
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट यानी NMIA ने अपनी सुविधा पर डिजीयात्रा (DigiYatra) सेवा की शुरुआत की घोषणा की है। वाणिज्यिक संचालन शुरू होने के लगभग दो महीने बाद एयरपोर्ट ने यह डिजिटल सुविधा लागू की है, जिससे यात्रियों को तेज और संपर्क-रहित प्रवेश का लाभ मिलेगा। एयरपोर्ट प्रबंधन द्वारा जारी बयान के अनुसार, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के देशव्यापी डिजीयात्रा अभियान के तहत देश के पांच अन्य हवाई अड्डों के साथ इस सुविधा को अपनाया है।
दूरस्थ रूप से हुआ उद्घाटन
डिजीयात्रा सेवा का उद्घाटन दूरस्थ (रिमोट) माध्यम से किया गया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण टर्मिनल के अंदर मौजूद यात्रियों के लिए किया गया। इस मौके को खास बनाने के लिए तीन यात्रियों ने प्रतीकात्मक रूप से डिजीयात्रा ई-गेट का उपयोग किया और बायोमेट्रिक एंट्री प्वाइंट पर रिबन कटिंग भी की।
क्या है डिजीयात्रा?
DigiYatra एक डिजिटल पहल है, जो फेस रिकग्निशन तकनीक के जरिए यात्रियों को बिना कागजी दस्तावेज दिखाए और बिना संपर्क के एयरपोर्ट पर प्रवेश और प्रोसेसिंग की सुविधा देती है। इस तकनीक की मदद से:
- एयरपोर्ट एंट्री और चेक-इन प्रक्रिया तेज होती है
- लंबी कतारों में कमी आती है
- यात्री अनुभव अधिक सहज और सुरक्षित बनता है
- एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, डिजीयात्रा प्रणाली में डेटा गोपनीयता और सुरक्षा के कड़े मानकों का पालन किया गया है, जिससे यात्रियों की निजी जानकारी सुरक्षित रहती है।
- डिजीयात्रा के लागू होने से नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रा अनुभव अब पहले से अधिक तेज, स्मार्ट और सुविधाजनक हो गया है।
पूरी क्षमता पर 9 करोड़ यात्रियों को संभालने की तैयारी
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसके चारों रनवे पूरी तरह चालू होने के बाद यह हर साल 90 मिलियन (9 करोड़) से अधिक यात्रियों को संभाल सके। फिलहाल एयरपोर्ट का संचालन टर्मिनल-1 से किया जा रहा है, जिसकी सालाना क्षमता लगभग 20 मिलियन (2 करोड़) यात्रियों की है। चरणबद्ध विकास योजना के तहत आगे चलकर इसकी क्षमता में और विस्तार किया जाएगा। इस परियोजना को गति पिछले वर्ष अक्टूबर में मिली, जब पीएम मोदी ने एयरपोर्ट का औपचारिक उद्घाटन किया। नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मुंबई महानगर क्षेत्र में बढ़ते हवाई यातायात के दबाव को कम करने और भविष्य की एविएशन जरूरतों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


