इस्लामाबाद17 मिनट पहले
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पाकिस्तान पर तालिबान के हमले का यह फुटेज टोलो न्यूज ने जारी किया है।
अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर गुरुवार देर रात हमला कर दिया है। कुनार प्रांत में तालिबान लड़ाकों के हमले में पाकिस्तानी सेना के 40 जवान मार गए हैं।
यह जानकारी टोलो न्यूज ने तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के हवाले से दी है। इनमें से 13 शव लौटा दिए गए हैं। वहीं अफगान सैनिकों ने पाकिस्तानी सेना की 15 चौकियों पर कब्जा भी कर लिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, नंगरहार, नूरिस्तान, कुनार, खोस्त, पक्तिया और पक्तिका जैसे बॉर्डर इलाकों में दोनों पक्षों में संघर्ष जारी है। ये चौकियां नंगरहार के गोश्ता जिले और कुनार प्रांत में डूरंड लाइन के पास स्थित है।
पाकिस्तान ने 22 फरवरी को अफगानिस्तान के भीतरी इलाकों में हवाई हमले किए थे। उसका कहना था कि ये हमले पाकिस्तानी तालिबान (TTP) और इस्लामिक स्टेट से जुड़े ठिकानों पर किए गए हैं।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने बताया था कि यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी और जरूरत पड़ने पर आगे भी ऐसे ऑपरेशन किए जाएंगे।
पाकिस्तान पर तालिबान के हमले का वीडियो…
पाकिस्तान ने TTP और ISIS के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी
इससे पहले रविवार को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया था कि सीमावर्ती इलाकों में TTP के ठिकानों पर कार्रवाई में कम से कम 70 लड़ाके मारे गए। बाद में पाकिस्तानी अखबार डॉन ने यह संख्या 80 तक पहुंचने का दावा किया था।

अफगानिस्तान का नंगरहार का बड़ा इलाका पाकिस्तानी हमले के बाद आग की लपटों में घिर गया था। (सोर्स- X)
तालिबान ने कहा था वक्त आने पर कड़ा जवाब देंगे
अफगानिस्तान ने इन हमलों की कड़ी निंदा की थी। तालिबान का कहना था कि हमलों में आम नागरिकों को निशाना बनाया गया। टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, नंगरहार में एक घर पर हमले के बाद एक ही परिवार के 23 लोग मलबे में दब गए थे।
वहीं, अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान को ‘सही समय पर कड़ा जवाब’ दिया जाएगा। मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था।
पाकिस्तान लंबे समय से तालिबान सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे। इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहे हैं, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है।
पाकिस्तानी शिया मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान ब्लास्ट हुआ था
पाकिस्तान ने सोमवार को जब अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक की थी, इससे कुछ घंटे पहले खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में सुरक्षा काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें दो सैनिक, जिनमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल भी मारे गए।
16 फरवरी को पाकिस्तान के बाजौर में विस्फोटकों से भरी गाड़ी सुरक्षा चौकी से टकरा दी गई थी। इस हमले में 11 सैनिक और एक बच्चे की मौत हुई। अधिकारियों ने हमलावर को अफगान नागरिक बताया था।
इससे पहले 6 फरवरी को इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के दौरान शिया मस्जिद (इमामबाड़ा) में आत्मघाती हमला हुआ था। पाकिस्तानी अखबार द डॉन के मुताबिक, हमले में 31 लोगों की मौत हो गई है और 169 घायल हुए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी।
अक्टूबर में हिंसक झड़पों के बाद तनाव बढ़ा
अक्टूबर में सीमा पर हुई झड़पों में दोनों तरफ के सैनिकों और नागरिकों की मौत के बाद से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं। कतर की मध्यस्थता से 19 अक्टूबर को युद्धविराम हुआ था, लेकिन तुर्किये के इस्तांबुल में वार्ता औपचारिक समझौते तक नहीं पहुंच सकी।
दरअसल, 9 अक्टूबर को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों पर हवाई हमले हुए थे। तालिबान का कहना था कि ये हमले पाकिस्तान ने किए थे।
हालांकि पाकिस्तान ने साफ तौर पर ये नहीं कहा कि ये हमले उसने किए, लेकिन उसने तालिबान को चेतावनी दी कि वह अपनी जमीन पर TTP को पनाह न दे।

पाकिस्तान ने पिछले साल 9 अक्टूबर को काबुल में रिहायशी इलाके में एयरस्ट्राइक की थी।
दोनों देशों के बीच पहले भी हुआ है तनाव
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड लाइन को लेकर लंबे समय से विवाद है। दोनों देश एक-दूसरे पर हमले और आतंकियों को छिपाने का आरोप लगाते रहते हैं। 2021 में अफगानिस्तान हुकूमत पर तालिबान के कंट्रोल के बाद से तनाव और बढ़ गया है।

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पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने सोमवार को बताया कि अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों पर कार्रवाई की गई। उनके मुताबिक कम से कम 70 लड़ाके मारे गए। पढ़ें पूरी खबर…



