दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर सुर्खियों में है। ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव के कारण पहले से ही इस जलमार्ग पर आवाजाही प्रभावित है, लेकिन अब तीन बड़े जहाजों की रहस्यमयी मूवमेंट ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। ये जहाज पुराने रास्ते की बजाय ओमान के तट के पास से गुजरते हुए स्ट्रेट में दाखिल होते नजर आए, जिससे एक वैकल्पिक रूट की संभावना सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दो बड़े ऑयल सुपरटैंकर और एक एलएनजी (LNG) जहाज गुरुवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में प्रवेश करते दिखे। खास बात यह रही कि ये तीनों जहाज ओमान के तट के बेहद करीब से होकर गुजरे, जबकि आमतौर पर जहाज ईरान के जलक्षेत्र से होकर गुजरते हैं। इन जहाजों का संचालन ओमान की एक शिप मैनेजमेंट कंपनी द्वारा किया जा रहा है और सभी जहाज खुद को ओमानी बता रहे थे।
क्यों बदला गया रास्ता?
दरअसल, मौजूदा तनाव के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर काफी हद तक रोक जैसी स्थिति बनी हुई है। ईरान ने कुछ देशों के जहाजों को अपने जलक्षेत्र से गुजरने की अनुमति दी है, लेकिन इसके साथ शर्तें और संभावित शुल्क भी जोड़े जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि ईरान इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से भारी शुल्क (टोल) वसूलने की योजना बना रहा है, जो प्रति यात्रा 2 मिलियन डॉलर तक हो सकता है। ऐसे में जहाज कंपनियां वैकल्पिक रास्ते तलाश रही हैं।
सिग्नल बंद होने से बढ़ा रहस्य
इन तीनों जहाजों ने जब ओमान के मुसंदम प्रायद्वीप के पास पहुंचकर स्ट्रेट में प्रवेश किया, तो अचानक उनके ट्रैकिंग सिग्नल बंद हो गए। इससे उनकी आगे की यात्रा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। एक्सपर्ट का मानना है कि इस क्षेत्र में सिग्नल जैमिंग और स्पूफिंग की घटनाएं भी बढ़ गई हैं, जिससे जहाजों की सही लोकेशन ट्रैक करना मुश्किल हो गया है।
ग्लोबल मार्केट पर असर
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस की सप्लाई होती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर पड़ता है। हाल के घटनाक्रम से तेल की कीमतों में तेजी देखी गई है और अंतरराष्ट्रीय दबाव भी बढ़ रहा है।


