LPG price hike: ईरान और इजरायल के जंग से मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से पूरे भारत में घरेलू रसोई गैस की कीमतें बढ़ गई हैं. 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 60 रुपये बढ़ी है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर लगभग 115 रुपये महंगे हो गए हैं. यह बदलाव 7 मार्च से लागू होने जा रहा है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के मुताबिक, दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गई है.
दूसरे शहरों में भी बढ़ी कीमत
कीमतों में बढ़ोतरी का यह असर दूसरे बड़े शहरों में भी देखने को मिल रहा है. मुंबई में कीमत बढ़कर 912.50 रुपये हो गई है, जबकि कोलकाता में अब इसकी कीमत लगभग 939 रुपये है. इसी तरह से चेन्नई में बदली हुई कीमत 928.50 रुपये प्रति सिलेंडर है.
क्यों अचानक से बढ़ी कीमतें?
LPG की कीमतों में बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में पनपा तनाव है. ईरान और इजरायल के बीच जंग की वजहैं से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई चेन पर असर पड़ने का संकट गहराता जा रहा है. होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को बंद करने का ईरान का फैसला अब दुनिया पर भारी पड़ता नजर आ रहा है क्योंकि दुनिया का लगभग 20-25 परसेंट तेल और गैस इसी रास्ते से होकर गुजरता है. इस रास्ते को ब्लॉक करने से सऊदी अरब से लेकर यूएई और कुवैत जैसे बड़े देशों का ऑयल एक्सपोर्ट रुक जाएगा.
अब सप्लाई कम होगी, तो देश ज्यादा से ज्यादा मात्रा में ऑयल स्टोर करने की होड़ में लग जाएंगे. इससे जाहिर तौर पर डिमांड बढ़ेगी. ऐसे में कीमत का 85-90 डॉलर के पार उछलना लाजिमी है. जैसा कि हम जानते हैं कि भारत अपनी जरूरत का 85 परसेंटतक कच्चा तेल दूसरे देशों से मंगाता है. अब क्रूड ऑयल महंगा होगा, तो सरकारी कंपनियां घाटे से बचने के लिए घरेलू स्तर पर कीमतें बढ़ाएंगी जैसे कि आज से LPG की कीमतें बढ़ा दी गई हैं. कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से डीजल की भी कीमत बढ़ेगी, जिससे माल ढुलाई पर खर्चबढ़ जाएगा.ऐसे में सब्जियों से लेकर फल हर एक चीज महंगी हो जाएगी.
रुपये पर बढ़ता दबाव
जब क्रूड की कीमतें बढ़ती हैं, तो भारत को डॉलर में ज्यादा भुगतान करना पड़ता है. इससे ढॉलर की डिमांड बढ़ जाती है और रुपया कमजोर पड़ जाता है. कमजोर रुपया आयात को और महंगा कर देता है. अब आयात महंगा होगा, तो चीजों की कीमतें भी बढ़ेंगी. आपको बता दें कि दुनियाभर में गैस की डिमांड बढ़ने और सप्लाई कम होने से ‘सऊदी आरामको’ जैसी कंपनियों ने अपनी दरों में बदलाव किया है, जिसका असर भारत पर दिख रहा है.
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