समुद्र सिर्फ घूमने या छुट्टियां बिताने की जगह नहीं है. यही समुद्र दुनिया के व्यापार की सबसे बड़ी ताकत है. दुनिया का लगभग 90 प्रतिशत सामान समुद्री रास्ते से एक देश से दूसरे देश तक पहुंचाया जाता है. चाहे वह कच्चा तेल हो, गाड़ियां हों, अनाज हो या रोजमर्रा के सामान. इन सभी चीजों को सुरक्षित और समय पर पहुंचाने की जिम्मेदारी मर्चेंट नेवी निभाती है. भारत जैसे देश के लिए समुद्री व्यापार बहुत जरूरी है. भारत में कई बड़े और छोटे बंदरगाह हैं, जहां से हर दिन करोड़ों रुपये का आयात-निर्यात होता है.
इसी वजह से मर्चेंट नेवी आज युवाओं के लिए एक आकर्षक और हाई-सैलरी वाला करियर ऑप्शन बन गया है. अगर आप 12वीं के बाद कुछ अलग, रोमांचक और सम्मानजनक करियर बनाना चाहते हैं, तो मर्चेंट नेवी आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है. तो आइए जानते हैं कि मर्चेंट नेवी में जॉब कैसे मिलती है और इसमें 12वीं के बाद करियर कैसे बनाएं.
मर्चेंट नेवी क्या है?
मर्चेंट नेवी वह सेवा है जो समुद्र के रास्ते माल और यात्रियों को एक देश से दूसरे देश तक पहुंचाती है. यह सेना का हिस्सा नहीं है. इसे अक्सर लोग भारतीय नौसेना से जोड़ देते हैं, लेकिन दोनों अलग हैं. Indian Navy देश की रक्षा के लिए काम करती है. मर्चेंट नेवी का काम व्यापारिक जहाजों के जरिए माल ढुलाई करना है. मर्चेंट नेवी पूरी तरह से कमर्शियल सेक्टर है, जहां सैलरी, प्रमोशन और अवसर प्राइवेट कंपनियों के आधार पर तय होते हैं.
मर्चेंट नेवी में जॉब कैसे मिलती है
मर्चेंट नेवी में जॉब पाने के लिए सबसे पहले 10वीं या 12वीं के बाद अपनी रुचि के अनुसार डेक, इंजन या जीपी रेटिंग का कोर्स किसी Directorate General of Shipping से मान्यता प्राप्त संस्थान से करना जरूरी होता है. डिग्री कोर्स के लिए आमतौर पर Indian Maritime University की प्रवेश परीक्षा पास करनी पड़ती है.कोर्स और मेडिकल फिटनेस पूरी करने के बाद CDC (Continuous Discharge Certificate) बनवाया जाता है, फिर शिपिंग कंपनियों में आवेदन या कैंपस प्लेसमेंट के जरिए चयन होता है, जिसके बाद जहाज पर ट्रेनी या कैडेट के रूप में नौकरी शुरू होती है.
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12वीं के बाद मर्चेंट नेवी में करियर कैसे बनाएं?
1. जीपी रेटिंग कोर्स – अगर आप जल्दी नौकरी शुरू करना चाहते हैं, तो जीपी रेटिंग कोर्स एक एंट्री-लेवल ऑप्शन है, जिसकी अवधि लगभग 6 महीने होती है और इसे 10वीं या 12वीं के बाद किया जा सकता है. इस कोर्स के बाद आप जहाज के डेक या इंजन विभाग में सहायक के रूप में काम शुरू कर सकते हैं.
2. डेक डिपार्टमेंट – अगर आपका इंटरेस्ट जहाज चलाने और नेविगेशन में है, तो आप डेक डिपार्टमेंट में जा सकते हैं, जिसके लिए डिप्लोमा इन नॉटिकल साइंस (1 वर्ष) या बीएससी इन नॉटिकल साइंस (3 वर्ष) किया जाता है, इस क्षेत्र में करियर की शुरुआत डेक कैडेट से होती है और एक्सपीरियंस व परीक्षाओं के आधार पर आप थर्ड ऑफिसर, सेकंड ऑफिसर और आगे चलकर कैप्टन तक बन सकते हैं.
3. इंजन डिपार्टमेंट – अगर आपको मशीन, इंजन और तकनीकी कार्यों में दिलचस्पी है, तो इंजन डिपार्टमेंट यानी मरीन इंजीनियरिंग आपके लिए बेहतर ऑप्शन है. इसके लिए 4 साल का बीटेक इन मरीन इंजीनियरिंग किया जा सकता है या फिर पहले से इंजीनियरिंग डिग्री होने पर 1 साल का ग्रेजुएट मरीन इंजीनियरिंग (GME) कोर्स किया जा सकता है. इस विभाग में आप जूनियर इंजीनियर से शुरुआत करके एक्सपीरियंस और प्रमोशन के जरिए चीफ इंजीनियर तक पहुंच सकते हैं,
4. इलेक्ट्रो टेक्निकल ऑफिसर – अगर आपने इलेक्ट्रिकल या इलेक्ट्रॉनिक्स से पढ़ाई की है, तो ETO कोर्स करके जहाज पर इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं.
सैलरी कितनी मिलती है?
मर्चेंट नेवी को हाई सैलरी वाले करियर ऑप्शन में गिना जाता है, लेकिन वेतन पद, एक्सपीरियंस और जहाज के प्रकार पर निर्भर करता है. शुरुआत में जब कोई उम्मीदवार डेक कैडेट, जीपी रेटिंग या जूनियर इंजीनियर के रूप में जॉइन करता है, तो उसकी सैलरी आमतौर पर 30,000 से 60,000 प्रति माह के बीच होती है. जैसे-जैसे एक्सपीरियंस बढ़ता है और व्यक्ति अधिकारी रैंक तक पहुंचता है, तो वेतन 1 लाख से 3 लाख प्रति माह तक हो सकता है. वहीं अगर कोई कैप्टन या चीफ इंजीनियर जैसे शीर्ष पद तक पहुंच जाता है, तो उसकी मासिक आय 8 लाख से 15 लाख या उससे भी ज्यादा हो सकती है.
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