से ज्यादा ताकत से हमला होगा।
हालांकि, अमेरिका एक तरफ धमकी दे रहा है तो, दूसरी तरफ बातचीत भी जारी है। वहीं ईरान ने अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। उसने कहा है कि वह ट्रम्प की शर्तों पर जंग खत्म नहीं करेगा।
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका ने मध्यस्थ देशों के जरिए जो प्रस्ताव भेजा, वह धोखा है और जमीनी हकीकत से कटा हुआ है और इसका मकसद सिर्फ दबाव बनाना है। ईरान ने कहा है कि युद्ध का अंत तभी होगा जब उसकी शर्तें पूरी होंगी। इसके लिए उसने 5 प्रमुख शर्तें रखी हैं-
- ईरान के खिलाफ हमलों और टारगेटेड किलिंग्स पर पूरी तरह रोक
- भविष्य में दोबारा युद्ध न होने की ठोस गारंटी
- युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा
- सभी मोर्चों पर संघर्ष का पूर्ण अंत
- होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के अधिकार को अंतरराष्ट्रीय मान्यता
ईरान ने यह भी कहा कि जब तक उसकी शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा। उसका कहना है कि अमेरिका बार-बार अपनी शर्तें बदलता है, जबकि तेहरान अपने रुख पर स्थिर है।
01:34 AM26 मार्च 2026
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कतर के अमीर शेख तमीम ने इराकी पीएम से बात की
कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में तनाव कम करने पर जोर दिया।
अमीरी दीवान के बयान के मुताबिक, कतर के अमीर ने क्षेत्र के कई देशों को निशाना बना रहे ईरानी हमलों की निंदा की। इसे देशों की संप्रभुता व अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
उन्होंने कहा कि इन हमलों को तुरंत रोका जाना चाहिए। किसी भी देश की जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों के खिलाफ नहीं होना चाहिए। साथ ही क्षेत्रीय सुरक्षा बनाए रखने और तनाव बढ़ने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
01:33 AM26 मार्च 2026
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लेबनान में इजराइली एयरस्ट्राइक में 2 की मौत, 8 घायल
दक्षिणी लेबनान के नबातियेह जिले के हारूफ कस्बे पर इजराइल के हवाई हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हुए हैं।
लेबनान की सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, हमले के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है।
इससे पहले भी दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमलों में तीन लोगों की मौत और 11 के घायल होने की खबर सामने आई थी।
01:33 AM26 मार्च 2026
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ईरान के लमर्ड एयरपोर्ट पर हमला, कोई हताहत नहीं
ईरान के दक्षिण-पश्चिमी फार्स प्रांत स्थित लमर्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अमेरिका-इजराइल के हमले में प्रोजेक्टाइल गिरे हैं। यह जानकारी ईरानी सरकारी एजेंसी IRNA की रिपोर्ट में दी गई है।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि, इससे पहले लमर्ड में हुए हमलों में आम लोगों के हताहत होने की भी खबरें आई थीं।



